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Bhiwani News: मंत्री के कार्यक्रम का विरोध करने जुटे 20 गांवों के ग्रामीण, प्रशासन ने साढ़े चार घंटे बातचीत के बाद मनाया
Mon, 27 Feb 2023 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 27 Feb 2023 12:08 AM IST
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बवानीखेड़ा(भिवानी)। तोशाम-बवानीखेड़ा रोड स्थित किसान पतराम के चिराग फार्म हाउस पर कृषि मंत्री एवं परिवहन मंत्री के जैविक खेती को बढ़ावा देने के कार्यक्रम में रविवार को विरोध दर्ज कराने के लिए सुंदर नहर संघर्ष समिति के तहत 20 गांवों के सैकड़ों ग्रामीण घेराव के लिए जुट गए। किसानों को कार्यक्रम स्थल से पहले ही पुलिस और प्रशासन ने रोक दिया गया। जिसके बाद ग्रामीण आधी सड़क को घेरकर बैठ गए। मौके पर एडीसी मनोज दलाल और एएसपी हितेष यादव सहित भारी पुलिस बल पहुंचा। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सुलह को लेकर काफी देर तक नोकझोंक हुई और ग्रामीणों ने सुंदर नहर में पर्याप्त पानी नहीं मिलने पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों ने मंत्री का काफिला आता देख प्रशासनिक अधिकारियों को ही काले झंडे दिखाकर नारेबाजी शुरू कर दी। लेकिन बाद में पता चला कि मंत्री नहीं पहुंचे हैं।
दरअसल चिराग फार्म पर कार्यक्रम में कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल और परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा के पहुंचने से पहले ही हांसी, बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के करीब 20 गांवों के सैकड़ों ग्रामीण घेराव के लिए पहुंचे। किसान मंत्री से सुंदर नहर में पर्याप्त नहरी पानी की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज करा उनके समक्ष अपनी मांग रखना चाहते थे। सुंदर नहर संघर्ष समिति सदस्यों ने कहा कि सुंदर नहर में पर्याप्त नहरी पानी की मांग को लेकर शुक्रवार से सुंदर नहर पर उनका धरना जारी है। शनिवार को इस मामले में 20 गांवों की महापंचायत धरना स्थल पर हुई थी। जिसमें मंत्री के कार्यक्रम के घेराव का फैसला लिया था। शेर सिंह रतेरा, राजेश कुंगड़, पूर्व जिला पार्षद रेणुबाला, किरावड़ सरपंच प्रतिनिधि सुरेश, रामअवतार भाकर, अलखपुरा के सरपंच मोनू, कंवर सिंह, हवा सिंह, राजसिंह घणघस ने बताया कि सुंदर नहर में 42 दिन बाद नहरी पानी आता है। पिछले कई सालों से उनके एक सप्ताह के पानी में भी कटौती की जा रही है। जिससे हांसी, तोशाम और बवानीखेड़ा क्षेत्र के करीब 45 गांवों में किसानों को न खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलता है न पीने के लिए पानी नसीब होता है। इसी मामले को लेकर सुंदर नहर संघर्ष समिति आंदोलन कर रही है। वहीं मंत्री के कार्यक्रम का घेराव करने पहुंचे ग्रामीणों में महिलाओं की भी अच्छी खासी भागीदारी रही। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों के काफिले को मंत्री का कारवां समझकर काले झंडे दिखाकर नारेबाजी की।
इस दौरान एडीसी मनोज दलाल व एएसपी हितेश यादव ने ग्रामीणों से कहा कि उनकी मांग जायज है और उनकी बात मंत्री व उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। इस बात पर अधिकारियों के साथ भी ग्रामीणों की काफी देर तक नोकझोंक हुई। करीब साढ़े चार घंटे की जद्दोजहद के बाद आखिरकार प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने पर कामयाब रहे। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि कुछ ग्रामीणों की कमेटी को सोमवार को कृषिमंत्री जयप्रकाश दलाल और उपायुक्त नरेश नरवाल से मुलाकात कराकर उनके नहरी पानी की समस्या का समाधान कराया जाएगा। जिसके बाद ही ग्रामीण कार्यक्रम स्थल के समीप से वापस लौटने पर राजी हुए। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन के अधिकारी बुधवार तक नहरी पानी दिलाने की बात कह रहे हैं, जबकि ग्रामीण शुक्रवार तक नहर में पानी छोड़े जाने पर अड़े हैं। इस बात को मंत्री के समक्ष भी रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती वे भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग सुंदर नहर पर अपना आंदोलन और धरना जारी रखेंगे।
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प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बढ़ गई थी तनातनी, बुलाई पुलिस की गाड़ियां मंत्री के कार्यक्रम स्थल पर विरोध दर्ज कराने पहुंचे ग्रामीणों और प्रशासन के बीच एक बार तनातनी बढ़ गई तो वहां पर आंदोलन पर उतारू ग्रामीणों को काबू करने के लिए पुलिस की गाड़ियां बुलाई गई ताकि आंदोलनकारी ग्रामीणों को इनके अंदर जबरन बैठाकर कहीं दूर छोड़ा जा सके। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने संयम से काम लिया और फिर कई घंटों की मशक्कत के बाद सहमति बनाने की बात बन गई। विरोध के चलते कार्यक्रम में भी कुर्सियां खाली ही रह गई।
