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Bhiwani News: 50 करोड़ की परियोजना से मिनटों में होगी बरसाती पानी की निकासी
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देवसर चुंगी स्थित पुराना डिस्पोजल का टैंक।
भिवानी। शहर में पिछले कई दशकों से जलभराव की समस्या झेल रहे इलाकों को स्थायी निजात दिलाने के लिए जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने करीब 50 करोड़ रुपये की महत्वाकांक्षी परियोजना का खाका तैयार किया है। विभाग ने फील्ड सर्वेक्षण पूरा कर परियोजना का डिजाइन भी तैयार कर लिया है। योजना सिरे चढ़ने के बाद शहर में बरसाती पानी की निकासी घंटों के बजाय मिनटों में हो सकेगी।
फिलहाल शहर के कई जलभराव संभावित इलाकों में करीब साढ़े चार दशक पुराने डिस्पोजलों की क्षमता काफी कम है। परियोजना के तहत इनकी क्षमता कई गुना बढ़ाई जाएगी। विभाग ने विकास नगर स्थित 15 एमएलडी क्षमता के पुराने डिस्पोजल को बढ़ाकर 60 एमएलडी करने का डिजाइन तैयार किया है।
हालांकि इसके लिए विभाग को नई भूमि की जरूरत है। भूमि उपलब्ध कराने के लिए नगर परिषद और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से भी मांग की गई है। विकास नगर जलभराव संभावित इलाका है और यहां पुराना डिस्पोजल थोड़ी बारिश में ही भर जाता है।
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इसी तरह सर्कुलर रोड के खुले नाले की जगह पाइपलाइन बिछाकर ढाणा रोड पर 102 एमएलडी क्षमता का नया बरसाती डिस्पोजल तैयार किया जाएगा। फिलहाल ढाणा रोड पर 38 एमएलडी क्षमता का पुराना डिस्पोजल है। यहां बरसाती पानी के लिए एक छोटा टैंक भी बना हुआ है। इसके बावजूद करीब आधे शहर के बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। नए टैंक के निर्माण और रोहतक गेट से ढाणा रोड तक खुले नालों को पाइपलाइन में बदलने के बाद बरसाती पानी की निकासी तेजी से हो सकेगी।
शिव नगर और कन्हीराम डिस्पोजलों की बढ़ेगी तीन गुना क्षमता
शहर की शिव नगर कॉलोनी और कन्हीराम क्षेत्र भी बरसाती जलभराव संभावित इलाके हैं। यहां फिलहाल 10-10 एमएलडी क्षमता के डिस्पोजल बने हुए हैं। नई योजना के तहत दोनों डिस्पोजलों की क्षमता बढ़ाकर 35-35 एमएलडी की जाएगी। कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि इन इलाकों में बारिश के पानी की निकासी में आठ से 10 घंटे तक लग जाते हैं। क्षमता बढ़ने के बाद जलभराव वाले इलाकों से पानी मिनटों में ड्रेन तक पहुंच सकेगा।
देवसर चुंगी डिस्पोजल पर 55 एमएलडी का बनेगा नया बरसाती टैंक
विभाग की नई परियोजना में देवसर चुंगी स्थित पुराने डिस्पोजल पर 55 एमएलडी क्षमता का नया बरसाती टैंक बनाने का भी प्रावधान किया गया है। फिलहाल यहां 50 एमएलडी क्षमता का बरसाती टैंक पहले से बना हुआ है। इसी डिस्पोजल से पुराने शहर के बरसाती पानी की निकासी भिवानी-घग्गर ड्रेन तक होती है।
हांसी गेट से देवसर चुंगी डिस्पोजल तक डाली जाएगी डेढ़ किमी लंबी बरसाती लाइन
सर्कुलर रोड स्थित हांसी गेट से देवसर चुंगी मुख्य डिस्पोजल तक बरसाती पानी की निकासी के लिए अलग पाइपलाइन बिछाई जाएगी। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी यह लाइन आसपास के इलाकों का बरसाती पानी तेजी से डिस्पोजल तक पहुंचाएगी। फिलहाल बारिश का पानी मुख्य सीवर लाइन के जरिये ही डिस्पोजल तक पहुंचता है। अलग लाइन बनने से सीवर लाइन पर बरसाती पानी का दबाव भी कम होगा और पानी की ड्रेन तक निकासी तेज होगी।
एमसी कॉलोनी में डिस्पोजल की क्षमता बढ़ाने के लिए भूमि की तलाश
शहर का एमसी कॉलोनी डिस्पोजल करीब 45 साल पुराना है और यह क्षेत्र भी जलभराव की समस्या से प्रभावित है। सब्जी मंडी, औद्योगिक क्षेत्र, विकास नगर और रोहतक गेट क्षेत्र का बरसाती पानी डिस्पोजल पर दबाव बढ़ा देता है। यहां 15 एमएलडी से बढ़ाकर 60 एमएलडी क्षमता का डिस्पोजल तैयार किया जाना है। इसके लिए विभाग को भूमि नहीं मिल रही है। अधिकारियों के अनुसार नगर परिषद आसपास भूमि उपलब्ध कराती है तो इस इलाके में बरसाती पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
शहर से बरसाती पानी की निकासी के लिए करीब 50 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की परियोजना का खाका तैयार किया है। इसका फील्ड सर्वे और डिजाइन भी तैयार हो चुका है। उपायुक्त के साथ भी इस मसौदे पर विस्तृत चर्चा की जा चुकी है। विकास नगर डिस्पोजल के लिए भूमि की तलाश है। जगह मिलने के बाद इसका मसौदा मुख्यालय की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। भूमि के लिए एचएसआईडीसी और नगर परिषद से भी पत्राचार किया गया है। -सूर्यकांत, कार्यकारी अभियंता, शहरी पेयजल एवं सीवरेज शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।
