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Bhiwani News: कोई वाटर कूलर तो कोई हैंडपंप से बाल्टी में पानी भर बुझाता रहा दिनभर प्यास
Thu, 16 May 2024 02:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 16 May 2024 02:54 AM IST
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दुकान में कैंपर न आने से बाल्टीयों से पानी भरके लाता दुकानदार।
भिवानी। शहर में लगातार दूसरे दिन भी आरओ कैंपर संचालकों की हड़ताल जारी रही। बुधवार को सुबह से ही लोग वाटर कूलर से कैंपर भरते रहे तो कोई बाल्टी लेकर हैंडपंप से पानी खींचकर लाता दिखाई दिया। कैंपर नहीं पहुंचने की वजह से शहरवासियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी तो शहर के बाजारों में बनी, जहां पीने का पानी कैंपर का ही इस्तेमाल होता था।
तपिश भरी गर्मी में लोगों को प्यास ने बेचैन किया। वहीं कैंपरों को हैंडपंप से भरने या फिर बाजारों में लगे वाटर कूलर के आरओ से ही भरकर लाते हुए लोग दिखाई दिए। दरअसल, शहर के आसपास चल रहे करीब 45 आरओ संचालकों ने जिला प्रशासन की ओर से नोटिस थमाए जाने के विरोध में अपना-अपना प्लांट अनिश्चित समय के लिए बंद कर दिया है।
आरओ संचालकों का कहना है कि जिला प्रशासन ने वैज्ञानिक विधि से पानी शुद्ध करने और मानक पूरे करने के लिए लाइसेंस लेने की शर्त थोप दी है। इसकी वजह से नगर परिषद, सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इन संबंधित विभागों से मानक पूरे करने और लाइसेंस का खर्च उठाना आरओ संचालकों के बजट से बाहर है। इसी के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है। चुनावी माहौल में आरओ कैंपर संचालकों की हड़ताल का असर काफी व्यापक स्तर पर देखा जा रहा है। क्योंकि भिवानी शहर में मकान, प्रतिष्ठान और दुकान हर जगह पानी का कैंपर ही लोगों की प्यास बुझा रहा है। लोगों की जीभ पर भी अब कैंपर के पानी का ही स्वाद चढ़ा है, उन्हें न तो हैंडपंप का पानी अच्छा लग रहा है न सप्लाई में नल से आने वाला पानी पीने लायक लगता है। ऐसे में कैंपर संचालकों की हड़ताल से शहर भर में करीब 25 हजार कैंपरों की सप्लाई ठप हो गई है।
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तपिश भरी गर्मी में लोगों को प्यास ने बेचैन किया। वहीं कैंपरों को हैंडपंप से भरने या फिर बाजारों में लगे वाटर कूलर के आरओ से ही भरकर लाते हुए लोग दिखाई दिए। दरअसल, शहर के आसपास चल रहे करीब 45 आरओ संचालकों ने जिला प्रशासन की ओर से नोटिस थमाए जाने के विरोध में अपना-अपना प्लांट अनिश्चित समय के लिए बंद कर दिया है।
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आरओ संचालकों का कहना है कि जिला प्रशासन ने वैज्ञानिक विधि से पानी शुद्ध करने और मानक पूरे करने के लिए लाइसेंस लेने की शर्त थोप दी है। इसकी वजह से नगर परिषद, सिंचाई विभाग, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से भी अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इन संबंधित विभागों से मानक पूरे करने और लाइसेंस का खर्च उठाना आरओ संचालकों के बजट से बाहर है। इसी के विरोध में अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है। चुनावी माहौल में आरओ कैंपर संचालकों की हड़ताल का असर काफी व्यापक स्तर पर देखा जा रहा है। क्योंकि भिवानी शहर में मकान, प्रतिष्ठान और दुकान हर जगह पानी का कैंपर ही लोगों की प्यास बुझा रहा है। लोगों की जीभ पर भी अब कैंपर के पानी का ही स्वाद चढ़ा है, उन्हें न तो हैंडपंप का पानी अच्छा लग रहा है न सप्लाई में नल से आने वाला पानी पीने लायक लगता है। ऐसे में कैंपर संचालकों की हड़ताल से शहर भर में करीब 25 हजार कैंपरों की सप्लाई ठप हो गई है।
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