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इन गांवों के ग्रामीणों ने लिया हिस्सा
कृषि मंत्री के कार्यक्रम में अपनी बात रखने के लिए गांव रतेरा, धनाना, कुंगड़, जीताखेड़ी, अलखपुरा, बलियाली, जमालपुर, बड़सी, बोहल, सीपर, रोहनात, किरावड, मुजादपुर, उमरा, सुलतानपुर, पूर, सिवाड़ा, ताल, दुर्जनपुर के ग्रामीण शामिल हुए।
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ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया है कि उनकी मांग पर उच्चाधिकारी सकारात्मक कदम उठाएंगे और उनकी समस्या का जल्द हल निकाला जाएगा। ग्रामीणों की कमेटी की कृषिमंत्री और उपायुक्त से भी मुलाकात कराई जाएगी। जिसमें वे अपनी बात रखेंगे।
-मनोज दलाल, एडीसी भिवानी।
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दरअसल चिराग फार्म पर कार्यक्रम में कृषि मंत्री जयप्रकाश दलाल और परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा के पहुंचने से पहले ही हांसी, बवानीखेड़ा और तोशाम क्षेत्र के करीब 20 गांवों के सैकड़ों ग्रामीण घेराव के लिए पहुंचे। किसान मंत्री से सुंदर नहर में पर्याप्त नहरी पानी की मांग को लेकर अपना विरोध दर्ज करा उनके समक्ष अपनी मांग रखना चाहते थे। सुंदर नहर संघर्ष समिति सदस्यों ने कहा कि सुंदर नहर में पर्याप्त नहरी पानी की मांग को लेकर शुक्रवार से सुंदर नहर पर उनका धरना जारी है। शनिवार को इस मामले में 20 गांवों की महापंचायत धरना स्थल पर हुई थी। जिसमें मंत्री के कार्यक्रम के घेराव का फैसला लिया था। शेर सिंह रतेरा, राजेश कुंगड़, पूर्व जिला पार्षद रेणुबाला, किरावड़ सरपंच प्रतिनिधि सुरेश, रामअवतार भाकर, अलखपुरा के सरपंच मोनू, कंवर सिंह, हवा सिंह, राजसिंह घणघस ने बताया कि सुंदर नहर में 42 दिन बाद नहरी पानी आता है। पिछले कई सालों से उनके एक सप्ताह के पानी में भी कटौती की जा रही है। जिससे हांसी, तोशाम और बवानीखेड़ा क्षेत्र के करीब 45 गांवों में किसानों को न खेतों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिलता है न पीने के लिए पानी नसीब होता है। इसी मामले को लेकर सुंदर नहर संघर्ष समिति आंदोलन कर रही है। वहीं मंत्री के कार्यक्रम का घेराव करने पहुंचे ग्रामीणों में महिलाओं की भी अच्छी खासी भागीदारी रही। ग्रामीणों ने प्रशासनिक अधिकारियों के काफिले को मंत्री का कारवां समझकर काले झंडे दिखाकर नारेबाजी की।
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इस दौरान एडीसी मनोज दलाल व एएसपी हितेश यादव ने ग्रामीणों से कहा कि उनकी मांग जायज है और उनकी बात मंत्री व उच्चाधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। इस बात पर अधिकारियों के साथ भी ग्रामीणों की काफी देर तक नोकझोंक हुई। करीब साढ़े चार घंटे की जद्दोजहद के बाद आखिरकार प्रशासन के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने पर कामयाब रहे। प्रशासन ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि कुछ ग्रामीणों की कमेटी को सोमवार को कृषिमंत्री जयप्रकाश दलाल और उपायुक्त नरेश नरवाल से मुलाकात कराकर उनके नहरी पानी की समस्या का समाधान कराया जाएगा। जिसके बाद ही ग्रामीण कार्यक्रम स्थल के समीप से वापस लौटने पर राजी हुए। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन के अधिकारी बुधवार तक नहरी पानी दिलाने की बात कह रहे हैं, जबकि ग्रामीण शुक्रवार तक नहर में पानी छोड़े जाने पर अड़े हैं। इस बात को मंत्री के समक्ष भी रखा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती वे भिवानी-हांसी मुख्य मार्ग सुंदर नहर पर अपना आंदोलन और धरना जारी रखेंगे।
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प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बढ़ गई थी तनातनी, बुलाई पुलिस की गाड़ियां मंत्री के कार्यक्रम स्थल पर विरोध दर्ज कराने पहुंचे ग्रामीणों और प्रशासन के बीच एक बार तनातनी बढ़ गई तो वहां पर आंदोलन पर उतारू ग्रामीणों को काबू करने के लिए पुलिस की गाड़ियां बुलाई गई ताकि आंदोलनकारी ग्रामीणों को इनके अंदर जबरन बैठाकर कहीं दूर छोड़ा जा सके। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों ने संयम से काम लिया और फिर कई घंटों की मशक्कत के बाद सहमति बनाने की बात बन गई। विरोध के चलते कार्यक्रम में भी कुर्सियां खाली ही रह गई।
इन गांवों के ग्रामीणों ने लिया हिस्सा
कृषि मंत्री के कार्यक्रम में अपनी बात रखने के लिए गांव रतेरा, धनाना, कुंगड़, जीताखेड़ी, अलखपुरा, बलियाली, जमालपुर, बड़सी, बोहल, सीपर, रोहनात, किरावड, मुजादपुर, उमरा, सुलतानपुर, पूर, सिवाड़ा, ताल, दुर्जनपुर के ग्रामीण शामिल हुए।
ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें आश्वस्त किया है कि उनकी मांग पर उच्चाधिकारी सकारात्मक कदम उठाएंगे और उनकी समस्या का जल्द हल निकाला जाएगा। ग्रामीणों की कमेटी की कृषिमंत्री और उपायुक्त से भी मुलाकात कराई जाएगी। जिसमें वे अपनी बात रखेंगे।
-मनोज दलाल, एडीसी भिवानी।