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Bhiwani News: आखिर कब मिलेगा शहर को जल संकट से छुटकारा, भंडारण तो ठीक व्यवस्था नकारा

Mon, 27 May 2024 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 27 May 2024 10:57 PM IST
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When will the city finally get relief from water crisis, proper storage system is denied.
शहर के महम रोड ​स्थित जलघर का टैंक। 
भिवानी। आखिर कब शहर को जल संकट से छुटकारा मिलेगा, यह सवाल हर शहरवासी के जुबां पर है, लेकिन शायद अधिकारियों के पास इसका कोई जवाब नहीं है। नहरों में पानी आने पर शहरी दायरे में केवल एक पखवाड़े तक ही नियमित पेयजल आपूर्ति होती है, इसके बाद शहरवासी राशनिंग ही झेलते हैं।
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मई राशनिंग में गुजरा, अब जून में भी पेयजल किल्लत लोगों के पसीने छुड़ाएगी। सिंचाई विभाग ने नहरी सिस्टम को अपग्रेड कर दिया है। इसके बाद नहरों में पहले से कहीं अधिक पानी का बहाव बढ़ा है। लेकिन जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग अब भी करीब ढाई दशक पुराने पंपिंग स्टेशनों के सहारे ही जलघर टैंकों को भरने की जुगत लगा रहा है। बावजूद टैंक खाली ही रह जाते हैं।
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भिवानी शहर में तीन मुख्य जलघर बने हैं। इनमें पुराना जलघर की अमृत योजना के तहत दो नए वाटर टैंक बनाने के बाद काफी बढ़ गई है। कायदे से अगर पुराने जलघर के दो नए वाटर टैंक भी भर दिए जाए तो 22 दिन तक नियमित आपूर्ति में कोई दिक्कत नही आती, लेकिन हर बार नहर आने पर ये दोनों ही टैंक खाली रह जाते हैं। इसकी एक वजह यह है कि नहरों पर लगाए गए पंपिंग स्टेशनों से पुराने जलघर के पुराने टैंक तो भर जाते हैं, मगर इन्हें भरना नामुमकिन है। क्योंकि ये टैंक आठ से दस फूट ऊंचाई पर बने हैं, जबकि पंपिंग स्टेशन केवल भूमि के अंदर बने टैंकों को भरने में ही सक्षम हैं।
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अब नए टैंक बनने के बाद भी पुराना शहर पानी की आफत झेल रहा है। यही हाल डाबर कॉलोनी और निनान जलघर का है। ये दोनों ही नए जलघर हैं, जिनकी आपूर्ति शहर की नई विकसित कॉलोनियों में ही दी जा रही है। जबकि यहां बने टैंक भी आधुनिक हैं। पानी से लबालब भरे जाने पर भी ये केवल 20 से 25 दिन तक ही काम चला पाते हैं। सिंचाई विभाग के नहरी पानी शेड्यूल के हिसाब से नहरों में आठ दिन पानी चलने के बाद 32 दिनों तक बंद रखा जाता है। यानी 40 दिन में सिर्फ आठ दिन ही एक नहर को पानी मिलता है।

लगातार 16 दिन तक मिलता है हर बार शहरी जलघरों को पानी
सिंचाई विभाग की नहरों में पानी का शेड्यूल भले ही आठ दिन का है, लेकिन शहरी दायरे के जलघरों को लगातार 16 दिन तक नहरी पानी मिलता है। इसकी वजह यह है कि जूई और मित्ताथल सिस्टम के अलावा निगाना फीडर से भी जलघर के टैंकों को चैंनलों से जोड़ा गया है। जूई और मित्ताथल में एक ही साथ आठ दिन तक नहरी पानी मिलता है। इनमें बंद होने के बाद निगाना फीडर से भी फिर आठ दिन शहरी जलघर टैंकों को आठ दिन तक नहरी पानी भंडारण के लिए मिलता है। अगर 16 दिनों में भी पानी के टैंक नहीं भरे जाते हैं तो फिर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग शहरवासियों की प्यास बुझाने में पूरी तरह से सक्षम नहीं है।

राशनिंग के साथ शहर झेल रहा है गंदे पानी की आपूर्ति का दंश
शहर पानी की राशनिंग ही नहीं बल्कि गंदे पानी की आपूर्ति का भी दंश झेलता है। गर्मियों की शुरुआत में ही जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारी पानी को लेकर हाथ खड़े कर देते हैं, जबकि भीषण गर्मी में भी लोगों को पीने का पानी नसीब नहीं हो रहा है। मई के अंत में पानी की राशनिंग लागू हो चुकी है। शहरी दायरे में एक दिन छोड़ एक दिन पानी दिया जा रहा है। ऐसे में अब रोजाना ही शहर के किसी न किसी हिस्से में लोग पानी की मांग को लेकर सड़कों पर उतर रोष जताने पर मजबूर होंगे।
फिलहाल आठ जून तक क्लोजर लिया हुआ है। नौ जून के बाद ही सुंदर ग्रुप की जूई, मित्ताथल और सुंदर सब ब्रांच में पानी आएगा। इस बार डिमांड के अनुरूप नहरी पानी मिलने की उम्मीद है। मुख्य नहरों के अंदर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अपने लिफ्टिंग सिस्टम लगे हैं, जिनके जरिए जलघर के टैंकों को भरा जाता है। सिंचाई विभाग ने नहरों को अपग्रेड किया है, लेकिन इसके बावजूद जनस्वास्थ्य विभाग के पंपिंग स्टेशन अब भी पुराने पैटर्न से ही काम कर रहे हैं। टैंकों तक पर्याप्त पानी पहुंचाना जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की जिम्मेदारी है।

-जितेंद्र मान, कार्यकारी अभियंता, भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी यमुना जल सेवाएं परिमंडल सिंचाई विभाग।
पुराने जलघर में सिर्फ सप्ताह भर नियमित सप्लाई का ही पानी बचा है। जबकि नहर में पानी आने में एक पखवाड़ा बचा है। ऐसे में शहर को एक दिन छोड़ एक दिन पानी की आपूर्ति दी जा रही है। जलघर के टैंकों को भरने के लिए विभाग के पंपिंग स्टेशनों की क्षमता भी बढ़ाई गई है। लेकिन जब नहर में ही पानी पर्याप्त नहीं होगा तो टैंकों तक पहुंचना मुश्किल है।
-ताजदीन, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।
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