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Bhiwani News: आग में झुलसे सतवीर ने भी पीजीआई में तोड़ा दम, गमगीन माहौल में हुई तीन बेटियों की शादी
Tue, 08 Apr 2025 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 08 Apr 2025 12:08 AM IST
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घटना के बाद मातम में डूबे परिवार के सदस्यों को संभालते लोग।
लोहारू। करीब एक सप्ताह पहले शहर के दादरी मोड़ पर हाईकोर्ट के आदेश पर जमीन खाली कराने पहुंचे पुलिस प्रशासन के सामने पेट्रोल छिड़कने के बाद हुई आग लगाने के कारण झुलसे सतवीर ने भी पीजीआई रोहतक में दम तोड़ दिया। गमगीन माहौल में सतवीर की तीन बेटियों की शादी की रस्म निभाई गई और बेटियों की विदाई के दो घंटे बाद ही पुलिस की मौजूदगी में सतवीर का अंतिम संस्कार कर दिया गया। एक सप्ताह के भीतर एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
बता दें कि 31 मार्च को हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस प्रशासन लोहारू दादरी मोड़ पर एक जमीन को खाली करवाने पहुंचा था। इस दौरान आनन फानन में जमीन पर काबिज दो लोगों ने कब्जा कार्रवाई का विरोध करते हुए शरीर पर पेट्रोल छिड़क लिया और तीली जलाने के बाद लगी आग से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को गंभीर अवस्था में रोहतक पीजीआई के दाखिल कराया गया था। घटना के दो दिन बाद आग में झुलसे 30 वर्षीय अशोक ने दम तोड़ दिया था। अब आग में झुलसे दूसरे व्यक्ति 43 वर्षीय सतवीर की भी उपचार के दौरान सांसें थम गईं। शाम करीब साढ़े पांच बजे मृतक सतवीर के शव को लोहारू लाया गया और गमगीन माहौल में प्रशासन की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
धर्मबीर सिंह ने बताया कि उन्हें पीजीआई से सतवीर की उपचार के दौरान मौत की सूचना मिली थी तथा वे दोपहर में ही परिवार को बिना बताए सोनू, सुनील व दीपक के साथ रोहतक रवाना हो गए थे क्योंकि दोपहर में घर पर तीन बेटियों के विवाह का कार्यक्रम चल रहा था। सांय करीब साढ़े छह बजे जब मृतक सतवीर के शव को लोहारू में लाया गया तो पूरा घर चित्कार से गूंज उठा। बेटियों ने आपा खो दिया तथा लोग बेटियों को ढांढस बंधाते नजर आए। इस दौरान थाना प्रभारी अशोक कुमार और पुलिस के अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
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तीन बेटियों की डोली उठने के दो घंटे बाद उठी पिता की अर्थी
लोहारू। लोहारू में सोमवार को हृदय को झकझोरने वाली घटना हुई। यहां तीन बेटियों की शादी के दो घंटे बाद ही पिता की अर्थी उठ गई। दरअसल लोहारू में एक सप्ताह पहले जमीन कब्जा छुड़ाने गई पुलिस के सामने हुई घटना में झुलसे सतवीर ने भी दम तोड़ दिया। सतवीर की तीन बेटियों नेहा, सिवानी और तानिया की डोलियां तो उठी लेकिन बेटियां अभी ससुराल पहुंची भी नहीं थी कि उनके सिर से पिता का साया उठने की ह्दय विदारक सूचना उन तक पहुंच गई।
बता दें मजदूरी करके गुजर बसर करने वाला सतवीर पांच बेटियों और एक बेटे का पिता था। उसने अपनी तीन बेटियों का अलग-अलग गांवों में रिश्ता ढूंढकर उनका सात अप्रैल को विवाह रचाना तय किया था। सतबीर अपने जानने वालों तक निमंत्रण पत्र भी पहुंचा चुका था लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। 31 मार्च को आत्मदाह की कोशिश में सतवीर और उसके मामा का बेटा अशोक झुलस गया।
आग में झुलसे अशोक की घटना के दो दिन बाद ही मौत हो गई। इसके बावजूद परिवार ने तीन बेटियों के विवाह को कम बरातियों के साथ करने का निर्णय लिया और निर्धारित समय अनुसार सुबह ही बेटी नेहा की शादी कर दोपहर 12 बजे उसकी विदाई कर दी गई। शाम चार बजे तक सभी बेटियों की शादी के बाद उनकी विदाई कर दी गई।
