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स्कूली खेलों की मुक्केबाजी में बड़ी उम्र का खिलाड़ी जीत फाइनल में पहुंचा, अब कमेटी करेगी जांच
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भिवानी। भीम स्टेडियम में हाल ही में संपन्न हुई जिला स्तरीय स्कूली खेलों के अंडर 14 आयु वर्ग लड़कों के मुक्केबाजी मुकाबले में धांधली की शिकायत आई है। इसके बाद मामला बाल कल्याण समिति और जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष पहुंचा। जिस पर शिक्षा अधिकारियों ने कमेटी की जांच बैठा दी है। बड़ी उम्र के लड़के द्वारा गलत जन्म प्रमाण पत्र का इस्तेमाल कर प्रतियोगिता में खेलने और फिर फाइनल मुकाबला जीत अगले दौर में प्रवेश किए जाने का आरोप है। जिस पर उससे सेमीफाइनल मैच में हारे हुए खिलाड़ी ने आपत्ति जताते हुए मामले की शिकायत भी की है। वहीं इस प्रतियोगिता में धांधली की वजह से उसे मानसिक और शारीरिक तनाव की शिकायत भी बाल कल्याण समिति को दी है।
बाल कल्याण समिति और जिला शिक्षा अधिकारी को दी शिकायत में एक खिलाड़ी ने बताया कि भीम स्टेडियम में 12 से 15 सितंबर तक जिला स्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं के अंतर्गत अंडर 14 आयु वर्ग लड़कों के मुक्केबाजी मुकाबले कराए गए थे। इन मुकाबलों में हुए सेमीफाइनल मुकाबले में उसकी उम्र से बड़े लड़के के साथ बाउंट कराई गई। जिस पर उसने उसी समय कमेटी के सामने आपत्ति जताई थी, लेकिन उसकी आपत्ति को अनसुना कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि बड़ी उम्र का लड़का जीतकर फाइनल में पहुंच गया। फाइनल में भी उसने दूसरे प्रतिद्वंद्वी को हरा दिया।
मुक्केबाजी मुकाबले में हुई इस धंधली से उसे काफी मानसिक व शारीरिक तनाव झेलना पड़ा। जिसने घर पहुुंचकर इस बारे में अपने परिजनों को बताई। परिजन उसे लेकर बाल कल्याण समिति के समक्ष पहुंचे। जहां पर बच्चे ने अपने लिखित शिकायत के साथ बयान दर्ज कराए। जिसके बाद पीड़ित बच्चे ने जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष भी मुक्केबाजी में हुई धांधली की शिकायत दी और गलत तरीके से मुकाबला खेलने और जीतने वाले आरोपी खिलाड़ी के जन्म प्रमाण के संबंध में पुख्ता सुबूत भी मुहैया कराए।
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पीड़ित खिलाड़ी का आरोप है कि आरोपी लड़के ने दिल्ली से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया हुआ है। जिसका असल जन्म प्रमाण पत्र भिवानी जिले का है जो एक नर्सिंग होम में पैदा हुआ है। असल जन्म प्रमाण पत्र के हिसाब से अंडर 14 आयु वर्ग का मुकाबला खेलने वाला लड़का आने वाली जनवरी को 16 साल का हो जाएगा। जबकि अंडर 14 में उसने गलत जन्म प्रमाण पत्र का सहारा लेकर धोखे से मुकाबला जीता है।
वहीं पीड़ित बच्चे की मांग है कि इस प्रतियोगिता में गलत तरीके से जीते खिलाड़ी को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद उपविजेता खिलाड़ी को फाइनल में विजेता न माना जाए, क्योंकि प्रतियोगिता में बड़े स्तर पर धांधली हुई है। इसलिए दोबारा से उपविजेता खिलाड़ी के साथ उसका मुकाबला कराकर उसे न्याय दिलाया जाए।
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मेरे संज्ञान में ये मामला आया है। इस मामले में जांच कमेटी अपनी जांच कर रही है। अगर खिलाड़ी गलत तरीके से विजेता बना है तो उसे अयोग्य घोषित करा उपविजेता को उसकी जगह आगे खेलने का मौका दिया जाएगा।
-राम अवतार शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।
