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यूक्रेन मामला : रातभर हुए धमाके, सुरक्षित जगह भेजे जा रहे मेडिकल स्टूडेंट
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यूक्रेन के शहर कीव में एक कमरे में बैठे मेडिकल स्टूडेंट। फोटो मनीष रंगा के सौजन्य से।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। रूसी सेना यूक्रेन में लगातार हमले कर रही है। इससे हर कोई सहम गया है। इनमें यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई कर रहे भिवानी के विद्यार्थी भी शामिल हैं। वीरवार की रात में कीव से महज 20 किलोमीटर की दूरी पर बम विस्फोट हुए हैं। इनकी वजह से मेडिकल स्टूडेंट के साथ ही आमजन भी सहम गए है। शुक्रवार शाम को सभी को सुरक्षा की दृष्टि से बंकर और बेसमेंट में भेजा जा रहा है।
दूतावास व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भारतीय मेडिकल स्टूडेंट से जानकारी साझा कर रहा है। फिलहाल सभी फ्लाइट आगामी आदेशों तक स्थगित की हुई है। हालांकि दूतावास की ओर से विद्यार्थियों को सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे है। शुक्रवार सुबह खारकीव में बर्फबारी शुरू की गई है। इसकी वजह से घर और हॉस्टल से बाहर निकला कठिन हो गया है। इसके अलावा यूक्रेन में खारकीव, कीव सहित अन्य शहरों में यूक्रेन सेना की गाड़ियों सड़कों पर घूम रही हैं और आपातकालीन स्थिति में हूटर के माध्यम से नागरिकों को अलर्ट किया जा रहा है। जिले से 20 से 25 मेडिकल स्टूडेंट यूक्रेन के मुख्य शहर कीव, पोलतावा, खारकिव, डॉल्फिन आदि में हैं।
सड़कों पर सेना के जवान, सुरक्षित जगह पर किया शिफ्ट : मनीष रंगा
जिले के गांव लालावास निवासी मेडिकल स्टूडेंट मनीष रंगा से फोन पर बात हुई। मनीष रंगा ने बताया कि वह यूक्रेन की शहर कीव में है और उन्हें शुक्रवार शाम करीब पांच बजे सुरक्षा की दृष्टि से एक बंकर में रख गया है। जहां पर उन्हें 24 से 48 घंटे तक का खाना साथ लिए रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्थिति गंभीर हो तो वे भूखे न रहें। वह खुद कुछ सुखा राशन ले आया है, ताकि आपातकालीन स्थिति में खुद भोजन बना सकें। मनीष रंगा ने बताया कि उनसे करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर बम विस्फोट के धमके हुए हैं, जिसकी वजह से हर कोई सहम हुआ है। कर्फ्यू लगने की वजह से उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं है। जब वह अपने कमरे की खिड़की से बाहर देखता है तो उन्हें यूक्रेन सेना की गाड़ियां और टैंक ही नजर आते हैं। दूतावास की ओर से उन्हें सामान की पैकिंग कर यात्रा की तैयारी रखने को कहा गया है।
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धमकों की आवाज से सहम गए विद्यार्थी : राजेंद्र शर्मा
छोटूराम कॉलोनी निवासी पंचायती राज विभाग के अनुभाग अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उनका बेटा केशव यूक्रेन के शहर खारकीव से एमबीबीएस तृतीय वर्ष का विद्यार्थी है। केशव के अलावा छोटूराम कॉलोनी से स्नेहा, मुस्कान और उसके दिल्ली निवासी रिश्तेदार की बेटी भी है। राजेंद्र ने बताया कि केशव अपने फ्लैट में है, जबकि स्नेहा और मुस्कान को हॉस्टल के बेसमेंट में ठहराया गया है। शुक्रवार सुबह खारकीव में बर्फबारी शुरू हो गई है, जिसकी वजह से वे बाहर भी नहीं निकल सकेंगे। साथ ही खारकीव में तेज धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है, जिसकी वजह से भय का माहौल है। वे अपना खाना खुद की बना रहे हैं और दूतावास की ओर से उनसे समय-समय पर संपर्क किया जा रहा है।
पोलतावा में स्थिति सामान्य
