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तागा गांव की हद में उतरेगा राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 15 Nov 2021 12:12 AM IST
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President's helicopter will land in the border of Taga village
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का हेलीकॉप्टर उतारने के लिए बनाया जा रहा हेलीपैड। संवाद - फोटो : Bhiwani
बवानी खेड़ा। छोटी काशी के गांव सुई में 17 नवंबर को देश के प्रथम नागरिक महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद आ रहे हैं। आदर्श गांव सुई में कराए गए विकास कार्यों को देखने और उनको लोगों को समर्पित करने के लिए यहां पधार रहे हैं। मगर उनके दौरे से संबंधित एक जानकारी है जो शायद ही लोग जानते हैं। राष्ट्रपति का हेलीकॉप्टर उतारने के लिए स्टेडियम में जो हेलीपैड बनाया गया है, वह स्टेडियम तागा गांव की हद में है। तागा एक ऐसा गांव है जो सिर्फ रिकॉर्ड में है। ये एक बेचिराग गांव है। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रपति के दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और तैयारियों जोरों पर हैं। जिला उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक स्वयं पूरी निगरानी रखे हुए हैं।
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गांव सुई को आदर्श गांव घोषित किया गया है। वहां पर ग्रामीणों के लिए पार्क, ऑडिटोरियम, लैब, झील, स्टेडियम और अन्य कई विकास कार्य कराए गए हैं। इन विकास कार्यों के कारण सूई अब शहरों की तरह आधुनिक दिखने लगा है। इन सभी विकास कार्यों को देखने और उन्हें जनता को समर्पित करने के लिए स्वयं राष्ट्रपति 17 नवंबर को गांव में पहुंच रहे हैं। वे हवाई मार्ग से यहां पहुंचेंगे। गांव के स्टेडियम में ही उनका हेलीकॉप्टर उतारने के लिए हेलीपैड भी बनाया गया है।
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बेचिराग गांव है तागा
जिले के काफी लोगों को इस बात की जानकारी नहीं है कि सूई के पास तागा गांव भी है। ये गांव बेचिराग है। इसका अर्थ है कि इस गांव में कोई नहीं रहता। तागा गांव के नाम से 668 एकड़ भूमि है। इसका हदबस्त नंबर भी है। इसके अलावा गांव का एक नंबरदार भी है। अब इस गांव का सारा काम गांव सुई की पंचायत के अधीन ही है। इस पूरे क्षेत्र को सुई नाम से ही जाना जाता है। यहां पर बनाई गई झील और स्टेडियम तागा गांव की हदबस्त में आते हैं।
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खेड़ा है गांव तागा की एकमात्र निशानी
तागा गांव को बेचिराग हुए लंबा अरसा हो चुका है। इसके बेचिराग होने के बारे में लोगों द्वारा भी अलग-अलग कहानियां बताई जाती हैं। मगर गांव तागा की एक निशानी अब भी बची हुई है। गांव की गोशाला के पीछे एक खेड़ा की बंजर जमीन है। यह खेड़ा ही गांव तागा की एकमात्र निशानी है।

तागा गांव के नाम से 668 एकड़ जमीन भी है
सूई गांव में बना स्टेडियम और झील तागा की हदबस्त में आते हैं। तागा गांव के नाम से 668 एकड़ जमीन भी है। यह गांव आबाद नहीं है। तागा गांव की एकमात्र निशानी गोशाला के पीछे पड़ा खेड़ा है। गांव के बेचिराग होने के बारे में लोगों द्वारा अलग-अलग कहानियां बताई जाती हैं।
- रामफल फौजी, नंबरदार, गांव तागा
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