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Bhiwani News: मानसून के बाद शुरू होगा शहर में नई सीवर लाइन बिछाने का काम, एस्टीमेट के बाद दो डीएनआईटी को मिली मंजूरी
Tue, 02 Jun 2026 12:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 02 Jun 2026 12:00 AM IST
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देवसर मोड़ पर स्थित डिस्पोजल।
भिवानी। शहरी क्षेत्र में नई सीवर लाइन बिछाने का काम अब मानसून के बाद शुरू हो सकेगा। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की दो डीएनआईटी (विस्तृत निविदा आमंत्रण सूचना) को मंजूरी मिल चुकी है जबकि तीसरी डीएनआईटी अगले पखवाड़े में मुख्यालय भेजी जाएगी। शहर में करीब 23 किलोमीटर क्षेत्र में नई सीवर लाइन बिछाने की योजना तैयार कर ली गई है।
वहीं क्षतिग्रस्त सीवर लाइनों की मरम्मत संबंधी डीएनआईटी को अभी मंजूरी नहीं मिली है। भिवानी शहर की आबादी अब करीब ढाई से पौने तीन लाख तक पहुंच चुकी है। आबादी और शहर का दायरा बढ़ने के साथ सीवर व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा है। करीब 60 वर्ष पहले बने देवसर चुंगी स्थित 9 एमएलडी क्षमता के डिस्पोजल पर सीवरेज और बरसाती पानी का दबाव बढ़ने से समस्या आ रही है। इसी कारण इसे अपग्रेड कर 21 एमएलडी क्षमता का बनाया जाएगा।
योजना के तहत डिस्पोजल में बरसाती पानी और सीवर के दूषित पानी की निकासी के लिए अलग-अलग टैंक बनाए जाएंगे। साथ ही पंपिंग मशीनरी को भी सुदृढ़ किया जाएगा। इसी डीएनआईटी में शहर के भीतर करीब 23 किलोमीटर क्षेत्र में नई सीवर लाइन बिछाने, पुराने सीवर मैनहोल बदलने और पंपिंग स्टेशनों की मशीनरी अपग्रेड करने का प्रावधान है। इस कार्य पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की दूसरी डीएनआईटी में दादरी रोड डिस्पोजल को शामिल किया गया है। इस परियोजना पर करीब 13 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें डिस्पोजल की मरम्मत और नवीनीकरण दोनों कार्य शामिल हैं। विभाग का दावा है कि दोनों डिस्पोजल के अपग्रेड होने के बाद शहर की बढ़ी हुई आबादी के अनुरूप सीवरेज का दबाव संभाला जा सकेगा और दूषित पानी की निकासी भिवानी-घग्गर ड्रेन तक अधिक सुचारु रूप से हो सकेगी।
क्षतिग्रस्त मुख्य सीवर लाइन दुरुस्त करने के लिए करना पड़ेगा इंतजार
शहर में चिड़ियाघर रोड पर डीसी कार्यालय के समीप मुख्य सीवर लाइन क्षतिग्रस्त है। इसी प्रकार दादरी रोड पर भी मुख्य सीवर लाइन में खराबी है। डीसी कार्यालय के पास करीब 850 मीटर लंबी क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त किया जाना है जबकि दादरी रोड पर करीब 250 मीटर क्षेत्र में सीवर लाइन में रुकावट बनी हुई है। विभाग से इसका एस्टीमेट मंजूर हो चुका है लेकिन डीएनआईटी अभी तैयार नहीं हुई है। इसे अगले पखवाड़े में मुख्यालय भेजा जाएगा। फिलहाल अधिकारी प्रस्ताव में मौजूद खामियों को दूर करने में जुटे हैं।
मानसून से पहले नहीं बदले जाएंगे क्षतिग्रस्त मैनहोल के ढक्कन
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करोड़ों रुपये की परियोजनाओं पर काम शुरू करने की तैयारी में है लेकिन मानसून से पहले शहर में क्षतिग्रस्त सीवर मैनहोल के ढक्कन और जर्जर सीवर लाइनों की मरम्मत नहीं हो पाएगी। ऐसे में शहरवासियों को इस मानसून भी सीवर संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि विभाग मुख्य सीवर लाइनों और बरसाती नालों की सफाई का कार्य मानसून से पहले पूरा कराने का दावा कर रहा है। इसके बावजूद निचले इलाकों में जर्जर सीवर लाइनों के कारण लोगों की परेशानी बनी रह सकती है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से शहर के अंदर सीवर लाइनों के तीन अलग-अलग काम कराए जाएंगे। इसमें दादरी रोड डिस्पोजल, देवसर चुंगी डिस्पोजल के अलावा शहरी दायरे में नई सीवर लाइन डालने के कार्य की डीएनआईटी मंजूर हो चुकी है। जिसके इसी सप्ताह टेंडर लगाए जाएंगे। लेकिन मानसून के बाद ही नई सीवर लाइन और डिस्पोजलों को अपग्रेड किए जाने का काम शुरू हो पाएगा। -सूर्यकांत, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।
