{"_id":"5f1c7af18ebc3e6374563316","slug":"now-a-unique-family-id-required-for-old-age-and-other-welfare-pension-bhiwani-news-rtk5657395117","type":"story","status":"publish","title_hn":"पेंशन बनवाने के लिए अब यूनीक फैमिली आईडी जरूरी, सात हजार लोग पेंशन के इंतजार में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पेंशन बनवाने के लिए अब यूनीक फैमिली आईडी जरूरी, सात हजार लोग पेंशन के इंतजार में
विज्ञापन
गोशाला मार्केट स्थित सीएचसी सेँटर में संबंधी कार्य करता ऑपरेटर।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। जिला समाज कल्याण विभाग से बुजुर्ग पेंशन बनवाने के लिए आवेदन करने वालों को अब फैमिली यूनीक आईडी बनवाना अनिवार्य होगा। इस परिवार पहचान पत्र के आधार पर ही बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग पेंशन बनाई जाएगी। महामारी और यूनीक फैमिली आईडी के कारण पिछले करीब तीन माह से जिले में करीब सात हजार लोग पेंशन बनने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जिला समाज कल्याण विभाग के समक्ष भी हर माह करीब 1500 से अधिक पेंशन के नए आवेदन आ रहे हैं।
इधर, बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग श्रेणियों के लिए राज्य समाज कल्याण विभाग ने नियमों में बदलाव किया है। फैमिली यूनीक आईडी के साथ ही नई पेंशन बनवाने वालों के लिए कई नए ऑप्शन यानी कॉलम भी निर्धारित किए गए हैं, जिनका सही जवाब मिलने के बाद ही साफ्टवेयर यह तय करेगा कि ये पेंशन की पात्रता रखता है या नहीं। अगर कोई बुजुर्ग पहले किसी भी पेंशन का लाभ ले रहा है तो वो खुद ही दायरे से बाहर हो जाएगा। ऐसे में अब नए नियमों के बाद बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवा पेंशन लेना पहले से कहीं अधिक मुश्किल होगा। इतना ही नहीं परिवार की आमदनी के आधार पर भी बुजुर्ग की पेंशन पात्रता तय होगी। इसके लिए जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारी सॉफ्टवेयर बदलने में जुटे हैं।
ये मिल रहा है तीन श्रेणियों में प्रतिमाह पेंशन का भुगतान
समाज कल्याण विभाग से बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग को प्रतिमाह 2250-2250 रुपये पेंशन दी जा रही है। हर साल 250 रुपये पेंशन में वृद्धि का लाभ भी दिया जा रहा है। जबकि समाज कल्याण विभाग इन तीन श्रेणियों के अलावा निराश्रितों, लाड़ली, नॉन स्कूल गोईंग छोटे बच्चों व बोनों को सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के तहत पेंशन मुहैया करा रहा है।
विज्ञापन
जिले में कितने पेंशन लेने वाले
ऐसे बनवा सकते हैं फैमिली यूनीक आईडी
कोई भी व्यक्ति अपने परिवार की यूनीक आईडी यानी परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर, सरल पोर्टल या फिर ईदिशा केंद्र में जा सकता है। परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड नंबर ऑनलाइन दर्ज होंगे। आम तौर पर एक ही घर में परिवार के अलग-अलग सदस्य अपनी फैमिली की अलग पहचान बनवाना चाहते हैं। वे लोग उन सदस्यों के ही आधार कार्ड शामिल कराएं, जिन्हें यूनीक आईडी में शामिल किया जाना है। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन के बाद पूरे परिवार की एक यूनीक आईडी जिला प्रशासन की तरफ से जारी कर दी जाएगी। इसके बाद वो परिवार किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेगा, उसका फार्म उसी आर्डडी से जेनरेट होगा। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से भी परिवार पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जिले में कितने पेंशन लेने वाले
