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Haryana: चार मासूमों की मौत पर मानवाधिकार आयोग सख्त, अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट; ईंट भट्ठा मालिक को नोटिस
Wed, 30 Jul 2025 10:47 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 30 Jul 2025 10:47 AM IST
सार
मृतक बच्चे उत्तर प्रदेश के प्रवासी मज़दूरों के थे, जो उक्त ईंट भट्ठे में कार्यरत थे। बच्चे रात को एक दीवार के पास सो रहे थे, जो अचानक गिर गई और मलबे में दबकर उनकी मौत हो गई।
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हरियाणा मानवाधिकार आयोग
- फोटो : फाइल
विस्तार
हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने हिसार के बुडाना गांव में 22 दिसंबर 2024 की रात एक दर्दनाक हादसे में चार बच्चों की मौत पर गंभीर संज्ञान लिया है। यह हादसा एक ईंट भट्ठे की दीवार गिरने से हुआ था, जिसमें चार मासूमों की जान चली गई और तीन अन्य घायल हो गए थे। यह मामला के.एस. नागरा, मानवाधिकार कार्यकर्ता द्वारा दायर शिकायत के माध्यम से आयोग के संज्ञान में आया।
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अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा और सदस्यों कुलदीप जैन एवं दीप भाटिया को मिलकर बने पूर्ण आयोग ने पाया कि मृतक बच्चे उत्तर प्रदेश के प्रवासी मज़दूरों के थे, जो उक्त ईंट भट्ठे में कार्यरत थे। बच्चे रात को एक दीवार के पास सो रहे थे, जो अचानक गिर गई और मलबे में दबकर उनकी मौत हो गई। यह दर्शाता है कि मजदूर और उनके परिवार अत्यंत अमानवीय और असुरक्षित परिस्थितियों में रह रहे थे। प्रारंभिक निरीक्षण में इस घटना को मानव अधिकारों का गंभीर उल्लंघन और प्रशासनिक विफलता करार दिया है।
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हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने पाया कि मजदूरों की स्थिति बंधुआ मज़दूरी जैसी प्रतीत होती है, जो कि बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम, 1976 के तहत निषिद्ध है।
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न्यायमूर्ति ललित बत्रा की अध्यक्षता वाले पूर्ण आयोग ने कहा है कि संबंधित ईंट भट्ठा मालिक की यह नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी थी कि वह मजदूरों के लिए सुरक्षित आवास, स्वच्छ जल, शौचालय और कार्यस्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करे। आयोग ने इसे अनुच्छेद 21 (जीवन के अधिकार) तथा बाल अधिकारों के अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन का स्पष्ट उल्लंघन माना है।
हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने अपने आदेश में अधिकारियों को आठ सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं
1. उपायुक्त, हिसार को यह बताने को कहा गया है कि क्या पीड़ित परिवारों को मुआवज़ा दिया गया है? यदि नहीं, तो किन सरकारी योजनाओं के तहत उन्हें सहायता दी जा सकती है?
2. हिसार के पुलिस आयुक्त से पूछा गया है कि इस घटना को लेकर कोई एफआईआर दर्ज हुई है या नहीं, और यदि हुई है तो उसकी वर्तमान स्थिति क्या है?
3. सहायक श्रम आयुक्त, हिसार को बंधुआ मजदूरी की स्थिति की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
4. जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी/लाइसेंसिंग प्राधिकारी से भट्ठों की नियमित जांच और परिचालन स्थिति पर रिपोर्ट मांगी गई है।
5. हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी से ईंट भट्ठों पर पर्यावरणीय मानकों के पालन की स्थिति पर रिपोर्ट मांगी गई है।
6. ईंट भट्ठा मालिक को नोटिस जारी कर श्रमिकों के लिए सुरक्षा और आवासीय सुविधाओं की कमी पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
प्रोटोकॉल, सूचना एवं जन संपर्क अधिकारी डॉ. पुनीत अरोड़ा ने जानकारी दी कि पूर्ण आयोग के अनुसार ने यह ऐसी त्रासदी थी, जिसको केवल क़ानून के पालन और न्यूनतम मानवीय सुविधाएं देने से रोकी जा सकती थी। इस मामले में अगली सुनवाई की 14 अक्टूबर 2025 तय की गई है| इस तिथि से पहले उपरोक्त सभी अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट आयोग के सामने प्रस्तुत करनी है|