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Bhiwani News: पिछले डेढ़ साल से पेंशन के लिए भटक रही विधवा
Mon, 30 Sep 2024 03:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 30 Sep 2024 03:38 AM IST
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भिवानी में परिवार के साथ विधवा रोशनी।
भिवानी। पति की मौत के बाद पिछले डेढ़ साल से पेंशन पाने के लिए एक विधवा सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है। परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) में ही पीड़िता का नाम शामिल नहीं है। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा विधवा महिला भुगतने के लिए मजबूर है। इसी कारण शिकायत दर्ज कराने के बावजूद न तो उनका नाम पीपीपी जुड़ा और न ही पेंशन का समाधान हुआ है।
दिनोद रोड लक्ष्मीनगर कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय रोशनी देवी ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उसके पति मुरारीलाल की मौत हो गई थी। उन्होंने विधवा पेंशन बनवाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें बताया गया कि पीपीपी में उनका नाम ही दर्ज नहीं है जबकि उनके परिवार के अन्य सदस्यों का पीपीपी बना है।
लाख प्रयासों के बावजूद भी उनका नाम पीपीपी में दर्ज नहीं हुआ है। इसकी वजह से उनकी पेंशन भी नहीं बन पा रही है। महिला के बेटे गोलिया ने बताया कि पीपीपी में नाम दर्ज कराने के लिए वे हरसंभव जगह प्रयास कर चुके हैं। उनसे जो दस्तावेज मांगे गए वे सभी दिए हैं। इसके बावजूद उनकी मां की विधवा पेंशन नहीं बनी है।
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अब अधिकारी चुनावी आचार संहिता की बाधा बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। वहीं, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अनिल कुमार ने बताया कि पीपीपी में नाम शामिल होने के बाद ही विधवा पेंशन संबंधी औपचारिकताएं पूरी हो सकेगी।
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दिनोद रोड लक्ष्मीनगर कॉलोनी निवासी 55 वर्षीय रोशनी देवी ने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले उसके पति मुरारीलाल की मौत हो गई थी। उन्होंने विधवा पेंशन बनवाने के लिए आवेदन किया था, लेकिन उन्हें बताया गया कि पीपीपी में उनका नाम ही दर्ज नहीं है जबकि उनके परिवार के अन्य सदस्यों का पीपीपी बना है।
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लाख प्रयासों के बावजूद भी उनका नाम पीपीपी में दर्ज नहीं हुआ है। इसकी वजह से उनकी पेंशन भी नहीं बन पा रही है। महिला के बेटे गोलिया ने बताया कि पीपीपी में नाम दर्ज कराने के लिए वे हरसंभव जगह प्रयास कर चुके हैं। उनसे जो दस्तावेज मांगे गए वे सभी दिए हैं। इसके बावजूद उनकी मां की विधवा पेंशन नहीं बनी है।
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अब अधिकारी चुनावी आचार संहिता की बाधा बताकर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे हैं। वहीं, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अनिल कुमार ने बताया कि पीपीपी में नाम शामिल होने के बाद ही विधवा पेंशन संबंधी औपचारिकताएं पूरी हो सकेगी।