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Bhiwani: धरना स्थल पर प्रधान ने फंदा लगाया, रोहनात के लोग लघु सचिवालय के बाहर कर रहे प्रदर्शन, ये था मामला

Tue, 12 Sep 2023 12:13 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Tue, 12 Sep 2023 12:13 PM IST
सार

1858 में अंग्रेजों द्वारा नीलाम की गई भूमि और रोहनात गांव को शहीद गांव का दर्जा दिलाने के लिए 156 दिन से धरना चल रहा है। मंगलवार की सुबह तंबू में लकड़ी की बल्ली पर शव लटका मिला। मृतक के बेटे ने कहा कि मौके पर सुसाइड नोट मिला है। 

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Pradhan hanged himself at protest site in Bhiwani, People of Rohnat protesting outside mini secretariat
मौके पर मौजूद जांच अधिकारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरियाणा के भिवानी के रोहनात गांव को शहीद का दर्जा दिए जाने और अंग्रेजों द्वारा नीलाम की गई भूमि का मालिकाना हक लेने की मांग को लेकर चल रहे धरने पर संगठन के प्रधान वेद सिंह ने धरना स्थल पर फंदे पर लटक कर जान दे दी। वेद सिंह का शव मंगलवार की सुबह तंबू में लकड़ी की बल्ली पर लटका मिला है।

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मृतक के बेटे को मौके पर मिले सुसाइड नोट में उपायुक्त, जिला राजस्व अधिकारी, सदर कानूनगो से परेशान होकर जान देने की बात लिखी है। उधर, थाना प्रभारी ने सुसाइड नोट मिलने से इन्कार किया है।
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लघु सचिवालय के बाहर 156 दिन से अनिश्चितकालीन धरना चल रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उधर, ग्रामीणों ने मांगें पूरी होने तक शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया है। इस मामले को लेकर सहमति के लिए ग्रामीणाें की सात-आठ सदस्यीय कमेटी की उपायुक्त के साथ चार घंटे बैठक चली, लेकिन सहमति नहीं बनी।
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लघु सचिवालय के बाहर करीब 156 दिनों से गांव रोहनात के ग्रामीण अंग्रेजों द्वारा नीलाम की गई भूमि का मालिकाना हक लेने के साथ-साथ गांव को शहीद गांव का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर धरना दे रहे हैं। पहले यह धरना गांव के शहीद स्मारक पर चल रहा था। 156 दिन पहले प्रशासन से अनुमति लेने के बाद ये धरना भिवानी के लघु सचिवालय के बाहर चलाया जा रहा है।

अनिश्चितकालीन धरना दिन-रात के लिए जारी है। गांव रोहनात के 65 वर्षीय वेद सिंह भी लगातार धरने की अगुवाई करते आ रहे थे। वेद सिंह डॉ. भीमराव आंबेडकर शहीद सम्मान मोर्चा के प्रधान भी थे। गांव रोहनात निवासी भूप सिंह ने बताया कि सोमवार रात करीब सवा नौ बजे वह खाना खाने के बाद धरना स्थल पर वेद सिंह सहित सो गए।

मंगलवार सुबह करीब पांच बजे उठे तो वेद सिंह दिखाई नहीं दिए। थोड़ी देर इंतजार करने के बाद जब धरना स्थल पर लगाए गए तंबू में जाकर देखा तो उनका शव लकड़ी की बल्ली पर रस्सी के फंदे से लटका हुआ था। जिसकी सूचना पुलिस व जिला प्रशासन को दी। भूप सिंह व अन्य धरनारत ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन से गांव रोहनात में शहीद गांव का दर्जा दिलाने व अंग्रेजों द्वारा नीलाम की गई भूमि का रिकार्ड (कुर्सीनामा) मांगा गया था। जिला प्रशासन रिकॉर्ड देने में आनाकानी करता आ रहा था।

इसी मामले में वेद सिंह और अन्य ग्रामीण की उपायुक्त के साथ बैठक हुई थी, जिसमें फिर से मामला सिरे नहीं चढ़ा। इसके चलते मानसिक प्रताडऩा झेल रहे वेद सिंह ने यह कदम उठाया। वहीं, सिविल लाइन थाना एसएचओ बलदेव सिंह ने शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई।

उधर, मृतक वेद सिंह के बेटे संदीप ने बताया कि पिता का लेटर मिला है जिसके अनुसार वेद सिंह ने अपनी मौत का जिम्मेदार उपायुक्त नरेश नरवाल, डीआरओ राजकुमार और सदर कानूनगो सुशील को ठहराया है।

रोहनात में धरना स्थल पर ही संतलाल की भी हुई थी मौत
गांव रोहनात के ग्रामीणों ने बताया कि 10 अगस्त 2022 को गांव में ही धरने की शुरुआत की गई थी। धरने पर ही 17 अगस्त 2022 को ग्रामीण संतलाल की मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने संतलाल के शव को करीब 10 दिन तक धरना स्थल पर रखकर आंदोलन भी किया था। जिसके बाद जिला प्रशासन ने मृतक के परिजनों को दस लाख की आर्थिक मदद देने और एक सरकारी नौकरी देने का वादा किया था। मगर आज तक ये मांग भी पूरी नहीं हुई है। इसके बाद अब धरने की अगुवाई करने वालों में शामिल वेद सिंह की आत्महत्या ने ग्रामीणों के आक्रोश को भी बढ़ा दिया है।

 
वेद सिंह के शव का नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया है। मृतक के परिजनों व धरनारत लोगों की डीसी के साथ बैठक हुई। बैठक में मांग को लेकर क्या सहमति बनती है, उसके बाद आगामी कदम उठाया जाएगा। कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। - बलदेव सिंह, एसएचओ सिविल लाइन पुलिस थाना भिवानी।

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