मनीषा मौत मामला: सुसाइड नोट की दोबारा होगी जांच, स्थानीय पुलिस से भी पूछताछ करेंगे सीबीआई अधिकारी
भिवानी पुलिस ने पहले दावा किया था कि बरामद सुसाइड नोट की लिखावट मनीषा की हैंडराइटिंग से मेल खाती है। अब यही सुसाइड नोट सीबीआई के कब्जे में है जिसकी दोबारा जांच कराई जा रही है।
विस्तार
शिक्षिका मनीषा की मौत से जुड़े सुसाइड नोट की दोबारा जांच कराई जाएगी। सीबीआई ने इसके लिए 15 सदस्यीय विशेषज्ञ टीम गठित की है जो मनीषा की हैंड राइटिंग से मिलान कर इसकी सत्यता की पुष्टि करेगी। इसके अलावा सीबीआई अधिकारी मामले की जांच से जुड़े पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ करेंगे।
मनीषा के पिता संजय ने बताया कि सीबीआई टीम ने बहुत जल्द भिवानी आने का संकेत दिया है। गवाहों से कई बार पूछताछ कर चुकी सीबीआई टीम इस बार उन पुलिसकर्मियों से भी पूछताछ करेगी जिनकी घटनास्थल से साक्ष्य और तथ्य जुटाने में अहम भूमिका रही है। संजय का कहना है कि अब तक सीबीआई ने न तो भिवानी पुलिस से और न ही जांच अधिकारी से किसी तरह की विस्तृत पूछताछ की है जबकि इस केस में कई महत्वपूर्ण तथ्य स्थानीय पुलिस के कब्जे में है।
11 अगस्त की सुबह घर से निकली गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी 19 वर्षीय मनीषा का शव 13 अगस्त की सुबह सिंघानी नहर के पास मिला था। पुलिस ने पांच दिन बाद 18 अगस्त को शव के साथ ही सुसाइड नोट मिलने का खुलासा किया था। तब मनीषा के पिता ने कहा था कि पुलिस बेटी की हत्या को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश कर रही है।
सुसाइड नोट जांच का केंद्र बिंदु, दिल्ली के विशेषज्ञ कर रहे जांच
भिवानी पुलिस ने पहले दावा किया था कि बरामद सुसाइड नोट की लिखावट मनीषा की हैंडराइटिंग से मेल खाती है। अब यही सुसाइड नोट सीबीआई के कब्जे में है जिसकी दोबारा जांच कराई जा रही है। जांच एजेंसी दिल्ली की नई एक्सपर्ट टीम से इस सुसाइड नोट की सत्यता की पुष्टि करवा रही है। सूत्रों के अनुसार यह सुसाइड नोट पूरे मामले की जांच का अहम केंद्र बिंदु बन गया है।
पुलिस कर्मचारियों से भी होगी पूछताछ
मनीषा के मौत मामले में पहले जांच अधिकारी रहे पुलिस कर्मचारियों को अब सीबीआई के तीखे सवालों का सामना करना पड़ेगा। सीबीआई यह जानना चाहेगी कि सुसाइड नोट की पहली बार जांच किस विशेषज्ञ से कराई गई थी और उस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने किन निष्कर्षों पर पहुंची। सीबीआई उन विशेषज्ञों को भी पूछताछ के दायरे में ला सकती है जिन्होंने पहले सुसाइड नोट को प्रमाणित किया था। टीम यह भी पता लगाएगी कि मनीषा का शव बरामद होने से लेकर पोस्टमार्टम और सुबूत जुटाने तक पुलिस ने किन परिस्थितियों में काम किया और क्या सभी जरूरी साक्ष्य सुरक्षित रखे गए थे।
मनीषा का शव मिलने के समय लोहारू थाना एसएचओ और उनकी टीम के साथ डीएसपी भी मौके पर पहुंचे थे। जब मामले ने तूल पकड़ा तो तत्कालीन एसपी ने खुद मौके पर जाकर सीन रीक्रिएट कराया था और पूरी घटना की समीक्षा की थी। अब सीबीआई इन्हीं अधिकारियों से क्रमवार पूछताछ करेगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि मनीषा की मौत को लेकर शुरुआती जांच में कहीं कोई चूक या लापरवाही तो नहीं हुई थी।