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फिलहाल शहर के कई जलभराव संभावित इलाकों में करीब साढ़े चार दशक पुराने डिस्पोजलों की क्षमता काफी कम है। परियोजना के तहत इनकी क्षमता कई गुना बढ़ाई जाएगी। विभाग ने विकास नगर स्थित 15 एमएलडी क्षमता के पुराने डिस्पोजल को बढ़ाकर 60 एमएलडी करने का डिजाइन तैयार किया है।
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हालांकि इसके लिए विभाग को नई भूमि की जरूरत है। भूमि उपलब्ध कराने के लिए नगर परिषद और हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण से भी मांग की गई है। विकास नगर जलभराव संभावित इलाका है और यहां पुराना डिस्पोजल थोड़ी बारिश में ही भर जाता है।
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इसी तरह सर्कुलर रोड के खुले नाले की जगह पाइपलाइन बिछाकर ढाणा रोड पर 102 एमएलडी क्षमता का नया बरसाती डिस्पोजल तैयार किया जाएगा। फिलहाल ढाणा रोड पर 38 एमएलडी क्षमता का पुराना डिस्पोजल है। यहां बरसाती पानी के लिए एक छोटा टैंक भी बना हुआ है। इसके बावजूद करीब आधे शहर के बरसाती पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। नए टैंक के निर्माण और रोहतक गेट से ढाणा रोड तक खुले नालों को पाइपलाइन में बदलने के बाद बरसाती पानी की निकासी तेजी से हो सकेगी।
शिव नगर और कन्हीराम डिस्पोजलों की बढ़ेगी तीन गुना क्षमता
शहर की शिव नगर कॉलोनी और कन्हीराम क्षेत्र भी बरसाती जलभराव संभावित इलाके हैं। यहां फिलहाल 10-10 एमएलडी क्षमता के डिस्पोजल बने हुए हैं। नई योजना के तहत दोनों डिस्पोजलों की क्षमता बढ़ाकर 35-35 एमएलडी की जाएगी। कनिष्ठ अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि इन इलाकों में बारिश के पानी की निकासी में आठ से 10 घंटे तक लग जाते हैं। क्षमता बढ़ने के बाद जलभराव वाले इलाकों से पानी मिनटों में ड्रेन तक पहुंच सकेगा।
देवसर चुंगी डिस्पोजल पर 55 एमएलडी का बनेगा नया बरसाती टैंक
विभाग की नई परियोजना में देवसर चुंगी स्थित पुराने डिस्पोजल पर 55 एमएलडी क्षमता का नया बरसाती टैंक बनाने का भी प्रावधान किया गया है। फिलहाल यहां 50 एमएलडी क्षमता का बरसाती टैंक पहले से बना हुआ है। इसी डिस्पोजल से पुराने शहर के बरसाती पानी की निकासी भिवानी-घग्गर ड्रेन तक होती है।
हांसी गेट से देवसर चुंगी डिस्पोजल तक डाली जाएगी डेढ़ किमी लंबी बरसाती लाइन
सर्कुलर रोड स्थित हांसी गेट से देवसर चुंगी मुख्य डिस्पोजल तक बरसाती पानी की निकासी के लिए अलग पाइपलाइन बिछाई जाएगी। करीब डेढ़ किलोमीटर लंबी यह लाइन आसपास के इलाकों का बरसाती पानी तेजी से डिस्पोजल तक पहुंचाएगी। फिलहाल बारिश का पानी मुख्य सीवर लाइन के जरिये ही डिस्पोजल तक पहुंचता है। अलग लाइन बनने से सीवर लाइन पर बरसाती पानी का दबाव भी कम होगा और पानी की ड्रेन तक निकासी तेज होगी।
एमसी कॉलोनी में डिस्पोजल की क्षमता बढ़ाने के लिए भूमि की तलाश
शहर का एमसी कॉलोनी डिस्पोजल करीब 45 साल पुराना है और यह क्षेत्र भी जलभराव की समस्या से प्रभावित है। सब्जी मंडी, औद्योगिक क्षेत्र, विकास नगर और रोहतक गेट क्षेत्र का बरसाती पानी डिस्पोजल पर दबाव बढ़ा देता है। यहां 15 एमएलडी से बढ़ाकर 60 एमएलडी क्षमता का डिस्पोजल तैयार किया जाना है। इसके लिए विभाग को भूमि नहीं मिल रही है। अधिकारियों के अनुसार नगर परिषद आसपास भूमि उपलब्ध कराती है तो इस इलाके में बरसाती पानी की समस्या का स्थायी समाधान हो सकेगा।
शहर से बरसाती पानी की निकासी के लिए करीब 50 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत की परियोजना का खाका तैयार किया है। इसका फील्ड सर्वे और डिजाइन भी तैयार हो चुका है। उपायुक्त के साथ भी इस मसौदे पर विस्तृत चर्चा की जा चुकी है। विकास नगर डिस्पोजल के लिए भूमि की तलाश है। जगह मिलने के बाद इसका मसौदा मुख्यालय की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। भूमि के लिए एचएसआईडीसी और नगर परिषद से भी पत्राचार किया गया है। -सूर्यकांत, कार्यकारी अभियंता, शहरी पेयजल एवं सीवरेज शाखा, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, भिवानी।