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Bhiwani News: आठ साल तक किया कपड़े सिलाई का काम, अब पैरा एशियन में सिल्वर जीत बढ़ाई देश की शान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 27 Oct 2023 11:46 PM IST
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Worked in sewing clothes for eight years, now won silver in Para Asian and brought pride to the country
पदक विजेता ​खिलाड़ी प्रदीप सैनी।
भिवानी। आठ साल तक रोजाना गांव से साइकिल पर शहर आकर एक टेलर की दुकान पर कपड़ों की सिलाई करने वाला आज पैरा एशियन खेलों में तिरंगे को लहराकर बुलंदियों तक पहुंच गया है। भिवानी जिले के छोटे से गांव ढाणी नौरंगाबाद निवासी प्रदीप सैनी (35) ने चीन में चल रहे गेम्स में सीनियर वर्ग में डिस्कस थ्रो में सिल्वर मेडल जीता है।
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खेल विभाग में बतौर खेल प्रशिक्षक के तौर पर प्रदीप सैनी अब अपनी सेवाएं दे रहे हैं। खेलों में उसका शुरुआती दौर काफी संघर्षपूर्ण और चुनौतियाें भरा रहा है। प्रदीप के चाचा बलवान सिंह सैनी का कहना है कि उन्होंने गरीबी को काफी नजदीकी से देखा है, लेकिन उसके भतीजे का हौसला कभी कम नहीं हुआ। प्रदीप ने 2012 में अपने खेल कॅरिअर की शुरुआत की थी। प्रदीप रोजाना साइकिल पर अपने गांव से शहर के फैंसी चौक स्थित चांद टेलर के यहां कपड़े सिलाई का काम करता था। रोजाना सुबह-शाम भीम स्टेडियम में डिस्कस थ्रो खेल का अभ्यास करता और देर रात तक वापस साइकिल से ही लौटता था। उसके पिता पहलवान गांव में मेहनत-मजदूरी का काम करते थे।
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एक साल पहले ही पिता का निधन हो गया है। जबकि मां ओमली देवी बेटे की जीत पर गर्व महसूस कर रही है। चार भाई-बहनों में प्रदीप तीसरे नंबर पर है। उसका बड़ा भाई सतबीर हलवाई का काम करता है। उसके बाद बहन अंगुरी देवी और फिर प्रदीप है। सबसे छोटी बहन सुनीता है। दोनों ही बहन व बड़ा भाई शादीशुदा है। जबकि प्रदीप अभी अविवाहित है।
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चाचा बलवान सिंह ने बताया कि प्रदीप जब सात साल का था तो उसके पैर में पहले तो फुंसी हुई और फिर वह फोड़ा बन गया। जिसका असर पांव की हड्डी तक पहुंच गया और नौबत पैर काटे जाने तक आ पहुंच गई थी। मगर डॉक्टरों ने स्थिति संभाल ली और प्रदीप का एक पांव अंदर की तरफ मुड़ गया। प्रदीप ने शुरुआत से ही जिस काम व खेल में आगे बढ़ा पूरी निष्ठा और लगन से लगा रहा। यही वजह है कि उसका भतीजा लंदन के वर्ल्ड पैरा चैंपियनशिप सहित चीन के पैरा एशियन चैंपियनशिप में देश के लिए मेडल जीतकर परिवार का सीना भी चौड़ा कर रहा है। प्रदीप का संघर्ष जितना रोचक है उसकी खेल उपलब्धियां भी उतनी ही अपार हैं।
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ये हैं खेल उपलब्धियां
-2012 में बंगलुरू में नेशनल खेलों में ब्रॉन्ज मेडल जीता
-2012 में सीनियर नेशनल खेलों में ब्रॉन्ज मेडल जीता
-2014- पंचकूला में नेशनल खेलों में गोल्ड मेडल जीता
-2017 में जयपुर में आयोजित नेशनल खेलों में गोल्ड मेडल-2018 में पंचकूला में नेशनल खेलों में ब्रॉन्ज मेडल जीता
-2018 में बंगलुरू में हुई नेशनल ओपन एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीता
-2018 में दुबई में हुई इंटर नेशनल चैंपियनशिप में दो गोल्ड और एक ब्रॉन्ज जीता
-2018 में पैरा एशियन गेम्स इंडोनेशिया में सिल्वर मेडल जीता
-2017 में वर्ल्ड चैंपियनशिप लंदन के पैरा एथलीट में मेडल जीता
-2019 पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता
-2021 में दुबई में हुए पैरा एथलीट में सिल्वर मेडल जीता
-2023 पैरा एशियन चैंपियनशिप चाइना में चल रहे चक्का फेंक में सिल्वर मेडल
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