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वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट बनाने की कवायद फिर शुरू
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दादरी रोड पर कचरा प्रबंधन स्थल पर पड़ा ठोस कचरा
- फोटो : Bhiwani
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पांच साल से लटके वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट के निर्माण पर एक बार फिर काम शुरू होता नजर आ रहा है। पंचकूला मुख्यालय से टेंडर प्रक्रिया शुरू करने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। इसी के तहत शनिवार को आंध्र प्रदेश से एक टीम भिवानी पहुंची। टीम ने दादरी रोड पर नगर परिषद की जगह में पड़े करोड़ों मीट्रिक टन कचरे का निरीक्षण किया और सेंपल लिए। सैंपल के आधार पर कंपनी यह जान सकेगी कि भिवानी में किस तरह का कचरा है और कैसे उसका निस्तारण हो सकता है। कचरे से बिजली बनाने का भी प्लान है।
भिवानी शहर के विभिन्न हिस्सों से रोजाना करीबन 50 टन ठोस और गिला कचरा निकलता है। जिसे दादरी रोड पर नगर परिषद की जगह पर डाला जा रहा है। सरकार ने करीब पांच साल पहले बवानीखेड़ा में ठोस कचरे के निस्तारण के लिए सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की घोषणा की थी। कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। जिसके बाद से मामला अब ठप है। अब इसके लिए पंचकूला निदेशालय से ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आंध्र प्रदेश से भिवानी आई टीम ने दादरी रोड पर कचरे का अवलोकन करने के बाद रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय में भी पहुंची। वहां पर नगर परिषद अधिकारियों से भी टीम में शामिल सदस्यों ने बातचीत कर जरूरी जानकारी जुटाई।
कस्बा बवानीखेड़ा में करीबन 22 एकड़ भूमि पर प्रदेश सरकार द्वारा सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण कराया जाएगा। जिसमें भिवानी शहर के विभिन्न हिस्सों से निकलने वाले कचरे से बिजली का उत्पादन किया जाएगा। ठोस कचरे का निस्तारण कर उससे बिजली उत्पन्न करने वाली कंपनी द्वारा ही शहर के विभिन्न निर्धारित बिंदुओं से कचरे का रोजाना उठान भी कराया जाएगा। पंचकूला निदेशालय ने इस संबंध में सक्रियता दिखाने के बाद प्राइवेट कंपनियों ने भी टेंडर हासिल करने के लिए भागदौड़ शुरू कर दी है। टीम में शामिल सदस्यों ने यहां पर पड़े कचरे के दायरे का आंकलन किया और रोजाना कितना कचरा यहां पर डाला जाता है, इससे संबंधित आंकड़े भी जुटाए।
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आंध्र प्रदेश की एक निजी कंपनी की टीम दादरी रोड पर कचरे का अवलोकन करने यहां आई थी। टीम ने दिल्ली के बवाना में ठोस कचरे का निस्तारण कर उससे बिजली उत्पन्न करने का प्लांट लगाया हुआ है। इस टीम में शामिल सदस्यों ने नगर परिषद कार्यालय से भी कुछ जरूरी तथ्य जुटाए हैं। ये कंपनी भी यहां पर ठोस कचरे से बिजली उत्पन्न करने की इच्छुक हैं, इसलिए वो यहां के हालातों और कचरे का अवलोकन करने के लिए आई है।
संजय कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद भिवानी।
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भिवानी शहर के विभिन्न हिस्सों से रोजाना करीबन 50 टन ठोस और गिला कचरा निकलता है। जिसे दादरी रोड पर नगर परिषद की जगह पर डाला जा रहा है। सरकार ने करीब पांच साल पहले बवानीखेड़ा में ठोस कचरे के निस्तारण के लिए सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने की घोषणा की थी। कुछ ग्रामीणों ने इसका विरोध किया। जिसके बाद से मामला अब ठप है। अब इसके लिए पंचकूला निदेशालय से ही टेंडर की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आंध्र प्रदेश से भिवानी आई टीम ने दादरी रोड पर कचरे का अवलोकन करने के बाद रेलवे रोड स्थित नगर परिषद कार्यालय में भी पहुंची। वहां पर नगर परिषद अधिकारियों से भी टीम में शामिल सदस्यों ने बातचीत कर जरूरी जानकारी जुटाई।
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कस्बा बवानीखेड़ा में करीबन 22 एकड़ भूमि पर प्रदेश सरकार द्वारा सोलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट का निर्माण कराया जाएगा। जिसमें भिवानी शहर के विभिन्न हिस्सों से निकलने वाले कचरे से बिजली का उत्पादन किया जाएगा। ठोस कचरे का निस्तारण कर उससे बिजली उत्पन्न करने वाली कंपनी द्वारा ही शहर के विभिन्न निर्धारित बिंदुओं से कचरे का रोजाना उठान भी कराया जाएगा। पंचकूला निदेशालय ने इस संबंध में सक्रियता दिखाने के बाद प्राइवेट कंपनियों ने भी टेंडर हासिल करने के लिए भागदौड़ शुरू कर दी है। टीम में शामिल सदस्यों ने यहां पर पड़े कचरे के दायरे का आंकलन किया और रोजाना कितना कचरा यहां पर डाला जाता है, इससे संबंधित आंकड़े भी जुटाए।
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आंध्र प्रदेश की एक निजी कंपनी की टीम दादरी रोड पर कचरे का अवलोकन करने यहां आई थी। टीम ने दिल्ली के बवाना में ठोस कचरे का निस्तारण कर उससे बिजली उत्पन्न करने का प्लांट लगाया हुआ है। इस टीम में शामिल सदस्यों ने नगर परिषद कार्यालय से भी कुछ जरूरी तथ्य जुटाए हैं। ये कंपनी भी यहां पर ठोस कचरे से बिजली उत्पन्न करने की इच्छुक हैं, इसलिए वो यहां के हालातों और कचरे का अवलोकन करने के लिए आई है।
संजय कुमार, सफाई निरीक्षक, नगर परिषद भिवानी।