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ठप सीवरेज व्यवस्था ने बिगाड़ी शहर की मुख्य सड़कों की सूरत

Tue, 12 Jan 2021 12:26 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 12 Jan 2021 12:26 AM IST
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घंटाघर के पास धंसी सड़क पर डाला गया मलबे के ऊपर से गुजरते वाहन। संवाद - फोटो : Bhiwani
संजय वर्मा
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भिवानी। सरकारी विभागों के बीच आपसी तालमेल का अभाव सरकार को करोड़ों का फटका लगा रहा है वहीं शहरवासी भी परेशानी झेल रहे हैं। ताजा मामला जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और लोक निर्माण विभाग का है। ठप सीवर व्यवस्था ने शहर के अंदर कुछ साल पहले करोड़ों के बजट से बनी मुख्य सड़कों की सूरत फिर से बिगाड़ दी है। शहर का रिंग रोड कहलाने वाला सरकुलर मार्ग चार जगह से भूमि के अंदर धंस चुका है। जिस कारण हादसे हो रहे हैं। तीन जगह तो विभाग मलबा डाल लीपा-पोती कर रहा है। मुख्य सड़कें धंसने की वजह सीवर लाइन लीकेज को माना जा रहा है। हालांकि अभी तक जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कई स्तर की जांच के बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे हैं, जबकि लोक निर्माण विभाग को सड़कें धंसने की वजह से मोटा नुकसान हुआ है।
भिवानी शहर के अंदर सत्तर के दशक में भूमि के 25 फीट गहराई में 32 इंची सीवर की मुख्य लाइन डाली गई थी। करीब दस साल पहले इस मुख्य सीवर लाइन की रिपेयरिंग भी बड़े पैमाने पर कराई गई थी। उस समय मुख्य सीवर लाइन के मैनहोल को स्पेशल रिपेयर किया गया था। जिसके बाद उनकी मियाद कई दशकों तक बढ़ा दी थी। उसके बाद फिर कभी मुख्य सीवर लाइन को नहीं खोदा गया, लेकिन अब एक दशक बाद शहर के अंदर मुख्य सीवर लाइन का कई जगह से भूमि का हिस्सा धंस रहा है। जिस वजह से दोनों ही विभागों के अधिकारी भूमि धंसने की वजह एक-दूसरे पर टाल रहे हैं। (संवाद)
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धंसी सड़क पर नहीं कोई संकेतक और चेतावनी बोर्ड, हादसों का अंदेशा
शहर के सरकुलर मार्ग पर रोजाना ही हजारों भारी वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में धंसी हुई सड़क की वजह से हादसों का भी अंदेशा बना हुआ है। समतल सड़क पर अचानक ही धंसा हुआ हिस्सा वाहन चालक को भी विचलित कर रहा हैं, क्योंकि धंसी हुई सड़क के आसपास कोई संकेतक या चेतावनी बोर्ड तक नहीं लगा है। ऐसे में रफ्तार से आ रहे वाहन को अचानक ब्रेक लगाना भी संभव नहीं हो पाता है। धुंध के मौसम में धंसी हुई सड़कों में कई वाहन भी फंस चुके हैं, जिस वजह से भी लोगों में भय बना हुआ है। बारिश के दौरान भी धंसी सड़क पर पानी जमा होने से वाहन चालकों की परेशानी और भी बढ़ रही है। जनस्वास्थ्य विभाग और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने यहां सड़क धंसने की ठोस वजह जाने बिना ही कई टन मलवा यहां लाकर डाला है। जिससे सड़क के गड्ढों को मलबे से पाटने का प्रयास किया है, स्थायी समाधान नहीं निकला है।
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यहां धंसी है सरकुलर मार्ग की मुख्य सड़कें
सरकुलर मार्ग पर घंटाघर के समीप जिला सामान्य अस्पताल नर्सिंग छात्रावास के पास सड़क धंसी हुई है। सरकुलर मार्ग पर 200 मीटर आगे चलने पर दिनोद गेट चौक पर सड़क धंसी है। सरकुलर मार्ग पर दिनोद गेट से करीब 100 मीटर आगे ही वैश्य मॉडल स्कूल पेट्रोल पंप के सामने सड़क धंसी हुई है। इसी तरह हालुवास गेट से लोहारू रेलवे ओवरब्रिज पर चढ़ाई प्वाइंट पर नंदीशाला के सामने मुख्य सड़क धंसी हुई है। धंसी हुई जगहों पर कई टन मलबा डाला जा चुका है, मगर फिर भी सड़कों के इन हिस्सों में भूमि लगातार धंस रही है।
वर्जन-
हमने शहर की मुख्य सीवर लाइन की जांच कराई हैं, लाइन बिलकुल ठीक तरीके से काम कर रही है। जहां सड़कें धंसी हैं, वहां पर पुराने निजी कनेक्शनों की भी जांच की जा रही है, शायद निजी कनेक्शनों की लीकेज की वजह से भूमि धंसी है। विभाग के कर्मचारी लगातार धंसी हुई जगहों पर वजह तलाश कर उसका स्थायी समाधान करने में लगे हैं।

- विकास धनखड़, एसडीओ शहरी सीवरेज शाखा पब्लिक हेल्थ विभाग।
वर्जन-
मुख्य सड़क पर धंसी हुई जगहों पर मलबा डलवाया गया है और उसे रिपेयरिंग के भी निर्देश दिए गए हैं। इस संबंध में मैने विभाग की तरफ से जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी अधिकारियों से भी पत्राचार किया गया है, क्योंकि बार-बार इन बिंदुओं पर सड़क धंसने से हमारे विभाग को भी नुकसान हो रहा है।
- कृष्ण कुमार कार्यकारी अभियंता, लोक निर्माण विभाग।
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