फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   The Zila Parishad disregarded the rules by auctioning unsafe shops.

Bhiwani News: जिला परिषद ने असुरक्षित दुकानों की नीलामी कर नियमों की अनदेखी की

Sun, 13 Sep 2026 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sun, 13 Sep 2026 01:52 AM IST
विज्ञापन
The Zila Parishad disregarded the rules by auctioning unsafe shops.
भारत भवन धर्मशाला परिसर में बनी असु​क्षित घो​षित दुकानें।
भिवानी। जिला परिषद द्वारा जिला नागरिक अस्पताल के सामने भारत भवन धर्मशाला की करीब 12 दुकानों की नीलामी में नियमों की अनदेखी उजागर हुई है। इन दुकानों को 27 अगस्त 2025 को असुरक्षित घोषित किया गया था। इसके बावजूद जिला परिषद ने 26 अगस्त 2026 को इनकी नीलामी कराकर नए किरायेदारों को आवंटित कर दिया।
विज्ञापन

नीलामी नोटिस में भी साफ तौर पर बताया गया था कि ये दुकानें असुरक्षित हैं। इसमें दुकानदार को दीवार या छत गिरने पर जानमाल की हानि का खुद जिम्मेदार ठहराया गया था। भारत भवन धर्मशाला का निर्माण 1974 में हुआ था। इसके आगे 12 दुकानें भी बनाई गई थीं। कुछ साल पहले जिला परिषद ने इस धर्मशाला और दुकानों को अपने अधीन ले लिया था। पुराने दुकानदारों को हटा दिया गया, जिनमें से कुछ ने न्यायालय की शरण ली।
विज्ञापन

पहले भी नीलामी के हुए थे प्रयास
नीलामी नोटिस के बिंदु नंबर 24 में भी दुकानों के असुरक्षित होने का जिक्र था। नियमों के अनुसार, किसी भी असुरक्षित भवन को नीलामी या उपयोग में लाना सुरक्षित भवन नियमों के दायरे से बाहर है। इससे कभी भी बड़ी जनहानि या अनहोनी हो सकती है। इन दुकानों की नीलामी के प्रयास पहले भी हुए थे। तब कुछ बोलीदाताओं ने काफी ऊंची बोली लगाई थी, पर आवंटन के समय वे नहीं पहुंचे, जिससे नीलामी नहीं हो पाई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


नियमों के अनुसार कराई गई है दुकानों की बोली: अनीता मलिक
जिला परिषद के अधीन आने वाली भारत भवन धर्मशाला की दुकानों की बोली नियमों के अनुसार हुई है। भले ही ये दुकान पुरानी हैं, लेकिन इनकी मरम्मत बोली अलॉट होने वाले को खुद करानी होगी। इसमें किसी नियम का कोई उल्लंघन नहीं हुआ है। कुछ लोगों ने इन दुकानों को लेकर कोर्ट में केस डाले हैं, उन्हें शायद दिक्कत हो सकती है।

-अनीता मलिक चेयरपर्सन जिला परिषद भिवानी।

एक्सपर्ट व्यू
किसी भी सरकारी या निजी भवन एवं दुकानों को निरीक्षण के बाद तकनीकी शाखा की तरफ से असुरक्षित घोषित कर दिया जाता है तो उसे दोबारा उपयोग में नहीं लाया जाता है। पीडब्ल्यूडी विभाग सर्वेक्षण के उपरांत काफी सरकारी भवनों को असुरक्षित घोषित करता है जिसका दोबारा उपयोग वर्जित है।
-लोकेश डागर कार्यकारी अभियंता पीडब्ल्यूडी विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed