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Bhiwani News: किसानों को टपका सिंचाई और मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम पर मिलने वाली 85 फीसदी सब्सिडी का पोर्टल दो साल से बंद
Sun, 24 Nov 2024 04:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 24 Nov 2024 04:23 AM IST
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गांव सिधनवा में किसान द्वारा उगाई गई फसल।
बहल। लोहारू क्षेत्र के किसानों को टपका सिंचाई और मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम पर सरकार द्वारा दी जाने वाली 85 प्रतिशत सब्सिडी का पोर्टल पिछले दो सालों से बंद है। हालांकि मार्च 2024 में तीन दिन के लिए पोर्टल खोला गया था, लेकिन उस समय भी साइट बिजी होने के कारण किसानों की फाइल नहीं लग पाई थी। इसके चलते किसानों को यह सिस्टम बाजार से पूरे दाम पर खरीदना पड़ रहा है, जिससे उनकी आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं।
किसानों का कहना है कि सब्सिडी योजना बंद होने के कारण उनकी लागत में वृद्धि हुई है, जिससे खेती की लाभप्रदता पर नकारात्मक असर पड़ा है। किसान अमित सिधनवा, नवीन इश्वरवाल, राहुल और महेंद्र इश्वरवाल ने बताया कि पहले सरकार की इस योजना से उन्हें टपका सिंचाई और मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने में भारी आर्थिक राहत मिलती थी। यह योजना कम पानी वाले क्षेत्रों में जल बचाने और फसलों की बेहतर पैदावार सुनिश्चित करने के लिए बहुत उपयोगी थी।
किसानों ने कहा कि टपका सिंचाई से न केवल पानी की बचत होती है, बल्कि फसलों को समय पर पर्याप्त पोषण भी मिलता है। लेकिन वर्तमान में बिना सब्सिडी के, यह सिस्टम खरीदना छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों के लिए मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस योजना को जल्द से जल्द फिर से शुरू किया जाए ताकि किसान कम लागत में आधुनिक सिंचाई तकनीकों का लाभ उठा सकें।
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साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि सरकार कृषि को प्रोत्साहन देना चाहती है तो उसे किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। किसानों का यह भी कहना है कि यदि सब्सिडी योजना बहाल नहीं हुई, तो उन्हें खेती छोड़ने जैसे कठोर फैसले लेने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
मिनी स्प्रिंग कलर के लिए किसानों के आवेदन की प्रक्रिया चालू रहती है। वर्ष के निर्धारित टारगेट पूरा करने के बाद पोर्टल बंद हो जाता है। फिर भी किसी किसान की फाइल में दिक्कत है तो वह जिला मुख्यालय पर अपने शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
-मुनीष देशवाल, कार्यकारी अभियंता, मिकाड़ा, भिवानी।
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किसानों का कहना है कि सब्सिडी योजना बंद होने के कारण उनकी लागत में वृद्धि हुई है, जिससे खेती की लाभप्रदता पर नकारात्मक असर पड़ा है। किसान अमित सिधनवा, नवीन इश्वरवाल, राहुल और महेंद्र इश्वरवाल ने बताया कि पहले सरकार की इस योजना से उन्हें टपका सिंचाई और मिनी स्प्रिंकलर सिस्टम लगाने में भारी आर्थिक राहत मिलती थी। यह योजना कम पानी वाले क्षेत्रों में जल बचाने और फसलों की बेहतर पैदावार सुनिश्चित करने के लिए बहुत उपयोगी थी।
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किसानों ने कहा कि टपका सिंचाई से न केवल पानी की बचत होती है, बल्कि फसलों को समय पर पर्याप्त पोषण भी मिलता है। लेकिन वर्तमान में बिना सब्सिडी के, यह सिस्टम खरीदना छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों के लिए मुश्किल हो गया है। उन्होंने सरकार से अपील की कि इस योजना को जल्द से जल्द फिर से शुरू किया जाए ताकि किसान कम लागत में आधुनिक सिंचाई तकनीकों का लाभ उठा सकें।
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साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि सरकार कृषि को प्रोत्साहन देना चाहती है तो उसे किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए। किसानों का यह भी कहना है कि यदि सब्सिडी योजना बहाल नहीं हुई, तो उन्हें खेती छोड़ने जैसे कठोर फैसले लेने पर मजबूर होना पड़ सकता है।
मिनी स्प्रिंग कलर के लिए किसानों के आवेदन की प्रक्रिया चालू रहती है। वर्ष के निर्धारित टारगेट पूरा करने के बाद पोर्टल बंद हो जाता है। फिर भी किसी किसान की फाइल में दिक्कत है तो वह जिला मुख्यालय पर अपने शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
-मुनीष देशवाल, कार्यकारी अभियंता, मिकाड़ा, भिवानी।