सेठ किरोड़ीमल राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य सविता घणघस ने बताया कि उनकी बेटी नैना सिंह पोलतावा शहर में है, जहां फिलहाल स्थिति सामान्य है। उनकी रोजाना तीन-चार बार वीडियो कॉल पर नैना सिंह से बात हो रही है, लेकिन सरकार के आदेशानुसार वहां भी कर्फ्यू लगाया हुआ है। यूनिवर्सिटी की ओर से ऑनलाइन कक्षाएं लग रही हैं। दूतावास के आदेश आते ही वह भी वतन लौटेगी।
भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्की महता का बेटा चिराग यूक्रेन में फंसा
तोशाम (भिवानी)। भाजपा के मंडल अध्यक्ष विक्की महता के बेटा चिराग यूक्रेन से एमबीबीएस करने गया है जो कि यूक्रेन रूस युद्ध के बीच यूक्रेन में ही फंसा हुआ है। बीजेपी मंडल अध्यक्ष विक्की मेहता ने सरकार के पास ईमेल भेजकर मदद की गुहार लगाई है।
विक्की महता ने बताया कि उसका बेटा चिराग यूक्रेन से एमबीबीएस करने गया हुआ है वह एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटे से बात हुई है । उसके बेटे चिराग ने बताया कि वे हमलों से बचने के लिए बंकरो में शरण लिए हुए हैं और भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं। उन्होंने अपने बेटे को सुरक्षित लाने के लिए सरकार के पास ईमेल भी किए हैं । यूक्रेन की सरकार द्वारा भी उन्हें साथ लगते देशों में पहुंच कर वहां से फ्लाइट पकड़ने की सलाह दी है।
चिराग से बातचीत
चिराग ने बताया कि जहां हमला हुआ है, वह उनसे 100 से 150 किलोमीटर ही दूर है। बार-बार धमाके हो रहे हैं। चिराग ने बताया कि वे 200 से 250 छात्र हॉस्टल में हैं। अलर्ट के लिए बार बार सायरन बज रहे हैं। सायरन बजते ही सभी डरकर सहम जाते हैं और बंकरों में छिप जाते हैं।
खाने-पीने के लिए कर रखा है लोगों ने स्टॉक
चिराग ने बताया कि खाने पीने की वस्तुओं का लोगों ने स्टॉक कर रखा है। बाजार में सिर्फ घरेलू प्रयोग में आने वाली वस्तुएं रखने वाली ही दुकानें खुली हैं। बाकी सब बंद पड़ा है। चिराग ने बताया कि हालात बड़े डरावने हैं।
पैसों के लिए एटीएम में लगती है लंबी लाइन
चिराग ने बताया कि रुपये तो वे घर से मंगवा रहे हैं, लेकिन उन्हें निकलवाने के लिए 5 से 6 घण्टे लाइनों में लगना पड़ा रहा है। चिराग बातचीत के दौरान डरा हुआ था। चिराग ने बताया कि उन्हें 28 फरवरी को आना था जो कि हमले के बाद से सभी जहाज रद्द हो गई। चिराग ने बताया कि वह यूक्रेन के लवीव शहर में है।
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दूतावास व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भारतीय मेडिकल स्टूडेंट से जानकारी साझा कर रहा है। फिलहाल सभी फ्लाइट आगामी आदेशों तक स्थगित की हुई है। हालांकि दूतावास की ओर से विद्यार्थियों को सुरक्षित निकालने के प्रयास किए जा रहे है। शुक्रवार सुबह खारकीव में बर्फबारी शुरू की गई है। इसकी वजह से घर और हॉस्टल से बाहर निकला कठिन हो गया है। इसके अलावा यूक्रेन में खारकीव, कीव सहित अन्य शहरों में यूक्रेन सेना की गाड़ियों सड़कों पर घूम रही हैं और आपातकालीन स्थिति में हूटर के माध्यम से नागरिकों को अलर्ट किया जा रहा है। जिले से 20 से 25 मेडिकल स्टूडेंट यूक्रेन के मुख्य शहर कीव, पोलतावा, खारकिव, डॉल्फिन आदि में हैं।
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सड़कों पर सेना के जवान, सुरक्षित जगह पर किया शिफ्ट : मनीष रंगा
जिले के गांव लालावास निवासी मेडिकल स्टूडेंट मनीष रंगा से फोन पर बात हुई। मनीष रंगा ने बताया कि वह यूक्रेन की शहर कीव में है और उन्हें शुक्रवार शाम करीब पांच बजे सुरक्षा की दृष्टि से एक बंकर में रख गया है। जहां पर उन्हें 24 से 48 घंटे तक का खाना साथ लिए रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि स्थिति गंभीर हो तो वे भूखे न रहें। वह खुद कुछ सुखा राशन ले आया है, ताकि आपातकालीन स्थिति में खुद भोजन बना सकें। मनीष रंगा ने बताया कि उनसे करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर बम विस्फोट के धमके हुए हैं, जिसकी वजह से हर कोई सहम हुआ है। कर्फ्यू लगने की वजह से उन्हें बाहर जाने की अनुमति नहीं है। जब वह अपने कमरे की खिड़की से बाहर देखता है तो उन्हें यूक्रेन सेना की गाड़ियां और टैंक ही नजर आते हैं। दूतावास की ओर से उन्हें सामान की पैकिंग कर यात्रा की तैयारी रखने को कहा गया है।