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हमारे समक्ष 15 सितंबर को पीड़ित नाबालिग खिलाड़ी की शिकायत आई थी। इसमें बच्चे ने मानसिक और शारीरिक तनाव झेलने के आरोप लगाए थे। बच्चा काफी तनाव में था। उसकी काउंसिलिंग कराई जाएगी। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी को भी बाल कल्याण समिति की तरफ से पत्र भेज इस संबंध में तत्परता से कार्रवाई किए जाने की सिफारिश की गई है।
- सत्येंद्र तंवर, सदस्य बाल कल्याण समिति, भिवानी।
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बाल कल्याण समिति और जिला शिक्षा अधिकारी को दी शिकायत में एक खिलाड़ी ने बताया कि भीम स्टेडियम में 12 से 15 सितंबर तक जिला स्तरीय स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं के अंतर्गत अंडर 14 आयु वर्ग लड़कों के मुक्केबाजी मुकाबले कराए गए थे। इन मुकाबलों में हुए सेमीफाइनल मुकाबले में उसकी उम्र से बड़े लड़के के साथ बाउंट कराई गई। जिस पर उसने उसी समय कमेटी के सामने आपत्ति जताई थी, लेकिन उसकी आपत्ति को अनसुना कर दिया। इसका नतीजा यह हुआ कि बड़ी उम्र का लड़का जीतकर फाइनल में पहुंच गया। फाइनल में भी उसने दूसरे प्रतिद्वंद्वी को हरा दिया।
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मुक्केबाजी मुकाबले में हुई इस धंधली से उसे काफी मानसिक व शारीरिक तनाव झेलना पड़ा। जिसने घर पहुुंचकर इस बारे में अपने परिजनों को बताई। परिजन उसे लेकर बाल कल्याण समिति के समक्ष पहुंचे। जहां पर बच्चे ने अपने लिखित शिकायत के साथ बयान दर्ज कराए। जिसके बाद पीड़ित बच्चे ने जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष भी मुक्केबाजी में हुई धांधली की शिकायत दी और गलत तरीके से मुकाबला खेलने और जीतने वाले आरोपी खिलाड़ी के जन्म प्रमाण के संबंध में पुख्ता सुबूत भी मुहैया कराए।
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पीड़ित खिलाड़ी का आरोप है कि आरोपी लड़के ने दिल्ली से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनवाया हुआ है। जिसका असल जन्म प्रमाण पत्र भिवानी जिले का है जो एक नर्सिंग होम में पैदा हुआ है। असल जन्म प्रमाण पत्र के हिसाब से अंडर 14 आयु वर्ग का मुकाबला खेलने वाला लड़का आने वाली जनवरी को 16 साल का हो जाएगा। जबकि अंडर 14 में उसने गलत जन्म प्रमाण पत्र का सहारा लेकर धोखे से मुकाबला जीता है।
वहीं पीड़ित बच्चे की मांग है कि इस प्रतियोगिता में गलत तरीके से जीते खिलाड़ी को अयोग्य घोषित किए जाने के बाद उपविजेता खिलाड़ी को फाइनल में विजेता न माना जाए, क्योंकि प्रतियोगिता में बड़े स्तर पर धांधली हुई है। इसलिए दोबारा से उपविजेता खिलाड़ी के साथ उसका मुकाबला कराकर उसे न्याय दिलाया जाए।
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मेरे संज्ञान में ये मामला आया है। इस मामले में जांच कमेटी अपनी जांच कर रही है। अगर खिलाड़ी गलत तरीके से विजेता बना है तो उसे अयोग्य घोषित करा उपविजेता को उसकी जगह आगे खेलने का मौका दिया जाएगा।
-राम अवतार शर्मा, जिला शिक्षा अधिकारी, भिवानी।
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हमारे समक्ष 15 सितंबर को पीड़ित नाबालिग खिलाड़ी की शिकायत आई थी। इसमें बच्चे ने मानसिक और शारीरिक तनाव झेलने के आरोप लगाए थे। बच्चा काफी तनाव में था। उसकी काउंसिलिंग कराई जाएगी। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी को भी बाल कल्याण समिति की तरफ से पत्र भेज इस संबंध में तत्परता से कार्रवाई किए जाने की सिफारिश की गई है।
- सत्येंद्र तंवर, सदस्य बाल कल्याण समिति, भिवानी।