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सड़क पर आई दाखिले की जंग, एक घंटे रोका रास्ता
भिवानी
Updated Fri, 25 Jul 2014 12:48 AM IST
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कॉलेजों में चल रही दाखिले की जंग गुरुवार को सड़क पर आ गई। विभिन्न छात्र संगठनों ने एकजुट होकर हांसी गेट पर जाम लगा दिया। हाथ में हाथ मिलाकर छात्र सड़क के चारों तरफ बैठ गए। इस दौरान विद्यार्थियों ने सीट वृद्धि की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। करीब एक घंटे तक चले जाम से शहर के मुख्य मार्ग से आवागमन बंद रहा।
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इस दौरान जाम के बीच से निकलने की कोशिश कर रहे राहगीरों से छात्रों की तीखी झड़पें भी हुई। पुलिस की लाख कोशिशों के बाद भी छात्रों के न मानने पर नायब तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों की डीसी से वार्ता कराकर एडमिशन की समस्या के समाधान का भरोसा दिलाया।
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वैश्य कॉलेज और गवर्नमेंट कॉलेज में सीमित सीटों के कारण सैकड़ों विद्यार्थियों के प्रवेश से वंचित होने के बाद से अगल-अलग छात्र संगठनों का संघर्ष जारी है। गुरुवार को सभी छात्र संगठन एकजुट हुए और कॉलेज परिसरों से जुलूस की शक्ल में नारे लगाते हुए हांसी गेट पहुंचे। यहां छात्रों ने चौराहे के सभी रास्तों को बंद कर दिया। सड़क के बीच ही छात्र धरने पर बैठ गए। मांगों के समर्थन में जमकर नारे लगाए।
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प्रवेश समस्या के लिए कॉलेज प्रशासन को जिम्मेदार बताते हुए खूब खरी-खोटी सुनाई। जाम की सूचना मिलते ही सिविल और सिटी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों एसएचओ ने छात्रों से वार्ता कर समझाने की कोशिश की, लेकिन छात्र प्रवेश समस्या के समाधान का ठोस आश्वासन न मिलने तक हटने को तैयार नहीं थे। सुबह पौने 11 बजे लगा जाम करीब सवा घंटे तक जारी रहा।
दोपहर 12 बजे मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार ने छात्रों की समस्या सुनी। डीसी से वार्ता के बाद आश्वासन दिया कि कॉलेज प्राचार्यों की बैठक लेकर शीघ्र ही इस मसले का समाधान किया जाएगा। इसके बाद जाम समाप्त हुआ। जाम लगाने वालों में छात्र संघर्ष समिति के अध्यक्ष सूर्या प्रताप, एसएफआई के प्रधान क्रांतिपाल झांझड़िया, पुनीत पांडेय, रवि, सन्नी, राजा, कोकी, जितेंद्र खरक, जयदेव, गोलू, मोनू, रमलू, रवींद्र दिनेश आदि शामिल रहे।
राहगीरों पर भी भड़के छात्र
मुख्य मार्ग पर जाम के चलते सर्कुलर रोड पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। ट्रैफिक पुलिस ने बाद में वाहनों को दूसरे रास्तों से डायवर्ट किया। इस बीच कइयों ने जाम के बीच से निकलने की कोशिश की तो छात्रों ने उन्हें रोक दिया। इसे लेकर राहगीरों और छात्रों में तीखी नोंक-झोंक भी हुई। कई मामला गर्म हुआ, लेकिन दूसरे लोगों ने हस्तक्षेप कर शांत कराया।
यह थी मांगे :
* सभी कॉलेजों में साइंस की एक यूनिट (80 सीटें) बढ़ाई जाएं।
* बीए-बीकॉम में 10 फीसदी सीटें बढ़ाकर ओपेन एडमिशन हो।
* कम्पार्टमेंट के सभी विद्यार्थियों को दाखिला मिले।
* प्रास्पेक्टस देने की तिथि बढ़ाई जाए।
* आरएलई के छात्रों का बिना लेट फीस के दाखिला लिया जाए।
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एसएफआई ने खत्म की भूख हड़ताल
सीट वृद्धि की मांग को लेकर गवर्नमेंट कॉलेज में चल रही एसएफआई की भूख हड़ताल गुरुवार को खत्म हो गई। जिला संघर्ष समिति के कार्यकारी संयोजक ओमप्रकाश ने भूख हड़ताल पर बैठे पुनीत पांडेय को जूस पिलाया। इसके बाद एसएफआई की यूनिट इकाई ने बैठक कर एमडीयू व जिला प्रशासन की संवेदनहीनता पर आक्रोश जताया। चेतावनी दी कि तीन दिनों में उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो सोमवार को लघु सचिवालय के बाहर भूख हड़ताल शुरू किया जाएगा। बैठक में जिला प्रधान क्रांतिलाल, अभिषेक, विनोद, पोनी, प्रदीप, प्रवीन आर्य, सुमित बराड़, देवेन्द्र, अशोक, सतेन्द्र, अमित, विकास, अमन आदि मौजूद रहे।