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Bhiwani News: अब शुद्ध पानी में बिना मिट्टी के हर मौसम में उगाईं जाएंगी पालक, टमाटर और मेथी
Sat, 24 Feb 2024 12:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 24 Feb 2024 12:41 AM IST
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भिवानी में शोध के लिए लैब में रखे पौधे।
अशोक भारद्वाज
भिवानी। अब शुद्ध पानी में बिना मिट्टी के भी हर मौसम में टमाटर, पालक और मेथी के अलावा अन्य सब्जियां पैदा करना संभव होगा। इस पर चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में शोध किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के छह शोधार्थी पिछले दो साल से डॉ. इकलाख अहमद खान के नेतृत्व में इस दिशा में शोध करने में जुटे हैं, इस शोध में अब तक के नतीजे भी सकारात्मक रहे हैं।
भिवानी के चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय में जैव प्रौद्योगिकी विभाग में इस समय छह शोधार्थी टमाटर, पालक और मेथी के पौधों पर शोध कर रहे हैं। ये पौधे बिना मिट्टी के पानी में ही उगकर फलीभूत हो रहे हैं। जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. इकलाख अहमद खान का कहना है कि हाइड्रोपोनिक विधि से बिना मिट्टी शुद्ध पानी में पौधे उगाए गए हैं। पानी से ही ये पौधे पोषक तत्व हासिल करते हैं। उनका कहना है कि शुद्ध पानी को एकत्रित कर उसके अंदर नाइट्रिक ऑक्साइड डाला जाता है। जो पानी के अंदर हैवी धातु के तत्वों को कम कर पौधे को विकसित होने के लिए मिट्टी जैसा माहौल देगा।
डॉ. खान ने बताया कि इसमें शुद्ध पानी ही इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि इससे पैदा होने वाली सब्जियां भी बीमारियों से रहित होंगी। गंदे पानी में इस तरह सब्जियां उगाई जाएंगी तो उनके जरिए मानव में बीमारियों का संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहेगा।
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पानी का ट्रीटमेंट के बाद भी हो सकता है इस्तेमाल
डॉ. इकलाख अहमद खान ने बताया कि सीवरेज युक्त गंदे पानी को ट्रीटमेंट के बाद भी उसे शुद्ध कर इस विधि से सब्जियां उगाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। अधिकांश किसान भी अपनी फसलों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए शुद्ध किए गए पानी का इस्तेमाल सब्जी उत्पादन में करते हैं, लेकिन हम केवल पानी का इस्तेमाल कर पौधे उगाने की विधि पर काम कर रहे हैं। इससे पानी के जरिए ही पौधों तक मिट्टी में मिलने वाले पोषक तत्वों की पूर्ति की जाती है। शोधार्थियों के अब तक के इस विधि से सब्जी उगाने के भी सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं।
जैव प्रौद्योगिक विभाग के शोधार्थी और प्रोफेसर मिलकर नए शोध पर काम कर रहे हैं। इसमें पानी के अंदर सब्जियां उगाना और हर मौसम में उनकी पैदावार लेना शामिल है। ये शोध अब तक सकारात्मक नतीजों पर आधारित है। इससे बीमारी रहित सब्जियों के उत्पादन की नई तकनीक में क्रांति का आगाज हो सकता है। - प्रोफेसर राजकुमार मित्तल, वीसी, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय भिवानी।
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भिवानी। अब शुद्ध पानी में बिना मिट्टी के भी हर मौसम में टमाटर, पालक और मेथी के अलावा अन्य सब्जियां पैदा करना संभव होगा। इस पर चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में शोध किया जा रहा है। विश्वविद्यालय के छह शोधार्थी पिछले दो साल से डॉ. इकलाख अहमद खान के नेतृत्व में इस दिशा में शोध करने में जुटे हैं, इस शोध में अब तक के नतीजे भी सकारात्मक रहे हैं।
भिवानी के चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय में जैव प्रौद्योगिकी विभाग में इस समय छह शोधार्थी टमाटर, पालक और मेथी के पौधों पर शोध कर रहे हैं। ये पौधे बिना मिट्टी के पानी में ही उगकर फलीभूत हो रहे हैं। जैव प्रौद्योगिकी विभाग के प्रोफेसर डॉ. इकलाख अहमद खान का कहना है कि हाइड्रोपोनिक विधि से बिना मिट्टी शुद्ध पानी में पौधे उगाए गए हैं। पानी से ही ये पौधे पोषक तत्व हासिल करते हैं। उनका कहना है कि शुद्ध पानी को एकत्रित कर उसके अंदर नाइट्रिक ऑक्साइड डाला जाता है। जो पानी के अंदर हैवी धातु के तत्वों को कम कर पौधे को विकसित होने के लिए मिट्टी जैसा माहौल देगा।
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डॉ. खान ने बताया कि इसमें शुद्ध पानी ही इस्तेमाल कर रहे हैं, क्योंकि इससे पैदा होने वाली सब्जियां भी बीमारियों से रहित होंगी। गंदे पानी में इस तरह सब्जियां उगाई जाएंगी तो उनके जरिए मानव में बीमारियों का संक्रमण बढ़ने का खतरा बना रहेगा।
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पानी का ट्रीटमेंट के बाद भी हो सकता है इस्तेमाल
डॉ. इकलाख अहमद खान ने बताया कि सीवरेज युक्त गंदे पानी को ट्रीटमेंट के बाद भी उसे शुद्ध कर इस विधि से सब्जियां उगाने में इस्तेमाल किया जा सकता है। अधिकांश किसान भी अपनी फसलों में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए शुद्ध किए गए पानी का इस्तेमाल सब्जी उत्पादन में करते हैं, लेकिन हम केवल पानी का इस्तेमाल कर पौधे उगाने की विधि पर काम कर रहे हैं। इससे पानी के जरिए ही पौधों तक मिट्टी में मिलने वाले पोषक तत्वों की पूर्ति की जाती है। शोधार्थियों के अब तक के इस विधि से सब्जी उगाने के भी सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं।
जैव प्रौद्योगिक विभाग के शोधार्थी और प्रोफेसर मिलकर नए शोध पर काम कर रहे हैं। इसमें पानी के अंदर सब्जियां उगाना और हर मौसम में उनकी पैदावार लेना शामिल है। ये शोध अब तक सकारात्मक नतीजों पर आधारित है। इससे बीमारी रहित सब्जियों के उत्पादन की नई तकनीक में क्रांति का आगाज हो सकता है। - प्रोफेसर राजकुमार मित्तल, वीसी, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय भिवानी।