फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   Women are financially strengthening each other to remove the poor

गरीबों को दूर करने के लिए एक-दूसरे को आर्थिक रूप से मजबूत कर रहीं महिलाएं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Mar 2022 12:20 AM IST
विज्ञापन
Women are financially strengthening each other to remove the poor
गांव ढाणा लाडनपुर निवासी सुनीता देवी। संवाद - फोटो : Bhiwani
संजय वर्मा
विज्ञापन

भिवानी। जिंदगी में एक दौर ऐसा भी आया कि खुद की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए दूसरों के आगे हाथ फैलाना पड़ा। मगर स्वावलंबी महिलाओं ने जब ठाना की गरीबी को दूर भगाना है तो संगठन जागृति की मशाल उनके खूब काम आई। इन महिलाओं ने गांव में महिला जागृति नाम से स्वयं संगठन बनाया और फिर थोड़ी-थोड़ी बचत से खुद का बचत बैंक खोल डाला, जिससे न केवल खुद की मुसीबतें टली, बल्कि दूसरों की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में भी नारी शक्ति सक्षम हो गईं। हम यहां बात कर रहे हैं गांव ढाणा लाडनपुर की सुनीता देवी की।
38 वर्षीय सुनीता देवी ने गांव की 11 महिलाओं के साथ स्वयं सहायता समूह की शुरूआत सितंबर 2012 में की थी। उस समय इन महिलाओं ने थोड़ी-थोड़ी बचत से एक निश्चित राशि से बचत बैंक खोल दिया। इन महिलाओं ने शुरुआत में पांच हजार रुपये का कर्ज भी उठाया था। जिसे उसी बैंक की बचत से बाद में चुकता भी कर दिया। इसके बाद तो इन महिलाओं के कदम नहीं रुके और दूसरों को भी कामयाबी की राह दिखा दी। सुनीता देवी बताती हैं कि उनके समूह की शुरुआत के बाद अब गांव में करीब 40 महिला समूह बन चुके हैं, जिनमें करीब 400 महिलाएं खुद का कारोबार कर रही हैं। ये महिलाएं घर के अंदर ही मशालें बनाने, कॉस्मेटिक्स का सामान बनाने, किराने की दुकान चलाने, पशुपालन, चूड़ी बनाने का कारोबार कर रही हैं।
विज्ञापन

गांव ढाणा लाडनपुर की सुनीता देवी बारहवीं पास थीं, लेकिन महिला जागृति संगठन की शक्ति हाथ में आई तो जागृति की मशाल भी जल उठी। उसने खुद भी बीए तक पढ़ाई पूरी की और फिर अन्य महिलाओं के साथ मिलकर स्वंय सहायता समूहों को मजबूत करने की ठानी। सुनीता का नारा है गरीबी को दूर भगाना है। उनका कहना है कि जब तक गरीबी के बोझ तले परिवार दबे रहेंगे, उनमें जागृति नहीं आ सकती, इसमें एक बड़ी बाधा अशिक्षा भी है। उनका कहना है कि गांव में उनके समूह की शुरुआत के थोड़े समय बाद सात समूह महिलाओं के बने थे, अब गांव में 40 से अधिक समूह की 400 से ज्यादा महिलाएं खुद अपने पैरों पर खड़ी हैं। अब खुद सुनीता देवी भी आसपास के 25 गांवों में महिला समूहों की निगरानी का जिम्मा संभाल रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पांच हजार रुपये लोन लेकर की शुरुआत
सुनीता देवी ने बताया कि आर्थिक तंगी थी तो उसने पांच हजार रुपये का लोन लिया था, जिसे चुकता किया तो फिर उसने 50 हजार का लोन लिया। इसके बाद सभी महिलाओं ने आपसी बचत से खुद का कारोबार खड़ा कर लिया। अब उनके जागृति संगठन का सालाना लेनदेन 30 लाख से अधिक का होता है। ये सब लेन-देन महिलाओं के बचत बैंक के माध्यम से हो रहा है। जिसमें महिलाएं कभी भी अपनी छोटी मोटी जरूरतों को पूरा करने के लिए बिना किसी झिझक के पैसा उठा सकती हैं। उसे अब किसी के आगे हाथ फैलाने की जरूरत नहीं।
खुद का बनाया आशियाना
सुनीता देवी ने बताया कि महिलाओं की एकता की शक्ति जागृति संगठन के माध्यम से ऐसी जुड़ी की उनकी तो किस्मत ही बदल गई। सुनीता ने बताया कि उसने अब गांव में खुद का नया घर बना लिया है और अपनी बीए तक की पढ़ाई भी पूरी कर ली है। वहीं उसकी सहयोगी महिला सोनू ने अपने पति को नया ऑटो रिक्शा अपनी बचत बैंक के पैसों से दिलाया है। इसी तरह अन्य महिलाओं ने भी अपने परिवार की स्थिति को काफी मजबूत किया और उनकी मासिक व सालाना आमदनी का स्थायी जरिया बनाने में मदद की। (संवाद)

महिलाओं का कर रहे मार्गदर्शन
हम उन महिलाओं का मार्गदर्शन कर उन्हें अपने पैरों पर खड़ा होकर स्वावलंबी बनाने में मदद करते हैं, जो अपनी पारिवारिक परिस्थितियों में घिरी होने के बावजूद उधेड़बुन में फंसी रहती हैं। ऐसी महिलाओं को खुद का कारोबार शुरू कराने और महिला समूहों में काम करने के लिए प्रेरित किया जाता है। जिससे ये महिलाएं खुद तो मजबूत होती ही हैं, दूसरों की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने में भी मददगार बन जाती हैं। जिले में कई ऐसे महिला स्वयं सहायता समूह चल रहे हैं जो दूसरों के लिए भी प्रेरणादायक बने हैं।
-सीखा राणा, जिला समन्वयक, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन भिवानी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed