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Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   The villagers asked for fogging the diesel-gasoline

फोगिंग के लिए ग्रमीणों से ही मांगा डीजल-पेट्रोल

Thu, 29 Oct 2015 12:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी
ब्यूरो/अमर उजाला भिवानी Updated Thu, 29 Oct 2015 12:35 AM IST
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डेंगू व मलेरिया पर नियंत्रण के लिए जरूरी फोगिंग करवाने के लिए इन दिनों देवसर गांव के लोगों को माथा-पच्ची करनी पड़ रही है। फोगिंग करवाने को लेकर जब ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से संपर्क साध अपनी बात रखी तो उन्हें खुद ही डीजल-पेट्रोल का इंतजाम करने को कहा गया। विभाग की ओर से कहा गया कि 30 लीटर डीजल व 10 लीटर पेट्रोल लाने के बाद ही फोगिंग का कार्य सुचारू रूप से हो पाएगा। बाद में ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जब जनस्वास्थ्य मंत्री से की तो यह बात सिविल सर्जन तक पहुंची। इसे लेकर सिविल सर्जन ने बताया कि उनके पास फोगिंग के लिए बजट है और ग्रामीणों को कोई पेट्रोल-डीजल देने की जरूरत नहीं है।
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जिले भर में बने डेंगू के कहर के बीच देवसर गांव से भी काफी संख्या में डेंगू पॉजीटिव मरीज सामने आ रहे है।डेंगू के बढ़ते कहर के बाद ग्रामीणों ने जब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों सेे गांव में डेंगू की रोकथाम को लेकर फोगिंग की बात कही तो उन्हें 30 लीटर डीजल व 10 लीटर पेट्रोल लाने की साफ-साफ बात कही। जिसके बाद ग्रामीणों का एक प्रतिनिधिमंडल जनस्वास्थ्य मंत्री घनश्याम सर्राफ से मिला और यह समस्या रखी। मंत्री ने ग्रामीणों को गांव में फोगिंग कराने का आश्वासन दिया।
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क्या कहते है ग्रामीण
ग्रामीण संजय देवसरिया, अनिल, राजेश ने बताया कि गांव में डेंगू का कहर है। अनेक इसके शिकार हो चुके है। इसके बाद भी गांव में कोई फोगिंग या अन्य बचाव कार्य नहीं हुए। अब स्वास्थ्य विभाग कर्मचारियों से फोगिंग की मांग की तो डीजल, पेट्रोल मांग रहे है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के कई डेंगू से पीड़ित हैं जिनका अलग-अलग निजी अस्पतालों में उपचार चल रहा है।  
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 वर्जन
जहां भी डेंगू पॉजीटिव मरीज आता है, उसके आसपास के क्षेत्र में फोगिंग करवाई जाती है। वैसे फोगिंग का कार्य नगर परिषद व ग्राम पंचायत को सौंपी गई है। यदि कोई प्राइवेट संस्था अपने यहां फोगिंग कराना चाहती है तो उसके अलग नियम अनुसार कराई जा सकती है।
डा. रणदीप पूनिया, सिविल सर्जन
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