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गांव फॉगिंग मशीन न स्वास्थ्य सेवाएं, कैसे लड़ेंगे डेंगू से लड़ाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 20 Nov 2021 12:48 AM IST
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So far 177 dengue patients have been found in urban areas and 129 in rural areas.
भिवानी। जिले में डेंगू मच्छर के डंक का कहर लगातार ही बढ़ता जा रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग जहां अपनी पुख्ता व्यवस्थाएं बता रहा है। वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्र में लगातार नए मामले सामने आ रहे हैं। गांवों में फॉगिंग मशीन न होने व फॉगिंग न करवाने से डेंगू के खिलाफ लड़ाई कैसे लड़ी जाएगी। जिले में शुक्रवार को डेंगू के तीन नए मामले मिले। इसके बाद जिले में डेंगू मरीजों की संख्या 306 हो गई है, हालांकि इनमें से 298 मरीज ठीक हो चुके है। साथ ही आठ मरीजों को उपचार के लिए नागरिक अस्पताल में दाखिल करवाया है।
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शुक्रवार को एंटी लारवा अभियान और फीवर मास सर्वे के दौरान मलेरिया की जांच के लिए शहरी क्षेत्र में 57 और ग्रामीण क्षेत्र में 90 आशंकित मरीजों की ब्लड स्लाइड बनाई, जिनमें सभी की रिपोर्ट नेगिटिव आई। वहीं डेंगू की जांच के लिए 58 मरीजों के सैंपल नागरिक अस्पताल की लैब में भेजे है। एंटी लारवा अभियान के दौरान डेंगू मच्छर का लारवा मिलने पर 4151 को नोटसि जारी किया है।
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नहीं करवाई गई फॉगिंग
जिले के अधिकतर गांव में डेंगू से बचाव के लिए फॉगिंग ही नहीं करवाई है। ऐसे में डेंगू मच्छर को पनपने में संजीवनी मिल रही है। प्रशासन की ओर से शहरी क्षेत्र में फॉगिंग के कार्य की जिम्मेदारी नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्र में फॉगिंग की जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग को सौंपी थी। पंचायती राज विभाग की लापरवाही का नतीजा ग्रामीण भुगत रहे है। जिले के ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को सीएचसी पर दाखिल करने की बजाए उन्हें नागरिक अस्पताल भिवानी भी रेफर कर रहे है, जिसकी वजह से मरीजों को अपने स्वास्थ्य की अधिक चिंता सता रही है।
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जिले में अब तक 306 मरीज आ चुके सामने
जिले में डेंगू के अब तक 306 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से 177 मरीज शहरी और 129 मरीज ग्रामीण क्षेत्र से है। ग्रामीण क्षेत्र में सबसे अधिक मामले लोहारू सीएचसी क्षेत्र के गांव बहल और कैरू सीएचसी क्षेत्र में है। इसमें से अधिक मरीज ठीक होकर अपने घर लौट चुके है। स्वास्थ्य विभाग जहां मरीजों के उपचार की जिम्मेदारी ले रहा है, वहीं पंचायती राज विभाग के कंधों पर फॉगिंग की जिम्मेदारी है। पंचायती राज विभाग को फॉगिंग के लिए दवा स्वास्थ्य विभाग की ओर से उपलब्ध करवानी होती है। वहीं फॉगिंग मशीन और फॉगिंग करवाने की जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग की है। जिले के कुछ ही गांव में फॉगिंग मशीन होने के कारण ग्रामीण क्षेत्र में अब तक ठीक से फॉगिंग नहीं हो पाई है। इसकी वजह से ग्रामीण क्षेत्र में लगातार मामले बढ़ रहे है।
वर्जन:
ग्रामीण क्षेत्र में फॉगिंग करवाने के लिए बीडीपीओ को निर्देश जारी किए जा चुके हैं। जिले के उन सभी गांव में फॉगिंग करवा दी गई है, जिनकी पंचायतों के पास फॉगिंग मशीन थी। बाकी पंचायतों में फॉगिंग करवाने की व्यवस्था की जा रही है।

-आशीष मान, डीडीपीओ भिवानी।
वर्जन
डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की 141 टीम एंटी लारवा अभियान और फीवर मास सर्वे में जुटी हुई हैं। डेंगू मरीजों को बेहतर उपचार के लिए नागरिक अस्पताल सहित सीएचसी केंद्रों पर भी व्यवस्था की हुई है।
- डॉ. रघुबीर शांडिल्य, सिविल सर्जन।
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