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Bhiwani News: धुंध छाने से पहले ब्लाइंड मोड़ों पर दुरुस्त किए जाएंगे संकेतक
Sun, 16 Nov 2025 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 16 Nov 2025 01:55 AM IST
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दिल्ली-पिलानी नेशनल हाईवे 709 ई पर रूट डायवर्ट की जानकारी देने के लिए लगाया गया संकेतक।
भिवानी। धुंध का मौसम शुरू होने से पहले ही पीडब्ल्यूडी (लोक निर्माण विभाग) और एनएचएआई (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) ने जिले के सभी ब्लाइंड मोड़ों पर संकेतक दुरुस्त कराने के निर्देश जारी कर दिए हैं। संबंधित विभागों ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है। भिवानी जिले में 25 से अधिक ब्लाइंड मोड़ ऐसे हैं जहां हर साल सड़क हादसों की आशंका अधिक रहती है।
बारिश के बाद उगी झाड़ियों के कारण कई जगह संकेतक ढक गए हैं जबकि कुछ संकेतक वाहनों की टक्कर से टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। रात में दृश्यता कम होने पर इन संकेतकों का सही तरीके से लगना बेहद जरूरी है ताकि चालक पहले से सतर्क हो सके। जिले में फोरलेन व बाईपास निर्माण कार्य भी जारी है। कई जगहों पर बाईपास अभी शुरू नहीं हुए हैं जहां रास्ते बंद होने की स्थिति में बड़े अवरोधक रखे गए हैं। इन अवरोधकों पर दूर से दिखाई देने वाले रिफ्लेक्टर लगाने का कार्य किया जा रहा है। धुंध बढ़ने के साथ दृश्यता दस मीटर से भी कम हो जाती है जिससे दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है। इससे बचाव के लिए जिला पुलिस, हाईवे अथॉरिटी और सड़क मार्ग से जुड़े विभाग समय रहते संकेतक लगाने का काम पूरा कर रहे हैं।
भिवानी-हांसी फोरलेन पर खत्म हुए कई दुर्घटना संभावित मोड़
भिवानी से हांसी तक फोरलेन निर्माण कार्य जारी है। इस मार्ग पर निर्माण कार्य की वजह से तिगड़ाना मोड़, जाटू लुहारी, प्रेमनगर, जीताखोड़ी पीर मजार और हांसी सुंदर नहर सहित पांच से अधिक दुर्घटना संभावित बिंदु समाप्त हो चुके हैं। इन स्थानों पर अब बाईपास बन चुका है जहां वाहन तेज रफ्तार से गुजर रहे हैं। पहले ये स्थान हादसा संभावित बिंदुओं में शामिल थे जहां प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाएं होती रहती थीं।
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भिवानी-हांसी फोरलेन निर्माण का काम करीब 80 फीसदी पूरा हो चुका है। इस मार्ग पर कुछ जगह बाईपास भी बन रहे हैं जिन पर अभी कार्य पूरा नहीं हुआ है। फोरलेन पर धुंध छाने से पहले ही संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाने का काम पूरा कर दिया जाएगा। - राजेश गुप्ता, मैनेजर, एनएच 148बी अथॉरिटी
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बारिश के बाद उगी झाड़ियों के कारण कई जगह संकेतक ढक गए हैं जबकि कुछ संकेतक वाहनों की टक्कर से टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। रात में दृश्यता कम होने पर इन संकेतकों का सही तरीके से लगना बेहद जरूरी है ताकि चालक पहले से सतर्क हो सके। जिले में फोरलेन व बाईपास निर्माण कार्य भी जारी है। कई जगहों पर बाईपास अभी शुरू नहीं हुए हैं जहां रास्ते बंद होने की स्थिति में बड़े अवरोधक रखे गए हैं। इन अवरोधकों पर दूर से दिखाई देने वाले रिफ्लेक्टर लगाने का कार्य किया जा रहा है। धुंध बढ़ने के साथ दृश्यता दस मीटर से भी कम हो जाती है जिससे दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है। इससे बचाव के लिए जिला पुलिस, हाईवे अथॉरिटी और सड़क मार्ग से जुड़े विभाग समय रहते संकेतक लगाने का काम पूरा कर रहे हैं।
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भिवानी-हांसी फोरलेन पर खत्म हुए कई दुर्घटना संभावित मोड़
भिवानी से हांसी तक फोरलेन निर्माण कार्य जारी है। इस मार्ग पर निर्माण कार्य की वजह से तिगड़ाना मोड़, जाटू लुहारी, प्रेमनगर, जीताखोड़ी पीर मजार और हांसी सुंदर नहर सहित पांच से अधिक दुर्घटना संभावित बिंदु समाप्त हो चुके हैं। इन स्थानों पर अब बाईपास बन चुका है जहां वाहन तेज रफ्तार से गुजर रहे हैं। पहले ये स्थान हादसा संभावित बिंदुओं में शामिल थे जहां प्रतिवर्ष सड़क दुर्घटनाएं होती रहती थीं।
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भिवानी-हांसी फोरलेन निर्माण का काम करीब 80 फीसदी पूरा हो चुका है। इस मार्ग पर कुछ जगह बाईपास भी बन रहे हैं जिन पर अभी कार्य पूरा नहीं हुआ है। फोरलेन पर धुंध छाने से पहले ही संकेतक और रिफ्लेक्टर लगाने का काम पूरा कर दिया जाएगा। - राजेश गुप्ता, मैनेजर, एनएच 148बी अथॉरिटी