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Bhiwani News: अब दसवीं व बारहवीं में पहले छमाही प्रयास में सफल रहा विद्यार्थी तो दूसरी परीक्षा के लिए नहीं होगा बाध्य
Sat, 04 Nov 2023 11:23 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sat, 04 Nov 2023 11:23 PM IST
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भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की दसवीं और बारहवीं में छमाही परीक्षा के प्रथम प्रयास में सफल रहा विद्यार्थी अब दूसरी परीक्षा में बैठने के लिए बाध्य नहीं होगा। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड नए शिक्षा सत्र से हर छह माह में वार्षिक परीक्षा कराएगा। इसी में विद्यार्थी के पास अब यह विकल्प भी होगा।
परीक्षा पास करने के लिए विद्यार्थी को तीन चांस मिलेंगे, जिसमें जुलाई, सितंबर और मार्च में परीक्षा देगा। इसके बाद असफल परीक्षार्थी को हरियाणा ओपन बोर्ड से ही परीक्षा पास करनी होगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड मुख्यालय पर अक्तूबर में चल रही दसवीं और बारहवीं की पूरक परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिका स्कैनिंग का काम भी शुरू हो चुका है। इनकी पहली बार डिजिटल मार्किंग होगी।
गुजरात शिक्षा बोर्ड में साल में दो विषयों की ही परीक्षा होती है, मगर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अब साल में संपूर्ण विषयों के साथ परीक्षार्थियों की दो परीक्षा कराएगा। इसमें विद्यार्थी के पास यह विकल्प भी होगा कि वह पहली बार के प्रयास में सफल रहता है तो उसे दूसरी परीक्षा में नहीं बैठना पड़ेगा। अगर विद्यार्थी दूसरी परीक्षा में अपनी मर्जी से बैठकर बेहतर अंक हासिल करना चाहता है तो उसके दूसरी परीक्षा देने के बाद भी अधिकतम अंकों का ही बोर्ड आकलन करेगा।
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साल में दो बार की परीक्षा के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के वार्षिक सिलेबस में कोई बदलाव नहीं होगा और न ही परीक्षा पैटर्न में प्रश्नपत्र के ब्लूप्रिंट को बदला जाएगा। पहले प्रयास में अगर किसी परीक्षार्थी के कंपार्टमेंट आता है तो वह दूसरी परीक्षा में बैठेगा। संवाद
डिजिटल मार्किंग में देश का पहला बोर्ड होगा हरियाणा बोर्ड
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड देश का पहला ऐसा बोर्ड होगा जो दसवीं और बारहवीं में उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल मार्किंग करेगा। इससे पहले सीबीएसई बोर्ड ने डिजिटल मार्किंग का कदम उठाया था, मगर यह प्रयास असफल रहा था। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने अक्तूबर 2013 में चल रही पूरक परीक्षाओं के साथ ही डिजिटल मूल्यांकन का कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए बोर्ड मुख्यालय पर ही उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग की जा रही है। इसके बाद इनका प्रदेशभर में डिजिटल मूल्यांकन केंद्रों के अंदर मूल्यांकन का कार्य होगा।
ड्रॉप आउट रेट कम करने के लिए बोर्ड ने उठाया नया कदम
बीच में ही पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या कम करने यानी ड्राॅप आउट रेट कम करने के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने साल में दो परीक्षा का नया कदम उठाया है। इससे फेल होने वाले विद्यार्थी बीच में पढ़ाई न छोड़कर उसी साल दूसरा प्रयास भी कर सकेंगे और पहले प्रयास में सफल परीक्षार्थी अगली कक्षा में दाखिले की तैयारी कर सकेंगे।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों के लिए नवाचार का लगातार प्रयास कर रहा है। जिससे की विद्यार्थियों के लिए बेहतर नतीजे मिल सकें। बोर्ड ड्राॅप आउट रेट कम करने और साल में सभी विषयों के साथ दो बार परीक्षा कराने का नए शिक्षा सत्र से कदम उठाएगा। जबकि डिजिटल मार्किंग के लिए बोर्ड मुख्यालय पर उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैनिंग का काम चल रहा है। इसके बाद उनका डिजिटल मूल्यांकन होगा।
