फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Bhiwani News ›   The chairperson of the women's commission investigated

Bhiwani News: महिला आयोग की चेयरपर्सन ने 55 छात्राओं, कॉलेज प्राचार्य, विधायक सहित पीड़ित परिवार से बात कर की जांच

Sat, 04 Jan 2025 12:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Sat, 04 Jan 2025 12:10 AM IST
विज्ञापन
The chairperson of the women's commission investigated
लोहारू में छात्रा आत्महत्या मामले में हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा रेनू भाटिया के सामने
भिवानी। लोहारू क्षेत्र के गांव फरटिया भीमा में कथित तौर पर कॉलेज फीस नहीं देने पर प्रताड़ना से तंग आकर दलित छात्रा दीक्षा के आत्महत्या प्रकरण में जांच के लिए हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया शुक्रवार को लोहारू पहुंचीं। उन्होंने लोहारू से कांग्रेस विधायक और कॉलेज के मालिक राजबीर फरटिया से जानकारी जुटाने बाद गांव सिंघानी स्थित शारदा महिला कॉलेज पहुंचकर प्राचार्य व छात्राओं के बयान लिए। फरटिया भीमा में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर मदद का भरोसा दिया। साथ ही इस मामले में गठित कमेटी को हर पहलु पर जांच के आदेश दिए। उधर, पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी के काफिले को गांव में विधायक समर्थकों ने रोक लिया। मंत्री ने लोहारू के एसएचओ को लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन




भाटिया ने सभी पक्षों को सुनने के बाद तोशाम डीएसपी को कॉलेज की सीसीटीवी फुटेज की जांच करने और छात्रा द्वारा लिखी गई डायरी और उसके मोबाइल फोन की भी जांच कराने के आदेश दिए। हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र बलियाला ने प्राचार्य व स्टाफ से पूछताछ की और पीड़ित परिवार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। भाटिया ने बताया कि पीड़ित परिवार से बातचीत में पता चला है कि कॉलेज प्रशासन के दबाव में एक होनहार बेटी को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा। कॉलेज प्राचार्य से बात की है, या तो वह दबाव में है या उन्हें जानकारी नहीं है। उन्हें जांच कमेटी के बारे में भी पता नहीं है। कॉलेज विधायक राजबीर फरटिया का है। विधायक कहते हैं कि आरोपी राहुल का कॉलेज से कोई लेना-देना नहीं है, जबकि पिता कॉलेज प्रबंधन कमेटी में है और बेटे के पास कॉलेज का ट्रांसपोर्ट का काम था। ऐसा नहीं हो सकता कि वह कभी कॉलेज नहीं आया हो। डीएसपी को कॉलेज की सीसीटीवी फुटेज की जांच के निर्देश दिए हैं। लड़की डायरी लिखती थी, उसकी भी जांच होगी और फोन को भी जांच के दायरे में लाया जाएगा। छात्राओं से बयान लेकर फीस संबंधी ब्योरा लिया है।
विज्ञापन


पीड़ित परिवार को चार लाख की आर्थिक सहायता देने के निर्देश



हरियाणा राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. रविंद्र बलियाला ने भी शारदा महिला महाविद्यालय का दौरा कर प्राचार्य व स्टाफ से पूछताछ की। वे गांव पीड़ित परिवार से भी मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने एससी-एसटी एक्ट के तहत पीड़ित परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए। इसमें से एक लाख रुपये तत्काल पीड़ित परिवार के बैंक खाते में डालने के निर्देश दिए। आयोग के वाइस चेयरमैन विजेन्द्र ने बताया प्राचार्य को मामले से जुड़े सभी दस्तावेज लेकर व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीबीआई या सेवानिवृत्त न्यायाधीश करे मामले की जांच: विधायक



विधायक राजबीर फरटिया ने बताया कि दीक्षा पिछले तीन साल से कॉलेज में पढ़ रही थी। मेरी जानकारी में होता तो किसी को मरने नहीं देता। दीक्षा की मौत से उनके दिल पर गहरी चोट लगी है। कॉलेज और उनके नाम पर कीचड़ उछाला जा रहा है। मामले की सीबीआई और सेवानिवृत्त न्यायाधीश से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बेटी को न्याय मिलना चाहिए। बिना जांच के कोई बोलता है तो उसे तथ्य को ध्यान में रखकर बोलना चाहिए। मामला फीस का नहीं है। छात्रा कॉलेज में 8 सितंबर 2022 से पढ़ाई कर रही थी। उस समय रजिस्टर में सिर्फ 11 हजार रुपये जमा कराए थे, बाकी की फीस माफ कर दी गई थी। राहुल और छात्रा से बातचीत का मामला कॉलेज से बाहर का है। दोनों के मोबाइल फोन की जांच होनी चाहिए। गौरतलब है कि बीए पांचवें सेमेस्टर की छात्रा दीक्षा ने 24 दिसंबर को अपने घर में फंदा लगाकर जान दे दी थी। परिवार के आरोपों के बाद लोहारू पुलिस ने कॉलेज प्रबंधन समिति सदस्य हनुमान, उसके बेटे राहुल, बेटी व प्राचार्या के खिलाफ केस दर्ज किया था। मामले ने तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री ने भी जांच के आदेश दिए। सत्ता और विपक्ष के नेताओं के भी इस प्रकरण पर बयान देने से सियासी माहौल भी गर्म हो गया।


विधायक समर्थकों ने मंत्री को घेरा



पीड़ित परिवार से मिलने फरटिया भीमा जा रहे सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी के काफिले को गांव में विधायक समर्थक ग्रामीणों ने रोक लिया। वे इस मामले में मंत्री से बात करने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद पुलिस बल ने ग्रामीणों को हटाने का प्रयास किया। इस दौरान कुछ महिलाएं गाड़ी के आगे डटी रहीं, जिन्हें काफी मशक्कत के बाद हटाया जा सका। पुलिस ने वहां जुटी भीड़ को अलग-थलग कर मंत्री के काफिले को पीड़ित परिवार के घर तक पहुंचाया। बेदी ने परिजनों से कहा कि डरने की जरूरत नहीं है। आपके साथ न्याय होगा। वहीं, इस मामले में लोहारू के एसएचओ को लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन कमेटी में शामिल सभी लोगों को जांच में शामिल करने की बात कही।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed