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हत्यारोपी को चौकी के सामने गोलियों से भूना
भिवानी
Updated Tue, 01 Jul 2014 12:42 AM IST
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27 जून की सायं बामला में हुए बिजेंद्र उर्फ ढिल्लू हत्याकांड मामले में समर्पण करने जा रहे मुख्य आरोपी को खरक चौकी के ठीक सामने गोलियों से छलनी कर दिया गया। ग्रामीणों व पुलिस की मौजूदगी में हत्याकांड को अंजाम दिया गया। आरोपी को पांच-छह गोलियां लगी।
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पीजीआई पहुंचते ही युवक ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मृतक के भाई के बयान पर 11 लोगाें के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। हत्या के बाद से गांव में तनाव का माहौल है। भारी पुलिस बल गांव व चौकी में डेरा डाले हुए है।
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ग्रामीणों को साइड कर युवक पर बरसाई गोलियां
घटना सोमवार सुबह करीब सवा आठ बजे की है। ठेकेदार बिजेंद्र उर्फ ढिल्लू की हत्या का मुख्य आरोपी करीब 28 वर्षीयसंजय उर्फ लंगड़ा पुलिस के समक्ष समर्पण करने खरक चौकी ट्रैक्टर से जा रहा था। ट्रैक्टर में करीब सात-आठ अन्य ग्रामीण व परिवार के सदस्य भी थे। चौकी के सामने ग्रामीण ट्रैक्टर से उतरने लगे तभी स्कार्पियो सवार बदमाश पहुंच गए। बदमाशों ने पिस्तौल दिखाकर ग्रामीणों को संजय उर्फ लंगड़ा से अलग किया।
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पहले हवाई फायर किए और फिर संजय पर ताबड़तोड़ गोलियां दाग दीं। पांच से छह गोलियां संजय को लगीं। घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश फरार हो गए। खून से लथपथ संजय को परिजन उपचार के लिए पीजीआई रोहतक ले गए, जहां उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर डीएसपी अमित भाटिया पुलिस बल के साथ खरक चौकी पहुंचे। पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र गुप्ता ने भी मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी ली। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। समाचार लिखे जाने तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया था।
यूं बनी रंजिश
27 जून की सायं बामला गांव में शराब ठेकेदार बिजेंद्र उर्फ ढिल्लू की सिर पर लाठी मारकर हत्या कर दी गई थी। बिजेंद्र ने हिसार के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ा। पुलिस ने मृतक के भाई राजकुमार की शिकायत पर आठ लोगों रामफल, प्रकाश, राजेंद्र, संजय, राजेश, नीरज, मोटू, अनिल के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया था। संजय इनमें मुख्य आरोपी बताया जा रहा था।
11 के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज
संजय उर्फ लंगड़ा की हत्या मामले में पुलिस ने मृतक के भाई राजेश के बयान पर 11 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है। खरक चौकी इंचार्ज रणबीर सिंह ने बताया कि 27 की देर सायं मारे गए बिजेंद्र उर्फ ढिल्लू का भाई राजकुमार उर्फ काला, प्रवीण, दीपक, अमित, धर्मेंद्र, सोमबीर, नरेंद्र, नरेश, सुनील, जयबीर व कुलदीप के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है।
ताबड़तोड़ गोलियां बरसने से पुलिस भी सहमी
सुबह करीब सवा आठ बजे तेज रफ्तार से ग्रामीणों से भरी ट्रैक्टर ट्राली चौकी के सामने रूकी। उसके तुरंत बाद स्कार्पियो गाड़ी पहुंच गई। चौकी के बाहर लगे नाके पर जवान अलर्ट हुए और अपनी लाठियां उठाकर अंदर पहुंचे तो हमलावरों ने उन्हें पिस्तौल दिखाई। जिसके चलते पुलिस कर्मचारियों के पांव भी आगे नहीं बढ़े।
पुलिस की मौजूदगी में हमलावर संजय उर्फ लंगड़ा को गोलियों से छलनी कर आसानी से निकल गए। चौकी इंचार्ज रणबीर सिंह घटना के समय अपने कुछ कर्मचारियों के साथ एक केस की तफ्तीश करने खरक गांव में गए हुए थे। चौकी इंचार्ज रणबीर सिंह ने बताया कि संजय के परिजनों का फोन आया था कि वह समर्पण करना चाहता है। जिस पर उसे चौकी बुलाया था। चौकी पहुंचने से पहले ही यह घटना हो गई।
महज 60 घंटे में लिया भाई की मौत का बदला
शराब ठेकेदार बिजेंद्र उर्फ ढिल्लू पर 27 की सायं को लाठी से हमला किया गया था। रात करीब साढे़ नौ बजे उसने हिसार के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। बिजेंद्र के भाई राजकुमार उर्फ काला ने महज 60 घंटे के भीतर हत्या के मुख्य आरोपी संजय उर्फ लंगड़ा की हत्या कर अपने भाई का बदला ले लिया। बिजेंद्र से पहले वर्ष 1999 में उनके भाई युद्धवीर की भी हत्या कर दी गई थी। तीन भाइयों में दो की हत्या हो चुकी है।