-डॉ. वीपी यादव, अध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी।
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परीक्षा पास करने के लिए विद्यार्थी को तीन चांस मिलेंगे, जिसमें जुलाई, सितंबर और मार्च में परीक्षा देगा। इसके बाद असफल परीक्षार्थी को हरियाणा ओपन बोर्ड से ही परीक्षा पास करनी होगी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड मुख्यालय पर अक्तूबर में चल रही दसवीं और बारहवीं की पूरक परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिका स्कैनिंग का काम भी शुरू हो चुका है। इनकी पहली बार डिजिटल मार्किंग होगी।
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गुजरात शिक्षा बोर्ड में साल में दो विषयों की ही परीक्षा होती है, मगर हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अब साल में संपूर्ण विषयों के साथ परीक्षार्थियों की दो परीक्षा कराएगा। इसमें विद्यार्थी के पास यह विकल्प भी होगा कि वह पहली बार के प्रयास में सफल रहता है तो उसे दूसरी परीक्षा में नहीं बैठना पड़ेगा। अगर विद्यार्थी दूसरी परीक्षा में अपनी मर्जी से बैठकर बेहतर अंक हासिल करना चाहता है तो उसके दूसरी परीक्षा देने के बाद भी अधिकतम अंकों का ही बोर्ड आकलन करेगा।
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साल में दो बार की परीक्षा के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के वार्षिक सिलेबस में कोई बदलाव नहीं होगा और न ही परीक्षा पैटर्न में प्रश्नपत्र के ब्लूप्रिंट को बदला जाएगा। पहले प्रयास में अगर किसी परीक्षार्थी के कंपार्टमेंट आता है तो वह दूसरी परीक्षा में बैठेगा। संवाद
डिजिटल मार्किंग में देश का पहला बोर्ड होगा हरियाणा बोर्ड
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड देश का पहला ऐसा बोर्ड होगा जो दसवीं और बारहवीं में उत्तर पुस्तिकाओं की डिजिटल मार्किंग करेगा। इससे पहले सीबीएसई बोर्ड ने डिजिटल मार्किंग का कदम उठाया था, मगर यह प्रयास असफल रहा था। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने अक्तूबर 2013 में चल रही पूरक परीक्षाओं के साथ ही डिजिटल मूल्यांकन का कार्य शुरू कर दिया है। इसके लिए बोर्ड मुख्यालय पर ही उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग की जा रही है। इसके बाद इनका प्रदेशभर में डिजिटल मूल्यांकन केंद्रों के अंदर मूल्यांकन का कार्य होगा।
ड्रॉप आउट रेट कम करने के लिए बोर्ड ने उठाया नया कदम
बीच में ही पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की संख्या कम करने यानी ड्राॅप आउट रेट कम करने के लिए हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने साल में दो परीक्षा का नया कदम उठाया है। इससे फेल होने वाले विद्यार्थी बीच में पढ़ाई न छोड़कर उसी साल दूसरा प्रयास भी कर सकेंगे और पहले प्रयास में सफल परीक्षार्थी अगली कक्षा में दाखिले की तैयारी कर सकेंगे।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड विद्यार्थियों के लिए नवाचार का लगातार प्रयास कर रहा है। जिससे की विद्यार्थियों के लिए बेहतर नतीजे मिल सकें। बोर्ड ड्राॅप आउट रेट कम करने और साल में सभी विषयों के साथ दो बार परीक्षा कराने का नए शिक्षा सत्र से कदम उठाएगा। जबकि डिजिटल मार्किंग के लिए बोर्ड मुख्यालय पर उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैनिंग का काम चल रहा है। इसके बाद उनका डिजिटल मूल्यांकन होगा।
-डॉ. वीपी यादव, अध्यक्ष, हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड भिवानी।