बेटी की विदाई होने से पहले ही परिजनों के पास सतवीर की मौत की सूचना पहुंच गई थी। लड़की का ताऊ धर्मबीर सिंह आंखों में आंसू छिपाए परिवार के ही तीन सदस्यों के साथ रोहतक पीजीआई गया और आवश्यक कार्रवाई के बाद शाम छह बजे सतवीर का शव लेकर लोहारू पहुंचा।
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बता दें कि 31 मार्च को हाईकोर्ट के आदेश पर पुलिस प्रशासन लोहारू दादरी मोड़ पर एक जमीन को खाली करवाने पहुंचा था। इस दौरान आनन फानन में जमीन पर काबिज दो लोगों ने कब्जा कार्रवाई का विरोध करते हुए शरीर पर पेट्रोल छिड़क लिया और तीली जलाने के बाद लगी आग से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। दोनों को गंभीर अवस्था में रोहतक पीजीआई के दाखिल कराया गया था। घटना के दो दिन बाद आग में झुलसे 30 वर्षीय अशोक ने दम तोड़ दिया था। अब आग में झुलसे दूसरे व्यक्ति 43 वर्षीय सतवीर की भी उपचार के दौरान सांसें थम गईं। शाम करीब साढ़े पांच बजे मृतक सतवीर के शव को लोहारू लाया गया और गमगीन माहौल में प्रशासन की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया गया।
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धर्मबीर सिंह ने बताया कि उन्हें पीजीआई से सतवीर की उपचार के दौरान मौत की सूचना मिली थी तथा वे दोपहर में ही परिवार को बिना बताए सोनू, सुनील व दीपक के साथ रोहतक रवाना हो गए थे क्योंकि दोपहर में घर पर तीन बेटियों के विवाह का कार्यक्रम चल रहा था। सांय करीब साढ़े छह बजे जब मृतक सतवीर के शव को लोहारू में लाया गया तो पूरा घर चित्कार से गूंज उठा। बेटियों ने आपा खो दिया तथा लोग बेटियों को ढांढस बंधाते नजर आए। इस दौरान थाना प्रभारी अशोक कुमार और पुलिस के अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
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तीन बेटियों की डोली उठने के दो घंटे बाद उठी पिता की अर्थी
लोहारू। लोहारू में सोमवार को हृदय को झकझोरने वाली घटना हुई। यहां तीन बेटियों की शादी के दो घंटे बाद ही पिता की अर्थी उठ गई। दरअसल लोहारू में एक सप्ताह पहले जमीन कब्जा छुड़ाने गई पुलिस के सामने हुई घटना में झुलसे सतवीर ने भी दम तोड़ दिया। सतवीर की तीन बेटियों नेहा, सिवानी और तानिया की डोलियां तो उठी लेकिन बेटियां अभी ससुराल पहुंची भी नहीं थी कि उनके सिर से पिता का साया उठने की ह्दय विदारक सूचना उन तक पहुंच गई।
बता दें मजदूरी करके गुजर बसर करने वाला सतवीर पांच बेटियों और एक बेटे का पिता था। उसने अपनी तीन बेटियों का अलग-अलग गांवों में रिश्ता ढूंढकर उनका सात अप्रैल को विवाह रचाना तय किया था। सतबीर अपने जानने वालों तक निमंत्रण पत्र भी पहुंचा चुका था लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। 31 मार्च को आत्मदाह की कोशिश में सतवीर और उसके मामा का बेटा अशोक झुलस गया।
आग में झुलसे अशोक की घटना के दो दिन बाद ही मौत हो गई। इसके बावजूद परिवार ने तीन बेटियों के विवाह को कम बरातियों के साथ करने का निर्णय लिया और निर्धारित समय अनुसार सुबह ही बेटी नेहा की शादी कर दोपहर 12 बजे उसकी विदाई कर दी गई। शाम चार बजे तक सभी बेटियों की शादी के बाद उनकी विदाई कर दी गई।
बेटी की विदाई होने से पहले ही परिजनों के पास सतवीर की मौत की सूचना पहुंच गई थी। लड़की का ताऊ धर्मबीर सिंह आंखों में आंसू छिपाए परिवार के ही तीन सदस्यों के साथ रोहतक पीजीआई गया और आवश्यक कार्रवाई के बाद शाम छह बजे सतवीर का शव लेकर लोहारू पहुंचा।