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ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ा ताला
ब्यूरो/अमर उजाला, भिवानी
Updated Fri, 05 Sep 2014 12:34 AM IST
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बिधनोई के राजकीय विद्यालय में संदिग्ध हालत में तीसरी बार हुई कंप्यूटर सामान की चोरी की घटना से ग्रामीण बिफर गए। नाराज ग्रामीणों ने चोरी में विद्यालय प्रशासन की मिलीभगत बताते हुए विद्यालय के मेन गेट पर ताला जड़ दिया।
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लोगों ने शिक्षा एवं पुलिस अधिकारियों से जमकर तू तड़ाक की तथा चोर को सामने लाने की बात कही। अधिकारियों द्वारा एक सप्ताह में घटना का पर्दाफाश किए जाने पर लोग शांत हुए। वीरवार को सुबह जैसे ही विद्यालय शुरू हुआ तो बड़ी संख्या में ग्रामीण विद्यालय परिसर में पहुंच गए।
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ग्रामीणों ने विद्यालय प्रशासन से चोरी की घटना की जानकारी ली तथा कहा कि ऐसा पहली बार हुआ है जब ताला बंद हो और सामान चोरी हो जाए। इसके अलावा जब भी रूम की सफाई करने के लिए डीटीएच रूम का ताला खोला जाता है तो उसमें से सामान की चोरी का पता लगता है।
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इससे साफ है कि इसमें विद्यालय के ही कुछ लोगों की मिलीभगत हो सकती है। इसके बिना ऐसा संभव नहीं है। लोगों ने कहा कि इससे पहले दो बार सामान चोरी हो चुका है लेकिन आज तक इसका पता नहीं चल पाया है।
ग्रामीणों ने बताया मामला गंभीर
ग्रामीण अजीत बिधनोई, प्रदीप श्योराण ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है। लेकिन, विद्यालय प्रशासन, पुलिस तथा शिक्षा विभाग इसे हर बार इसके प्रति अपनी जवाबदेही नहीं समझ रहे है। विद्यालय में बार-बार चोरी की घटनाएं हो रही है लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
शिक्षा अधिकारी गौतम कुमार द्वारा लोगों को इस बारे में स्पष्टीकरण दिया गया, पर लोग नहीं माने। उन्होंने कहा कि ग्रामीण आज ठोस आश्वासन लेने के बाद ही यहां से जाएंगे। शिक्षा अधिकारियों तथा पुलिस ने लोगों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के अंदर पुलिस जांच के बाद चोरी में शामिल लोगों को सामने ला देगी।
इस पर लोगों ने आंदोलन खत्म करते हुए प्रशासन को यह चेतावनी दी कि अगर निर्धारित समय सीमा में चोर नहीं पकड़े गए तो वे अनिश्चितकाल के लिए आंदोलन शुरू कर देंगे। इस अवसर पर गांव के सरपंच सोमवीर, सुरजीत, राकेश श्योराण, जयवीर फौजी, सामेश लोहर, रविन्द्र श्योराण सहित अनेक ग्रामीण व अन्य लोग उपस्थित थे।
एफएसएल टीम ने लिए नमूने
पुलिस की सूचना पर भिवानी से एफएसएल टीम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने डीटीएच रूम में फिंगर प्रिंट लिए तथा अन्य आवश्यक जांच की। पुलिस अधिकारी राजबीर ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच करेगी। इसके लिए विद्यालय के चौकीदार के अलावा स्टाफ से पूछताछ करेगी। कंप्यूटर सामान चोरी की पहले दो बार हुई घटनाओं और अब की घटना को मिलाकर देखा जाएगा। इसके अलावा ग्रामीण द्वारा विद्यालय स्टाफ पर लगाए गए मिलीभगत के आरोप की जांच की जाएगी।
ग्रामीणों ने मांगा इन सवालों का जवाब
1. सरकार द्वारा डीटीएच रूम में लगाने के लिए बड़े साइज के लॉक दिए है, वो कहां है।
2. जब डीटीएच रूम का ताला चौकीदार की चाबी से खुल रहा है तथा बंद नहीं हो रहा है, इसके पीछे क्या राज है। कहीं, चोर के पास लॉक की ‘मास्टर की’ तो नहीं है।
3. डीटीएच रूम में रखे कंप्यूटर विद्यार्थियों को सिखाने के लिए दिए गए है। फिर, कंप्यूटर शिक्षक होते हुए भी पढ़ाई क्यों नहीं हो पा रही है।
4. क्या चोरी का उसी दिन पता लगता है जब डीटीएच रूम को सफाई के लिए खोला जाता है। इसके अलावा क्या डीटीएच रूम की सफाई छह महीने में ही एक बार होती है।
5. पीछे दो बार चोरी हो चुकी है। लेकिन, आज तक उस चोरी को पकड़ने के लिए पुलिस ने क्या कार्रवाई की, कभी विद्यालय प्रशासन ने इस बात की पुलिस से पूछा।
6. कभी इस बात को क्यों नहीं देखा गया कि रात को विद्यालय में चौकीदार अपनी ड्यूटी देता है या नहीं देता है।