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अब नहीं गलेगी कालाबाजारियों की दाल, निर्धारित स्टॉक से अधिक नहीं कर सकेंगे दालों का भंडारण
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लगातार बढ़ रही महंगाई का असर गरीब की थाली में परोसी जाने वाली दालों पर भी पड़ा है। आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी की रोकथाम के लिए खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामले विभाग ने पत्र जारी कर दिया है। हरियाणा सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी किए गए पत्र में थोक और खुदरा व्यापारियों के साथ साथ मिलर्स के पास दालों के भंडारण की समय सीमा तय कर दी है। इतना ही नहीं अब व्यापारियों को विभाग के पोर्टल पर भी दालों के भंडारण की स्थिति ऑनलाइन दर्शानी होगी। वहीं दालों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण की रोकथाम के लिए विभागीय अधिकारियों की टीमें जांच भी करेंगी।
खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने जमाखोरी की रोकथाम करने और जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए दालों का व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भंडारण तय किया है। इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। जारी आदेशों में मूंग दाल को छोड़कर सभी प्रकार की दालों का भंडारण तय किया है। इसमें थोक व्यापारी 200 मीट्रिक टन तक दालों का भंडारण कर सकते हैं। थोक व्यापारी एक समय में एक प्रकार की दाल का 100 मीट्रिक टन से अधिक भंडारण नहीं कर सकता है। इसी तरह खुदरा विक्रेता पांच मीट्रिक टन दालों का भंडारण कर सकते हैं। मिलर्स के लिए भी दालों के भंडारण की बंदिश रहेगी। मिलर्स की स्टॉक की सीमा पिछले तीन महीने के उत्पादन या वार्षिक स्थापित क्षमता का 25 फीसदी होगी। उपभोक्ता मामले विभाग के पोर्टल www.fcainfoweb.nic.in पर स्टॉक ऑनलाइन दर्ज कराएं। (संवाद)
ये हैं खुदरा मार्केट में दालों के दाम
मूंग दाल साबुत 100 रुपये प्रति क िलो
पीली मूंग दाल 100 रुपये प्रति किलो
मसूर की लाल दाल 90 रुपये प्रति किलो
उड़द साबुत दाल 120 रुपये प्रति किलो
चना दाल 75 रुपये प्रति किलो
अरहर दाल 120 रुपये प्रति किलो
लॉकडाउन के दौरान तय किए थे प्रशासन ने दालों के रेट
लॉकडाउन में दालों के दामों पर नियंत्रण रखने और कालाबाजारी की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने सरकार के निर्देश पर दालों के खुदरा विक्रेताओं के लिए दालों के रेट तय किए थे। प्रशासन द्वारा दालों की रेट लिस्ट भी तैयार की थी और निर्धारित रेट से अधिक दाम पर दाल बिक्री पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले व मापतोल विभाग की संयुक्त टीम ने बाजारों में खुदरा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर दालों के दामों की जांच की थी। कई दुकानों के तुलाई कांटों में गड़बड़ी भी मिली थी, जिन्हें माप तोल विभाग द्वारा नोटिस दिए गए थे। जिसके बाद विभाग ने उन पर जुर्माना भी किया था।
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प्रदेश सरकार की तरफ से थोक, खुदरा और मिलरों के लिए दालों का भंडारण तय किया है। तय किए गए भंडारण से अधिक स्टॉक नहीं रखा जा सकता है। इसके अलावा उन्हें अपना भंडारण पोर्टल पर भी ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अधिकारी प्रतिष्ठानों पर भंडारण की भौतिक जांच भी करेंगे, अगर इस दौरान अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित फर्म पर विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई तय की जाएगी।
-अनिल कालरा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक भिवानी।
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खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने जमाखोरी की रोकथाम करने और जरूरी वस्तुओं की कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए दालों का व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर भंडारण तय किया है। इन आदेशों को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। जारी आदेशों में मूंग दाल को छोड़कर सभी प्रकार की दालों का भंडारण तय किया है। इसमें थोक व्यापारी 200 मीट्रिक टन तक दालों का भंडारण कर सकते हैं। थोक व्यापारी एक समय में एक प्रकार की दाल का 100 मीट्रिक टन से अधिक भंडारण नहीं कर सकता है। इसी तरह खुदरा विक्रेता पांच मीट्रिक टन दालों का भंडारण कर सकते हैं। मिलर्स के लिए भी दालों के भंडारण की बंदिश रहेगी। मिलर्स की स्टॉक की सीमा पिछले तीन महीने के उत्पादन या वार्षिक स्थापित क्षमता का 25 फीसदी होगी। उपभोक्ता मामले विभाग के पोर्टल www.fcainfoweb.nic.in पर स्टॉक ऑनलाइन दर्ज कराएं। (संवाद)
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ये हैं खुदरा मार्केट में दालों के दाम
मूंग दाल साबुत 100 रुपये प्रति क िलो
पीली मूंग दाल 100 रुपये प्रति किलो
मसूर की लाल दाल 90 रुपये प्रति किलो
उड़द साबुत दाल 120 रुपये प्रति किलो
चना दाल 75 रुपये प्रति किलो
अरहर दाल 120 रुपये प्रति किलो
लॉकडाउन के दौरान तय किए थे प्रशासन ने दालों के रेट
लॉकडाउन में दालों के दामों पर नियंत्रण रखने और कालाबाजारी की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन ने सरकार के निर्देश पर दालों के खुदरा विक्रेताओं के लिए दालों के रेट तय किए थे। प्रशासन द्वारा दालों की रेट लिस्ट भी तैयार की थी और निर्धारित रेट से अधिक दाम पर दाल बिक्री पर कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए थे। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले व मापतोल विभाग की संयुक्त टीम ने बाजारों में खुदरा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर दालों के दामों की जांच की थी। कई दुकानों के तुलाई कांटों में गड़बड़ी भी मिली थी, जिन्हें माप तोल विभाग द्वारा नोटिस दिए गए थे। जिसके बाद विभाग ने उन पर जुर्माना भी किया था।
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प्रदेश सरकार की तरफ से थोक, खुदरा और मिलरों के लिए दालों का भंडारण तय किया है। तय किए गए भंडारण से अधिक स्टॉक नहीं रखा जा सकता है। इसके अलावा उन्हें अपना भंडारण पोर्टल पर भी ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। विभाग के अधिकारी प्रतिष्ठानों पर भंडारण की भौतिक जांच भी करेंगे, अगर इस दौरान अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित फर्म पर विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई तय की जाएगी।
-अनिल कालरा, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक भिवानी।