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धमकों की आवाज से सहम गए विद्यार्थी : राजेंद्र शर्मा
छोटूराम कॉलोनी निवासी पंचायती राज विभाग के अनुभाग अधिकारी राजेंद्र शर्मा ने बताया कि उनका बेटा केशव यूक्रेन के शहर खारकीव से एमबीबीएस तृतीय वर्ष का विद्यार्थी है। केशव के अलावा छोटूराम कॉलोनी से स्नेहा, मुस्कान और उसके दिल्ली निवासी रिश्तेदार की बेटी भी है। राजेंद्र ने बताया कि केशव अपने फ्लैट में है, जबकि स्नेहा और मुस्कान को हॉस्टल के बेसमेंट में ठहराया गया है। शुक्रवार सुबह खारकीव में बर्फबारी शुरू हो गई है, जिसकी वजह से वे बाहर भी नहीं निकल सकेंगे। साथ ही खारकीव में तेज धमाकों की आवाज सुनाई दे रही है, जिसकी वजह से भय का माहौल है। वे अपना खाना खुद की बना रहे हैं और दूतावास की ओर से उनसे समय-समय पर संपर्क किया जा रहा है।
पोलतावा में स्थिति सामान्य
सेठ किरोड़ीमल राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य सविता घणघस ने बताया कि उनकी बेटी नैना सिंह पोलतावा शहर में है, जहां फिलहाल स्थिति सामान्य है। उनकी रोजाना तीन-चार बार वीडियो कॉल पर नैना सिंह से बात हो रही है, लेकिन सरकार के आदेशानुसार वहां भी कर्फ्यू लगाया हुआ है। यूनिवर्सिटी की ओर से ऑनलाइन कक्षाएं लग रही हैं। दूतावास के आदेश आते ही वह भी वतन लौटेगी।
भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्की महता का बेटा चिराग यूक्रेन में फंसा
तोशाम (भिवानी)। भाजपा के मंडल अध्यक्ष विक्की महता के बेटा चिराग यूक्रेन से एमबीबीएस करने गया है जो कि यूक्रेन रूस युद्ध के बीच यूक्रेन में ही फंसा हुआ है। बीजेपी मंडल अध्यक्ष विक्की मेहता ने सरकार के पास ईमेल भेजकर मदद की गुहार लगाई है।
विक्की महता ने बताया कि उसका बेटा चिराग यूक्रेन से एमबीबीएस करने गया हुआ है वह एमबीबीएस तृतीय वर्ष का छात्र है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटे से बात हुई है । उसके बेटे चिराग ने बताया कि वे हमलों से बचने के लिए बंकरो में शरण लिए हुए हैं और भारतीय दूतावास के संपर्क में हैं। उन्होंने अपने बेटे को सुरक्षित लाने के लिए सरकार के पास ईमेल भी किए हैं । यूक्रेन की सरकार द्वारा भी उन्हें साथ लगते देशों में पहुंच कर वहां से फ्लाइट पकड़ने की सलाह दी है।
चिराग से बातचीत
चिराग ने बताया कि जहां हमला हुआ है, वह उनसे 100 से 150 किलोमीटर ही दूर है। बार-बार धमाके हो रहे हैं। चिराग ने बताया कि वे 200 से 250 छात्र हॉस्टल में हैं। अलर्ट के लिए बार बार सायरन बज रहे हैं। सायरन बजते ही सभी डरकर सहम जाते हैं और बंकरों में छिप जाते हैं।
खाने-पीने के लिए कर रखा है लोगों ने स्टॉक
चिराग ने बताया कि खाने पीने की वस्तुओं का लोगों ने स्टॉक कर रखा है। बाजार में सिर्फ घरेलू प्रयोग में आने वाली वस्तुएं रखने वाली ही दुकानें खुली हैं। बाकी सब बंद पड़ा है। चिराग ने बताया कि हालात बड़े डरावने हैं।
पैसों के लिए एटीएम में लगती है लंबी लाइन
चिराग ने बताया कि रुपये तो वे घर से मंगवा रहे हैं, लेकिन उन्हें निकलवाने के लिए 5 से 6 घण्टे लाइनों में लगना पड़ा रहा है। चिराग बातचीत के दौरान डरा हुआ था। चिराग ने बताया कि उन्हें 28 फरवरी को आना था जो कि हमले के बाद से सभी जहाज रद्द हो गई। चिराग ने बताया कि वह यूक्रेन के लवीव शहर में है।