{"_id":"688cfec8704025330602daf4","slug":"the-fight-of-ops-is-for-self-respect-and-secure-future-of-the-employees-mahendra-mann-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-137649-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओपीएस की लड़ाई कर्मचारियों के आत्मसम्मान और सुरक्षित भविष्य की जंग : महेंद्र मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओपीएस की लड़ाई कर्मचारियों के आत्मसम्मान और सुरक्षित भविष्य की जंग : महेंद्र मान
Fri, 01 Aug 2025 11:22 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Fri, 01 Aug 2025 11:22 PM IST
विज्ञापन
ढिगावा मंडी। पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) को फिर से लागू करवाने की लड़ाई किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हर कर्मचारी के आत्मविश्वास, आत्मगौरव और सुखद भविष्य की लड़ाई है। यह बात जिला हसला प्रधान महेंद्र मान और राज्य सचिव श्यामसुंदर सांगवान ने साथी कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि जब तक हर कर्मचारी संघर्ष में पूरी ताकत के साथ, संगठित होकर हिस्सा नहीं लेता, तब तक सकारात्मक परिणाम की उम्मीद करना व्यर्थ है। कर्मचारियों को अब खुद एक मजबूत संगठन बनकर अपनी मांगों के लिए खड़ा होना होगा। महासचिव डॉ. राजीव वत्स ने कहा कि जनप्रतिनिधि बिना किसी बहस के ध्वनि मत से हर साल अपनी पेंशन बढ़ा लेते हैं, और यह भी प्रावधान है कि जितनी बार चुनाव जीतें, उतनी बार पेंशन मिलेगी। लेकिन कर्मचारी वर्ग, जो दशकों तक सेवा देता है, उसकी पेंशन छीनी जा रही है और उसके परिवारों के भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया गया है। इस मौके पर खंड प्रधान मुकेश धानिया, राज्य लीगल एडवाइजर प्रदुमन गढ़वाल, जयवीर मान, डॉ. कुलदीप लेघा और नरेंद्र पूनिया भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि जब तक हर कर्मचारी संघर्ष में पूरी ताकत के साथ, संगठित होकर हिस्सा नहीं लेता, तब तक सकारात्मक परिणाम की उम्मीद करना व्यर्थ है। कर्मचारियों को अब खुद एक मजबूत संगठन बनकर अपनी मांगों के लिए खड़ा होना होगा। महासचिव डॉ. राजीव वत्स ने कहा कि जनप्रतिनिधि बिना किसी बहस के ध्वनि मत से हर साल अपनी पेंशन बढ़ा लेते हैं, और यह भी प्रावधान है कि जितनी बार चुनाव जीतें, उतनी बार पेंशन मिलेगी। लेकिन कर्मचारी वर्ग, जो दशकों तक सेवा देता है, उसकी पेंशन छीनी जा रही है और उसके परिवारों के भविष्य पर संकट खड़ा कर दिया गया है। इस मौके पर खंड प्रधान मुकेश धानिया, राज्य लीगल एडवाइजर प्रदुमन गढ़वाल, जयवीर मान, डॉ. कुलदीप लेघा और नरेंद्र पूनिया भी उपस्थित रहे।
विज्ञापन