{"_id":"57b4707c4f1c1bd0596eb5de","slug":"rakshabandhan-festival-roadwayes-bus-problam-free-bus-service","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह अतिरिक्त बसों ने लगाए 20 चक्कर फिर भी यात्री रहे परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह अतिरिक्त बसों ने लगाए 20 चक्कर फिर भी यात्री रहे परेशान
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Thu, 18 Aug 2016 12:12 AM IST
विज्ञापन
हरियाणा रोडवेज
- फोटो : फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रक्षाबंधन पर महिलाओं, लड़कियों के लिए निशुल्क बस सेवा राहत कम आफत ज्यादा बनी। विभाग ने 113 की जगह 124 बसें चलाई मगर सभी में क्षमता से दोगुनी के करीब सवारियां रही। इतना ही नहीं यात्रियों को बसों के लिए काफी इंतजार भी करना पड़ा। रोडवेज प्रबंधन का कहना है कि 18 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन 10 अतिरिक्त बसें चलाई जाएंगी।
रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर बसों में लोगों खासकर महिलाओं की खासी भीड़ उमड़ी। रोडवेज विभाग ने भी कमर कस रखी थी और ड्राइवर कंडक्टरों की छुट्टी रद्द कर रखी थी। विभाग ने छह अतिरिक्त बसें चलाई। जहां की ज्यादा सवारी हुई, उसी रूट पर अतिरिक्त बसें भेज दी। लोगों की भीड़ को देखते हुए जींद, रोहतक, बहल-झुप्पा,दादरी रूट पर ज्यादा अतिरिक्त बसें चली। रोडवेज प्रबंधन ने रक्षाबंधन के दिन 18 अगस्त को 10 अतिरिक्त बसें चलाने की योजना बनाई है। इसके लिए छुट्टी पर गए कर्मचारियों को बुलाया गया है।
20 चक्कर लगे अतिरिक्त, रोडवेज को कुछ घाटा
रोडवेज विभाग की ओर से रक्षाबंधन पर चलाई अतिरिक्त बसों ने 20 चक्कर लगा। जींद रूट पर दो बसें अतिरिक्त चलाई। जिन्होंने दो-दो चक्कर लगाए। रोहतक के लिए एक बस अतिरिक्त चली, जिसने दो चक्कर लगाए। बहल-झुप्पा रूट पर दो अतिरिक्त बसें चलाई गई जिन्होंने दो-दो चक्कर लगाए। दादरी रूट पर भी बसों ने तीन अतिरिक्त चक्कर लगाए। महिलाओं के नि:शुल्क यात्रा का रोडवेज को कुछ घाटा भी हुआ। घाटा कितना हुआ इसकी स्थिति तो स्पष्ट नहीं होपाई है मगर औसतन होने वाली नौ से10 लाख के टर्नओवर में करीब 40 से 50 फीसदी तक घाटा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
ओवरलोड बसें और इंतजार करते रहे यात्री
बस स्टैंड ही नहीं रोहतक गेट, महम गेट, चिड्यिाघर मोड़, अनाजमंडी, बासिया भवन के पास, तोशाम बाइपास ओवरब्रिज के पास यात्रियों की भीड़ लगी थी। लोग बेसब्री से बसों का इंतजार कर रहे थे तो जो बसें आ रही थी वे ओवरलोड आ रही थी। हालत ऐसी थी कि उनमें बैठना तो दूर खड़े होने तक की जगह नहीं थी।
अक्सर स्टाफ की कमी के कारण खड़ी रहती है 10-15 बसें
अक्सर रोडवेज प्रबंधन 113 या 114 बसें चलाता है। करीब 10 से 15 बसें स्टाफ की कमी के कारण खड़ी रहती है। रोडवेज प्रबंधन केपास 131 ड्रावर और करीब 124 कंडक्टर है। अक्सर 15 से 20 कर्मचारी छुट्टी पर रहते है। रोडवेज प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर वर्कशॉप में खड़ी रहने वाली बसों को चलाया है।
विज्ञापन
रक्षाबंधन की पूर्व संध्या पर बसों में लोगों खासकर महिलाओं की खासी भीड़ उमड़ी। रोडवेज विभाग ने भी कमर कस रखी थी और ड्राइवर कंडक्टरों की छुट्टी रद्द कर रखी थी। विभाग ने छह अतिरिक्त बसें चलाई। जहां की ज्यादा सवारी हुई, उसी रूट पर अतिरिक्त बसें भेज दी। लोगों की भीड़ को देखते हुए जींद, रोहतक, बहल-झुप्पा,दादरी रूट पर ज्यादा अतिरिक्त बसें चली। रोडवेज प्रबंधन ने रक्षाबंधन के दिन 18 अगस्त को 10 अतिरिक्त बसें चलाने की योजना बनाई है। इसके लिए छुट्टी पर गए कर्मचारियों को बुलाया गया है।
विज्ञापन
20 चक्कर लगे अतिरिक्त, रोडवेज को कुछ घाटा
रोडवेज विभाग की ओर से रक्षाबंधन पर चलाई अतिरिक्त बसों ने 20 चक्कर लगा। जींद रूट पर दो बसें अतिरिक्त चलाई। जिन्होंने दो-दो चक्कर लगाए। रोहतक के लिए एक बस अतिरिक्त चली, जिसने दो चक्कर लगाए। बहल-झुप्पा रूट पर दो अतिरिक्त बसें चलाई गई जिन्होंने दो-दो चक्कर लगाए। दादरी रूट पर भी बसों ने तीन अतिरिक्त चक्कर लगाए। महिलाओं के नि:शुल्क यात्रा का रोडवेज को कुछ घाटा भी हुआ। घाटा कितना हुआ इसकी स्थिति तो स्पष्ट नहीं होपाई है मगर औसतन होने वाली नौ से10 लाख के टर्नओवर में करीब 40 से 50 फीसदी तक घाटा होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
ओवरलोड बसें और इंतजार करते रहे यात्री
बस स्टैंड ही नहीं रोहतक गेट, महम गेट, चिड्यिाघर मोड़, अनाजमंडी, बासिया भवन के पास, तोशाम बाइपास ओवरब्रिज के पास यात्रियों की भीड़ लगी थी। लोग बेसब्री से बसों का इंतजार कर रहे थे तो जो बसें आ रही थी वे ओवरलोड आ रही थी। हालत ऐसी थी कि उनमें बैठना तो दूर खड़े होने तक की जगह नहीं थी।
अक्सर स्टाफ की कमी के कारण खड़ी रहती है 10-15 बसें
अक्सर रोडवेज प्रबंधन 113 या 114 बसें चलाता है। करीब 10 से 15 बसें स्टाफ की कमी के कारण खड़ी रहती है। रोडवेज प्रबंधन केपास 131 ड्रावर और करीब 124 कंडक्टर है। अक्सर 15 से 20 कर्मचारी छुट्टी पर रहते है। रोडवेज प्रबंधन ने सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर वर्कशॉप में खड़ी रहने वाली बसों को चलाया है।