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Bhiwani News: सामान्य ज्ञान बढ़ाने पर प्रार्थना सभा में पूछी जाती है बच्चों से पहेली, झट से सुलझा रहे उलझन

Mon, 30 Sep 2024 03:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी Updated Mon, 30 Sep 2024 03:36 AM IST
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Solving the confusion quickly
तोशाम के  दुल्हेड़ी के राजकीय स्कूल में दिनभर की कार्यप्रणाली पर चर्चा करते अध्यापक। 
खजानी देवी
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तोशाम। बच्चों की बौद्धिक क्षमता बढ़ाने के लिए प्रार्थना सभा के दौरान ही बच्चों के सामने सवालों की पहेली रख दी जाती है, जिसे बच्चे भी झट से उलझन भरे सवालों को सुलझा जवाब देते हैं।
यह नजारा तोशाम क्षेत्र के गांव दुल्हेड़ी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीएसएसएस) का है। जहां बच्चों का सामान्य ज्ञान बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रार्थना सभा में सवाल पूछकर बच्चों से ही हल करवाते हैं। प्रार्थना के दौरान ही सामान्य ज्ञान के सवालों की कक्षा भी लगती है। स्कूल का हर एक कक्षा कक्ष सीसीटीवी की जद में है। अध्यापकों को दिनभर की कार्यप्रणाली शिक्षक दैनंदिनी (डायरी) में दर्ज करनी होती है। स्कूल प्रांगण में सफाई का भी पूरा ध्यान रहता है।
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जीएसएसएस दुल्हेड़ी में प्रार्थना के दौरान ही सामान्य ज्ञान के सवालों की कक्षा लगती है। स्कूल स्टाफ बच्चों का सामान्य ज्ञान बढ़ाने पर पूरा ध्यान दे रहा है। प्रार्थना सभा के दौरान सवाल पूछकर बच्चों से ही हल करवाया जाता है। स्टाफ सदस्य जयकिशन, योगेश शास्त्री, रविंद्र कुमार, कर्मबीर, सुचित्रा, रीना, मोनिका ने बताया कि प्रार्थना में रोजाना सामान्य ज्ञान, विज्ञान, इतिहास, राजनीति, भूगोल, अंग्रेजी सहित सभी विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं।
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उन्होंने बताया कि बच्चों को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री के नाम और अन्य सामान्य जानकारियों के बारे में पूछा जाता है। पूछे गए प्रश्नों की डायरी तैयार की जाती है। जयवीर सिंह, कृष्ण कुमार, अनूप सिंह, विष्णु दत्त, माधुरी, सरोज, अमित गिल, विजय सिंह ने बताया कि स्कूल का हर एक कक्षा कक्ष सीसीटीवी की जद में है।
उन्होंने बताया की इसका नियंत्रण प्राचार्य कार्यालय में बड़ी एलईडी स्क्रीन से है। स्क्रीन के माध्यम से सभी कक्षा कक्ष प्राचार्य की निगरानी में रहते हैं कि किस कक्षा में बच्चे क्या कर रहे हैं और शिक्षक क्या पढ़ा रहे हैं। उन्होंने बताया कि अध्यापकों को दिनभर की कार्यप्रणाली दैनंदिनी में दर्ज करनी होती है।
सभी शिक्षक दैनंदिनी में दर्ज करते हैं कि उन्होंने किस कक्षा में क्या कार्य करवाया है। स्कूल प्रांगण में सफाई पर पूरा ध्यान रखा जाता है। स्कूल के प्रांगण में टाइल लगी हैं जिसको साफ रखा जाता है। जोगेंद्र सिंह और सुरेश कुमार ने बताया कि स्कूल आने वाले अभिभावकों का रिकॉर्ड रखा जाता है। समय-समय पर शिक्षक-अभिभावकों की बैठक (पीटीएम) बुलाकर बच्चों के शैक्षणिक स्तर की चर्चा की जाती है।


बच्चों के सामान्य ज्ञान और अंग्रेजी सहित सभी विषयों की जानकारी को बेहतर बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। स्कूल का स्टाफ तालमेल, मेहनत और लगन से कार्य कर रहा है। ग्रामीणों का भी पूरा सहयोग रहता है। शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को लेकर भी जोर दिया जा रहा है ताकि बच्चों में संस्कार की भावना बढ़े जो वर्तमान परिदृश्य में बेहद जरूरी है। -डॉ. सतीश सांगवान, प्राचार्य, जीएसएसएस, दुल्हेड़ी, भिवानी।
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