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Bhiwani News: सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने पहाड़ी माता मंदिर में की पूजा-अर्चना
Thu, 03 Jul 2025 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Thu, 03 Jul 2025 12:47 AM IST
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भिवानी जिले में स्थित पहाड़ी माता मंदिर में पूजा करते सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग
लोहारू/ढिगावा (भिवानी)। सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बुधवार को उपमंडल के गांव पहाड़ी स्थित प्रसिद्ध पहाड़ी माता मंदिर में माथा टेककर पूरे देश में खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री के साथ उनकी कैबिनेट के तीन मंत्री, प्रधान सचिव और आवासीय आयुक्त सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे। इन सभी ने सनातन धर्म के विधि-विधान के अनुसार मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर माता रानी को छत्र और चुनरी भेंट की।
मुख्यमंत्री तमांग ने मंदिर की दिव्यता की सराहना करते हुए इसे अद्भुत आध्यात्मिक स्थल बताया। उन्होंने कहा कि माता का आशीर्वाद ही उन्हें यहां खींच लाता है और भविष्य में भी वे दर्शन के लिए यहां आते रहेंगे। उन्होंने मंदिर परिसर में करीब पांच घंटे बिताए और वहां स्थित सभी मंदिरों में पूजा की।
पहाड़ी गांव की पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर सदियों पुराना है। यह पूरे देश में पहाड़ी माता मंदिर के नाम से विख्यात है। मान्यता है कि द्वापर युग में महाभारत के समय अज्ञातवास के दौरान पांडव यहां रुके थे। ऐतिहासिक कथाओं के अनुसार मुगल सम्राट अकबर ने भी यहां माता को सोने का छत्र चढ़ाया था। माता को कुलदेवी मानने वाले देश-विदेश के श्रद्धालु नवरात्र के दौरान यहां आकर दर्शन करते हैं।
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मुख्यमंत्री के साथ सिक्किम सरकार के भवन एवं आवास मंत्री भीमहांग, वन एवं पर्यावरण मंत्री पिनछो नामगेल, ऊर्जा सलाहकार संजीत खरेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव शंकरदेव ढकाल (आईएएस), आवासीय आयुक्त अश्विनी कुमार चंद (आईपीएस), सूचना अधिकारी डीपी अधिकारी ने भी माता के दरबार में आस्था जताई। इस मौके पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
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मुख्यमंत्री तमांग ने मंदिर की दिव्यता की सराहना करते हुए इसे अद्भुत आध्यात्मिक स्थल बताया। उन्होंने कहा कि माता का आशीर्वाद ही उन्हें यहां खींच लाता है और भविष्य में भी वे दर्शन के लिए यहां आते रहेंगे। उन्होंने मंदिर परिसर में करीब पांच घंटे बिताए और वहां स्थित सभी मंदिरों में पूजा की।
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पहाड़ी गांव की पहाड़ी पर स्थित यह मंदिर सदियों पुराना है। यह पूरे देश में पहाड़ी माता मंदिर के नाम से विख्यात है। मान्यता है कि द्वापर युग में महाभारत के समय अज्ञातवास के दौरान पांडव यहां रुके थे। ऐतिहासिक कथाओं के अनुसार मुगल सम्राट अकबर ने भी यहां माता को सोने का छत्र चढ़ाया था। माता को कुलदेवी मानने वाले देश-विदेश के श्रद्धालु नवरात्र के दौरान यहां आकर दर्शन करते हैं।
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मुख्यमंत्री के साथ सिक्किम सरकार के भवन एवं आवास मंत्री भीमहांग, वन एवं पर्यावरण मंत्री पिनछो नामगेल, ऊर्जा सलाहकार संजीत खरेल, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव शंकरदेव ढकाल (आईएएस), आवासीय आयुक्त अश्विनी कुमार चंद (आईपीएस), सूचना अधिकारी डीपी अधिकारी ने भी माता के दरबार में आस्था जताई। इस मौके पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।