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वहीं क्षतिग्रस्त सीवर लाइनों की मरम्मत संबंधी डीएनआईटी को अभी मंजूरी नहीं मिली है। भिवानी शहर की आबादी अब करीब ढाई से पौने तीन लाख तक पहुंच चुकी है। आबादी और शहर का दायरा बढ़ने के साथ सीवर व्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा है। करीब 60 वर्ष पहले बने देवसर चुंगी स्थित 9 एमएलडी क्षमता के डिस्पोजल पर सीवरेज और बरसाती पानी का दबाव बढ़ने से समस्या आ रही है। इसी कारण इसे अपग्रेड कर 21 एमएलडी क्षमता का बनाया जाएगा।
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योजना के तहत डिस्पोजल में बरसाती पानी और सीवर के दूषित पानी की निकासी के लिए अलग-अलग टैंक बनाए जाएंगे। साथ ही पंपिंग मशीनरी को भी सुदृढ़ किया जाएगा। इसी डीएनआईटी में शहर के भीतर करीब 23 किलोमीटर क्षेत्र में नई सीवर लाइन बिछाने, पुराने सीवर मैनहोल बदलने और पंपिंग स्टेशनों की मशीनरी अपग्रेड करने का प्रावधान है। इस कार्य पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
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जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की दूसरी डीएनआईटी में दादरी रोड डिस्पोजल को शामिल किया गया है। इस परियोजना पर करीब 13 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें डिस्पोजल की मरम्मत और नवीनीकरण दोनों कार्य शामिल हैं। विभाग का दावा है कि दोनों डिस्पोजल के अपग्रेड होने के बाद शहर की बढ़ी हुई आबादी के अनुरूप सीवरेज का दबाव संभाला जा सकेगा और दूषित पानी की निकासी भिवानी-घग्गर ड्रेन तक अधिक सुचारु रूप से हो सकेगी।
क्षतिग्रस्त मुख्य सीवर लाइन दुरुस्त करने के लिए करना पड़ेगा इंतजार
शहर में चिड़ियाघर रोड पर डीसी कार्यालय के समीप मुख्य सीवर लाइन क्षतिग्रस्त है। इसी प्रकार दादरी रोड पर भी मुख्य सीवर लाइन में खराबी है। डीसी कार्यालय के पास करीब 850 मीटर लंबी क्षतिग्रस्त लाइन को दुरुस्त किया जाना है जबकि दादरी रोड पर करीब 250 मीटर क्षेत्र में सीवर लाइन में रुकावट बनी हुई है। विभाग से इसका एस्टीमेट मंजूर हो चुका है लेकिन डीएनआईटी अभी तैयार नहीं हुई है। इसे अगले पखवाड़े में मुख्यालय भेजा जाएगा। फिलहाल अधिकारी प्रस्ताव में मौजूद खामियों को दूर करने में जुटे हैं।
मानसून से पहले नहीं बदले जाएंगे क्षतिग्रस्त मैनहोल के ढक्कन
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग करोड़ों रुपये की परियोजनाओं पर काम शुरू करने की तैयारी में है लेकिन मानसून से पहले शहर में क्षतिग्रस्त सीवर मैनहोल के ढक्कन और जर्जर सीवर लाइनों की मरम्मत नहीं हो पाएगी। ऐसे में शहरवासियों को इस मानसून भी सीवर संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि विभाग मुख्य सीवर लाइनों और बरसाती नालों की सफाई का कार्य मानसून से पहले पूरा कराने का दावा कर रहा है। इसके बावजूद निचले इलाकों में जर्जर सीवर लाइनों के कारण लोगों की परेशानी बनी रह सकती है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की तरफ से शहर के अंदर सीवर लाइनों के तीन अलग-अलग काम कराए जाएंगे। इसमें दादरी रोड डिस्पोजल, देवसर चुंगी डिस्पोजल के अलावा शहरी दायरे में नई सीवर लाइन डालने के कार्य की डीएनआईटी मंजूर हो चुकी है। जिसके इसी सप्ताह टेंडर लगाए जाएंगे। लेकिन मानसून के बाद ही नई सीवर लाइन और डिस्पोजलों को अपग्रेड किए जाने का काम शुरू हो पाएगा। -सूर्यकांत, कार्यकारी अभियंता, शहरी सीवरेज शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।