{"_id":"65f73cd8428d825bfa07c404","slug":"the-demand-was-2250-cusecs-1200-cusecs-of-water-reached-the-canals-on-the-first-day-after-two-days-the-city-will-get-relief-from-rationing-bhiwani-news-c-125-1-shsr1009-114777-2024-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: 2250 क्यूसेक की थी डिमांड, पहले दिन नहरों में पहुंचा 1200 क्यूसेक पानी, दो दिन बाद शहर को राशनिंग से मिलेगी निजात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: 2250 क्यूसेक की थी डिमांड, पहले दिन नहरों में पहुंचा 1200 क्यूसेक पानी, दो दिन बाद शहर को राशनिंग से मिलेगी निजात
Mon, 18 Mar 2024 12:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 18 Mar 2024 12:26 AM IST
विज्ञापन
भिवानी। गर्मी की दस्तक के साथ ही पेयजल संकट ने भी अपने पैर पसार लिए हैं। रविवार को सुंदर ग्रुप की नहरों में 1200 क्यूसेक पानी पहुंच गया। वहीं डिमांड 2250 क्यूसेक की भेजी थी। इसके बाद शहरवासियों को भी गंभीर जल संकट से निजात मिलने की आस जगी है।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का दावा है कि अगर मंगलवार से टैंकों में पानी पहुंचना शुरू होता है तो बुधवार से ही शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति कर दी जाएगी। फिलहाल पूरे शहर में एक दिन छोड़ एक दिन पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। सबसे अहम तो नहरों में गर्मी से पहले ही पानी का संकट गहराना जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की पानी भंडारण क्षमता पर भी बड़ा सवाल उठा रहा है। हालांकि नहरों में निर्धारित शेड्यूल से कम पानी मिलना भी एक बड़ी वजह है।
सिंचाई विभाग के मोहला हेड से शनिवार को ही पानी छोड़ दिया गया था। रविवार को सुंदर ग्रुप की नहरों में 1200 क्यूसेक पानी पहुंचा। रविवार को सुंदर में 700 क्यूसेक और मिताथल में 254 क्यूसेक पानी पहुंचा। वहीं जूई फीडर में भी 234 क्यूसेक पानी ही आया। शुरुआत में नहरों के अंदर कम पानी आने की वजह यमुना में पानी की कमी को माना जा रहा है। यमुना में इस समय पानी का स्तर कम है। इसका असर भिवानी की नहरों के पानी पर भी पड़ रहा है।
विज्ञापन
दक्षिण हरियाणा के राजस्थान से सटे मरुस्थली इलाके में नहरी पानी की हमेशा कमी बनी रही है। इसकी वजह से गर्मियों के मौसम में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में पानी का भी गंभीर जल संकट बन रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो सुंदर ग्रुप में 2250 क्यूसेक पानी की डिमांड की गई थी, जिसके मुकाबले शुरुआत में सिर्फ 1200 क्यूसेक पानी ही मिला है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मुख्यालय के अधिकारियों को नहरों में पानी का स्तर बढ़ाने की भी डिमांड भेजी है, ताकि टेल तक पानी पहुंचे और जलघर के अलावा गांव के जोहड़ों को भी पानी से भरा जा सके। गर्मियों में लोगों के साथ पशुओं के पीने के पानी का भी संकट बन जाता है।
शुरुआत में नहरों में पानी के साथ अत्यधिक मिट्टी आ रही है। इसलिए मंगलवार तक शहरी टैंकों को भरना शुरू किया जाएगा। सब ठीक रहा तो बुधवार से शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। फिलहाल नहरों में पानी की उपलब्धता पर निर्भर है। एक बार शहरी दायरे के टैंक भरने पर 22 दिन तक आपूर्ति में दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
-दीपक कुमार, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
मोहला हेड से सुंदर ग्रुप में करीब 1200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हमने नहरों में पानी बढ़ाने की दोबारा से डिमांड मुख्यालय को भेजी है। उम्मीद है नहरों में पानी का स्तर बढ़ेगा। हमारी प्राथमिकता शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के जलघर टैंकों को भरने की रहेगी। नहरों में पानी 24 मार्च तक चलेगा।
-जितेंद्र मान कार्यकारी अभियंता भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सिंचाई विभाग।
विज्ञापन
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का दावा है कि अगर मंगलवार से टैंकों में पानी पहुंचना शुरू होता है तो बुधवार से ही शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति कर दी जाएगी। फिलहाल पूरे शहर में एक दिन छोड़ एक दिन पेयजल आपूर्ति दी जा रही है। सबसे अहम तो नहरों में गर्मी से पहले ही पानी का संकट गहराना जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की पानी भंडारण क्षमता पर भी बड़ा सवाल उठा रहा है। हालांकि नहरों में निर्धारित शेड्यूल से कम पानी मिलना भी एक बड़ी वजह है।
विज्ञापन
सिंचाई विभाग के मोहला हेड से शनिवार को ही पानी छोड़ दिया गया था। रविवार को सुंदर ग्रुप की नहरों में 1200 क्यूसेक पानी पहुंचा। रविवार को सुंदर में 700 क्यूसेक और मिताथल में 254 क्यूसेक पानी पहुंचा। वहीं जूई फीडर में भी 234 क्यूसेक पानी ही आया। शुरुआत में नहरों के अंदर कम पानी आने की वजह यमुना में पानी की कमी को माना जा रहा है। यमुना में इस समय पानी का स्तर कम है। इसका असर भिवानी की नहरों के पानी पर भी पड़ रहा है।
विज्ञापन
दक्षिण हरियाणा के राजस्थान से सटे मरुस्थली इलाके में नहरी पानी की हमेशा कमी बनी रही है। इसकी वजह से गर्मियों के मौसम में शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में पानी का भी गंभीर जल संकट बन रहा है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों की मानें तो सुंदर ग्रुप में 2250 क्यूसेक पानी की डिमांड की गई थी, जिसके मुकाबले शुरुआत में सिर्फ 1200 क्यूसेक पानी ही मिला है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मुख्यालय के अधिकारियों को नहरों में पानी का स्तर बढ़ाने की भी डिमांड भेजी है, ताकि टेल तक पानी पहुंचे और जलघर के अलावा गांव के जोहड़ों को भी पानी से भरा जा सके। गर्मियों में लोगों के साथ पशुओं के पीने के पानी का भी संकट बन जाता है।
शुरुआत में नहरों में पानी के साथ अत्यधिक मिट्टी आ रही है। इसलिए मंगलवार तक शहरी टैंकों को भरना शुरू किया जाएगा। सब ठीक रहा तो बुधवार से शहर में नियमित पेयजल आपूर्ति सुचारु कर दी जाएगी। फिलहाल नहरों में पानी की उपलब्धता पर निर्भर है। एक बार शहरी दायरे के टैंक भरने पर 22 दिन तक आपूर्ति में दिक्कत नहीं आने दी जाएगी।
-दीपक कुमार, कनिष्ठ अभियंता, शहरी पेयजल शाखा जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग।
मोहला हेड से सुंदर ग्रुप में करीब 1200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हमने नहरों में पानी बढ़ाने की दोबारा से डिमांड मुख्यालय को भेजी है। उम्मीद है नहरों में पानी का स्तर बढ़ेगा। हमारी प्राथमिकता शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के जलघर टैंकों को भरने की रहेगी। नहरों में पानी 24 मार्च तक चलेगा।
-जितेंद्र मान कार्यकारी अभियंता भिवानी वाटर सर्विसेज भिवानी सिंचाई विभाग।