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सेठ किरोड़ीमल चैरिटी का ट्रस्टी विवाद : बिलासपुर उच्च न्यायालय ने लगाई तीन ट्रस्टियों को हटाए पर रोक
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भिवानी। शहर में अनेक शिक्षण संस्थानों व सामाजिक गतिविधियों का संचालन करने वाले सेठ किरोड़ीमल चैरिटी ट्रस्ट में तीन ट्रस्टियों को हटाए जाने के मामले में नया मोड़ आ गया है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने दावा किया है कि बिलासपुर उच्च न्यायालय ने तीन ट्रस्टियों के हटाए जाने के आदेश पर रोक लगा दी है।
किरोड़ीमल चैरिटी ट्रस्ट के मैनेजर विनोद कुमार अमरोदिया ने कहा कि रायगढ़ छत्तीसगढ़ के एसडीएम ने सेठ किरोड़ीमल चैरिटी ट्रस्ट के तीन ट्रस्टियों राजेश मोड़ा, उमा देवी मोड़ा व मनीष सिंघानिया को हटाने के आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ ट्रस्ट ने बिलासपुर उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। जिस पर अब उच्च न्यायालय ने इन तीनों ट्रस्टियों को हटाए जाने पर फिलहाल रोक लगा दी है। उन्होंने सेठ कालीचरण केसान द्वारा भी ट्रस्टी मनोनीत करने का भी अधिकार नहीं होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कालीचरण केसान 21 फरवरी 2010 में ट्रस्टी पद से प्रस्ताव पास कर असांविधानिक गतिविधियों की वजह से हटा दिए गए थे।
ट्रस्टियों को लेकर भी किया जा रहा भ्रामक प्रचार
सेठ किरोड़ीमल चैरिटी ट्रस्ट के लीगल एडवाइजर एडवोकेट जितेंद्र गोयल का कहना है कि ट्रस्ट के ट्रस्टियों को लेकर भी भ्रामक प्रचार हो रहा है। उनका यह भी आरोप है कि ट्रस्ट में कोई भी मनोनीत ट्रस्टी नहीं है। ट्रस्ट की भिवानी में काफी संपत्ति है।
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हटाने से पहले एसडीएम को लेनी थी सेशन कोर्ट से अनुमति : टैणी
माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने कहा है कि एसडीएम रायगढ़ ने तीन ट्रस्टी राजेश मोड़ा, उमा मोड़ा व मनीष सिंघानिया को हटाया था। उन्हें हटाने से पहले सेशन कोर्ट की अनुमति लेनी जरूरी थी। इसलिए एसडीएम रायगढ़ को आदेश दिए हैं कि निचली अदालत से अनुमति लेकर आएं। - विजय बंसल टैनी, मनोनीत ट्रस्टी, सेठ किरोड़ीमल चैरिटी ट्रस्ट रायगढ़।
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किरोड़ीमल चैरिटी ट्रस्ट के मैनेजर विनोद कुमार अमरोदिया ने कहा कि रायगढ़ छत्तीसगढ़ के एसडीएम ने सेठ किरोड़ीमल चैरिटी ट्रस्ट के तीन ट्रस्टियों राजेश मोड़ा, उमा देवी मोड़ा व मनीष सिंघानिया को हटाने के आदेश दिया था। इस फैसले के खिलाफ ट्रस्ट ने बिलासपुर उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। जिस पर अब उच्च न्यायालय ने इन तीनों ट्रस्टियों को हटाए जाने पर फिलहाल रोक लगा दी है। उन्होंने सेठ कालीचरण केसान द्वारा भी ट्रस्टी मनोनीत करने का भी अधिकार नहीं होने की बात कही है। उन्होंने कहा कि कालीचरण केसान 21 फरवरी 2010 में ट्रस्टी पद से प्रस्ताव पास कर असांविधानिक गतिविधियों की वजह से हटा दिए गए थे।
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ट्रस्टियों को लेकर भी किया जा रहा भ्रामक प्रचार
सेठ किरोड़ीमल चैरिटी ट्रस्ट के लीगल एडवाइजर एडवोकेट जितेंद्र गोयल का कहना है कि ट्रस्ट के ट्रस्टियों को लेकर भी भ्रामक प्रचार हो रहा है। उनका यह भी आरोप है कि ट्रस्ट में कोई भी मनोनीत ट्रस्टी नहीं है। ट्रस्ट की भिवानी में काफी संपत्ति है।
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हटाने से पहले एसडीएम को लेनी थी सेशन कोर्ट से अनुमति : टैणी
माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर ने कहा है कि एसडीएम रायगढ़ ने तीन ट्रस्टी राजेश मोड़ा, उमा मोड़ा व मनीष सिंघानिया को हटाया था। उन्हें हटाने से पहले सेशन कोर्ट की अनुमति लेनी जरूरी थी। इसलिए एसडीएम रायगढ़ को आदेश दिए हैं कि निचली अदालत से अनुमति लेकर आएं। - विजय बंसल टैनी, मनोनीत ट्रस्टी, सेठ किरोड़ीमल चैरिटी ट्रस्ट रायगढ़।