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मांग 2200, नहरों में आया 1400 क्यूसेक पानी, लोगों को झेलनी पड़ेगी परेशानी

Fri, 18 Dec 2020 12:14 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 18 Dec 2020 12:14 AM IST
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water problem, people, supply
जलघर का टैंक। संवाद न्यूज एजेंसी - फोटो : Bhiwani
भिवानी। 16 दिसंबर को नहर में पानी आना था और सभी आस लगाए थे कि नहर में पानी आने के बाद शहर में पेयजल संकट खत्म हो जाएगा। मगर नहर में पानी आया तो सारी उम्मीद धराशायी हो गई। पहाड़ों में बर्फबारी की वजह से मैदानी इलाकों की नहरों में पानी मांग की अपेक्षा बहुत कम आया। इस समय पहाड़ों में हो रही बर्फबारी की वजह से यमुना का जलस्तर भी घट गया है। मोहला हेड से सुंदर ब्रांच की नहर में 2200 क्यूसेक के मुकाबले 1400 क्यूसेक पानी ही नहरों में पहुंचा है।
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बुधवार रात नहरों में पानी पहुंचा। नहरों में पानी आने से सूख चुके वाटर टैंकों को प्राथमिकता के आधार पर भरा जाएगा। नहर में पानी कम आने के कारण इस बार शहरवासियों को ही नहीं बल्कि जिला वासियों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। नहरों में कम पानी आने से टेल पर लगने वाले गांवों के वाटर टैंकों को भरना चुनौती बनेगी। इसके लिए सिंचाई विभाग के अधिकारी भी पानी टेल तक पहुंचाने की जुगत में लगे हैं। नहरों में 24 दिसंबर तक पानी चलेगा। डिमांड से काफी कम पानी पहुंचने पर सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं, वहीं जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी भी कम पानी मिलने से पेयजल आपूर्ति को सुचारु रखने में अब फिर से राशनिंग की प्लानिंग में जुटे हैं।
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सर्दियों के मौसम में पानी की खपत काफी कम हो गई हैं, लेकिन फिर भी पूरे शहर को रोजाना 40 एमएलडी तक पानी की डिमांड बनी हैं, जबकि गर्मियों में रोजाना 65 एमएलडी तक पानी की खपत होती है। इस डिमांड के अनुरूप शहरी पेयजल आपूर्ति में पानी दे पाना मुश्किल बन गया है, क्योंकि जो पानी नहरों में आया है उससे वाटर टैंक भर पाना भी मुश्किल हो रहा है।
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एक पखवाड़े से शहरवासी झेल रहे हैं पानी की राशनिंग
निर्धारित समय तक नहरों में पानी नहीं आने की वजह से करीब एक पखवाड़े से शहरवासी पानी की राशनिंग झेल रहे हैं। शहरी कॉलोनियों में एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति दी जा रही है। 16 दिसंबर की रात को नहरों में पानी पहुंचा है, लेकिन पानी डिमांड के अनुरूप आधा है तो टैंक भरने में भी समय लगेगा। इस वजह से राशनिंग को आगे भी बढ़ाने की संभावनाएं बनी हुई हैं।
पानी की कमी से परेशान लोग जता रहे रोष
पिछले करीब 15 दिन से शहर की लगभग सभी कॉलोनियों में पेयजल संकट गहराया हुआ है। विभाग की ओर से एक दिन छोड़ एक दिन पेयजल सप्लाई की जाती है, जो नाकाफी साबित हो रही है। ऐसे में लोग रोष जता रहे है। तोशाम बाइपास क्षेत्र के लोगों ने तो रोड जाम तक किया। बावजूद इसके समस्या का समाधान अभी नहीं हो पाया है।
वर्जन-
सुंदर ग्रुप की नहरों में 2200 क्यूसेक की डिमांड की गई थी, जबकि 1400 क्यूसेक पानी पहुंचा है। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी की वजह से पानी की कमी चल रही है। उनकी प्राथमिकता शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के वाटर टैंकों को भरने की रहेगी और जोहड़ों में भी पानी उपलब्ध कराया जाएगा।

- दलीप सिंह चेरवाल, कार्यकारी अभियंता यमुना जल सेवाएं परिमंडल भिवानी।
वर्जन-
नहरों में पानी आया हैं, लेकिन टैंकों तक पानी पहुंचने में 12 से 14 घंटे का समय लगेगा। पानी कम हैं, इसलिए पानी को लिफ्ट कर चैनल में डाला जा रहा है। जिसके बाद वाटर टैंकों को भरने का प्रयास किया जाएगा।
- प्रवीण जांगड़ा, एसडीओ शहरी पेयजल शाखा पब्लिक हेल्थ विभाग।
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