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आधे घंटे रोका लघु सचिवालय का रास्ता
भिवानी
Updated Sat, 19 Jul 2014 12:50 AM IST
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मनरेगा में धांधली, मजदूरी भुगतान में गड़बड़ियों की जांच और न्यूनतम वेतन लागू करने की मांग को लेकर शुक्रवार को सीटू कार्यकर्ताओं ने लघु सचिवालय के मुख्य गेट को आधे घंटे तक बंद रखा। नारेबाजी करते हुए सैकड़ों महिला-पुरुष गेट के सामने ही बैठ गए।
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जिला प्रशासन और प्रदेश-केंद्र सरकार विरोधी जमकर नारे लगाए। प्रदर्शन के चलते करीब आधे घंटे तक अफसर-कर्मचारी लघु सचिवालय परिसर से बाहर नहीं निकल सके। आम लोगों ने पिछले हिस्से में बने वैकल्पिक गेटों का सहारा लिया। बाद में जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में मौके पर पहुंचे डीडीपीओ व नायब तहसीलदार ने ज्ञापन लेते हुए प्रदर्शनकारियों को शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद रास्ता खुल पाया।
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सेंटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियन (सीटू) के बैनर तले आंगनबाड़ी, मिड-डे-मील, आशा वर्कर्स, ग्रामीण चौकीदार, गरीब व मनरेगा मजदूरों ने नेहरू पार्क से जुलूस निकाला। विभिन्न मार्गों से होते हुए जुलूस दोपहर साढ़े 12 बजे लघु सचिवालय पहुंचा। जुलूस में शामिल कार्यकर्ताओं ने अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। इसके बाद जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारी गेट के सामने ही धरने पर बैठ गए।
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इससे लघु सचिवालय परिसर में जाने वाला मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया। लोग न तो अंदर जा पा रहे थे और न ही बाहर आ पा रहे थे। परिसर में मुख्य गेट से ई-दिशा केन्द्र तक वाहनों की कतार लग गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई जिम्मेदार प्रतिनिधि न भेजे जाने तक प्रदर्शनकारी गेट से हटने को तैयार नहीं हुए। करीब आधे घंटे बाद डीडीपीओ मौके पर पहुंचे।
वार्ता में उन्होंने प्रदर्शनकारियाें को आश्वस्त किया कि सभी मजदूरों को गांव में काम उपलब्ध कराया जाएगा। मजदूर काम के लिए लिखित आवेदन जरूर करें और उसकी रिसिप्ट भी लें। जिन गांवों में भुगतान संबंधी शिकायतें थी, उसकी जांच कराकर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। शासन स्तर की मांगाें के निस्तारण के लिए ज्ञापन उच्चाधिकारियों को प्रेषित करने की बात कही।
आश्वासन के बाद पीछे हटे प्रदर्शनकारियों ने रास्ता खोला और फिर पास ही धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन में ओमप्रकाश, शेर सिंह, कुलदीप, भीमसिंह, अनिल, करतार ग्रेवाल, रतन कुमार जिंदल, दयानन्द पुनिया, सुदेश, कमलेश, राजबाला आदि शामिल रहे। अध्यक्षता विनोद कुमार व संचालन धर्मबीर सिंह कूंगड़ ने किया।
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यह रहीं प्रमुख मांगें :
* प्रदेश में न्यूनतम वेतन 15000 रुपये घोषित हो।
* परियोजना वर्कर्स, ग्रामीण चौकीदारों के लिए भी न्यूनतम वेतन लागू किया जाए।
* सभी गांवों में मनरेगा का काम चालू किया जाए।
* वर्ष में 200 दिन काम और काम का पूरा दाम मिले।
* कच्चे कर्मचारियों समेत आगंनबाड़ी, आशा व मिड डे मील वर्कर्स, ग्रामीण वन मजदूरों को पक्का किया जाए।
* सभी गरीबों को 100-100 गज के प्लाट मिले।
* पात्र परिवारों को बीपीएल राशन कार्ड दिए जाएं।
* ट्रेड यूनियन अधिकारों पर हमले बन्द किए जाएं।
* श्रम कानूनों को कड़ाई से लागू कराया जाए।
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मनरेगा कामगार यूनियन का गठन
मनरेगा में व्याप्त गड़बड़ियों को दूर कराने और संघर्ष के लिए शुक्रवार को मनरेगा कामगार यूनियन का गठन किया गया। सर्वसम्मति से गठित 23 सदस्यीय कमेटी में ओमप्रकाश संयोजक, कुलदीप सह संयोजक चुने गए। सीटू के जिला प्रधान विनोद कुमार, भीमसिंह, करतार ग्रेवाल, सरोज देवी, महेंद्र, जगदीश कितलाना, अजमेर, रोहताश धिराणा, सत्यवान दांग, सज्जन, मगंनी देवी नागंल, दुष्यंत, जयप्रकाश, ओमदेवी, शकुंतला, प्रवीण सांगवान, रामकिशन, मुरारी, विनोद व धर्मेंद्र को शामिल किया गया है।