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Bhiwani News: तिगड़ाना मोड़ पर बने प्रदेश स्तरीय आइसोलेशन वार्ड में बाहरी गोवंश पर लगी पाबंदी
Sun, 13 Sep 2026 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 13 Sep 2026 02:01 AM IST
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तिगड़ाना मोड़ स्थित आइसोलेशन वार्ड में लंपी संक्रमित गोवंश।
भिवानी। पशुपालन विभाग ने तिगड़ाना मोड़ स्थित गोकुलधाम गो सेवा महातीर्थ के प्रदेश स्तरीय आइसोलेशन वार्ड में लंपी पीड़ित बाहरी गोवंश लाने पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी है। इतना ही नहीं, किसी भी स्थान पर गोवंश के ट्रांसपोर्टेशन को भी बंद किया गया है। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र में पशु चिकित्सकों की टीमें पशुपालकों के गोवंश की सेहत जांच में जुटी हैं।
पशुपालन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि लंपी संक्रमित गोवंश अब ठीक हो रहे हैं। मौत का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। लंपी पीड़ित गोवंश के उपचार के लिए गोकुलधाम गो सेवा महातीर्थ ने प्रदेश स्तरीय आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया है।
इसमें करीब 200 लंपी संक्रमित गोवंश का उपचार चल रहा है। पहले हरियाणा, यूपी, दिल्ली और राजस्थान सहित अन्य शहरों से पीड़ित गोवंश रोजाना यहां पहुंचते थे। अन्य जिलों में लंपी के बढ़ते संक्रमण के कारण पशुपालन विभाग ने यह पाबंदी लगाई है। इस संबंध में गोशाला संचालकों को भी नोटिस थमाया गया है।
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जिले में लंपी की स्थिति
जिले में गोशालाओं के अंदर भी लंपी संक्रमित गोवंश मिल रहे हैं। पशुपालन विभाग ने लंपी से एक गोवंश की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, मौतों का आंकड़ा कहीं अधिक बताया जा रहा है। जिले में अब तक करीब 700 से अधिक गोवंश लंपी की चपेट में आ चुके हैं। अब पशु इस बीमारी से उभर यानी ठीक हो रहे हैं।
टीकाकरण और उपचार
पशुपालन विभाग के अनुसार, जिले में एक लाख 25 हजार गोवंश का टीकाकरण हो चुका है। टीकाकरण के बाद भी जिन गोवंश में लंपी के लक्षण मिले हैं, पशुपालन विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्र में उनका आकलन कर रही हैं। यह टीमें उनके उपचार में भी जुटी हुई हैं।
जिले भर में लंपी की रोकथाम के लिए संक्रमित पशुओं के ट्रांसपोर्टेशन यानी दूसरी जगह मूवमेंट पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। वहीं तिगड़ाना मोड़ स्थित प्रदेश स्तरीय आइसोलेशन वार्ड में लंपी पीड़ित बाहरी गोवंश लाने पर पूरी तरह से पाबंदी की गई है। इसको लेकर गोशाला संचालकों को भी सख्त हिदायतें दी जा चुकी हैं। जिले में पीड़ित लंपी गोवंश का उपचार चल रहा है, अब पशु ठीक हो रहे हैं। लंपी से एक गोवंश के अलावा कोई दूसरी मौत नहीं है।
-डॉ. रवींद्र सहरावत, उप निदेशक, पशुपालन विभाग, भिवानी
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पशुपालन विभाग के अधिकारियों का दावा है कि लंपी संक्रमित गोवंश अब ठीक हो रहे हैं। मौत का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। लंपी पीड़ित गोवंश के उपचार के लिए गोकुलधाम गो सेवा महातीर्थ ने प्रदेश स्तरीय आइसोलेशन वार्ड स्थापित किया है।
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इसमें करीब 200 लंपी संक्रमित गोवंश का उपचार चल रहा है। पहले हरियाणा, यूपी, दिल्ली और राजस्थान सहित अन्य शहरों से पीड़ित गोवंश रोजाना यहां पहुंचते थे। अन्य जिलों में लंपी के बढ़ते संक्रमण के कारण पशुपालन विभाग ने यह पाबंदी लगाई है। इस संबंध में गोशाला संचालकों को भी नोटिस थमाया गया है।
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जिले में लंपी की स्थिति
जिले में गोशालाओं के अंदर भी लंपी संक्रमित गोवंश मिल रहे हैं। पशुपालन विभाग ने लंपी से एक गोवंश की मौत की पुष्टि की है। हालांकि, मौतों का आंकड़ा कहीं अधिक बताया जा रहा है। जिले में अब तक करीब 700 से अधिक गोवंश लंपी की चपेट में आ चुके हैं। अब पशु इस बीमारी से उभर यानी ठीक हो रहे हैं।
टीकाकरण और उपचार
पशुपालन विभाग के अनुसार, जिले में एक लाख 25 हजार गोवंश का टीकाकरण हो चुका है। टीकाकरण के बाद भी जिन गोवंश में लंपी के लक्षण मिले हैं, पशुपालन विभाग की टीमें ग्रामीण क्षेत्र में उनका आकलन कर रही हैं। यह टीमें उनके उपचार में भी जुटी हुई हैं।
जिले भर में लंपी की रोकथाम के लिए संक्रमित पशुओं के ट्रांसपोर्टेशन यानी दूसरी जगह मूवमेंट पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। वहीं तिगड़ाना मोड़ स्थित प्रदेश स्तरीय आइसोलेशन वार्ड में लंपी पीड़ित बाहरी गोवंश लाने पर पूरी तरह से पाबंदी की गई है। इसको लेकर गोशाला संचालकों को भी सख्त हिदायतें दी जा चुकी हैं। जिले में पीड़ित लंपी गोवंश का उपचार चल रहा है, अब पशु ठीक हो रहे हैं। लंपी से एक गोवंश के अलावा कोई दूसरी मौत नहीं है।
-डॉ. रवींद्र सहरावत, उप निदेशक, पशुपालन विभाग, भिवानी