श्रेणी लाभार्थी
बुजुर्ग 82043
विधवा 36362
दिव्यांग 8193
निराश्रित बच्चे 8239
लाड़ली योजना 2464
नॉन स्कूल गोईंग बच्चे 597
बौने 03
कुल 137901
यूनिक फैमिली आईडी कार्ड के आधार पर ही बुजुर्ग, दिव्यांग व विधवा पेंशन बनाई जाएगी। इस आईडी में परिवार के सदस्यों की आय की भी जानकारी देनी होगी। जुलाई से ये व्यवस्था बनाई गई है। इससे पेंशन के कार्य में पारदर्शिता आएगी और कोई भी गलत तथ्यों के आधार पर पेंशन नहीं बनवा पाएगा। इसके अलावा पेंशन बनवाने के लिए भी बुजुर्ग को कई तरह के दस्तावेजों को जमा कराने से भी छुटकारा मिलेगा।
- कृष्णलाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी भिवानी।
विज्ञापन
इधर, बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग श्रेणियों के लिए राज्य समाज कल्याण विभाग ने नियमों में बदलाव किया है। फैमिली यूनीक आईडी के साथ ही नई पेंशन बनवाने वालों के लिए कई नए ऑप्शन यानी कॉलम भी निर्धारित किए गए हैं, जिनका सही जवाब मिलने के बाद ही साफ्टवेयर यह तय करेगा कि ये पेंशन की पात्रता रखता है या नहीं। अगर कोई बुजुर्ग पहले किसी भी पेंशन का लाभ ले रहा है तो वो खुद ही दायरे से बाहर हो जाएगा। ऐसे में अब नए नियमों के बाद बुजुर्ग, दिव्यांग और विधवा पेंशन लेना पहले से कहीं अधिक मुश्किल होगा। इतना ही नहीं परिवार की आमदनी के आधार पर भी बुजुर्ग की पेंशन पात्रता तय होगी। इसके लिए जिला समाज कल्याण विभाग के अधिकारी सॉफ्टवेयर बदलने में जुटे हैं।
विज्ञापन
ये मिल रहा है तीन श्रेणियों में प्रतिमाह पेंशन का भुगतान
समाज कल्याण विभाग से बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग को प्रतिमाह 2250-2250 रुपये पेंशन दी जा रही है। हर साल 250 रुपये पेंशन में वृद्धि का लाभ भी दिया जा रहा है। जबकि समाज कल्याण विभाग इन तीन श्रेणियों के अलावा निराश्रितों, लाड़ली, नॉन स्कूल गोईंग छोटे बच्चों व बोनों को सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम के तहत पेंशन मुहैया करा रहा है।
विज्ञापन
जिले में कितने पेंशन लेने वाले
ऐसे बनवा सकते हैं फैमिली यूनीक आईडी
कोई भी व्यक्ति अपने परिवार की यूनीक आईडी यानी परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर, सरल पोर्टल या फिर ईदिशा केंद्र में जा सकता है। परिवार के सभी सदस्यों के आधार कार्ड नंबर ऑनलाइन दर्ज होंगे। आम तौर पर एक ही घर में परिवार के अलग-अलग सदस्य अपनी फैमिली की अलग पहचान बनवाना चाहते हैं। वे लोग उन सदस्यों के ही आधार कार्ड शामिल कराएं, जिन्हें यूनीक आईडी में शामिल किया जाना है। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन के बाद पूरे परिवार की एक यूनीक आईडी जिला प्रशासन की तरफ से जारी कर दी जाएगी। इसके बाद वो परिवार किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेगा, उसका फार्म उसी आर्डडी से जेनरेट होगा। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से भी परिवार पहचान पत्र बनाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
जिले में कितने पेंशन लेने वाले
श्रेणी लाभार्थी
बुजुर्ग 82043
विधवा 36362
दिव्यांग 8193
निराश्रित बच्चे 8239
लाड़ली योजना 2464
नॉन स्कूल गोईंग बच्चे 597
बौने 03
कुल 137901
यूनिक फैमिली आईडी कार्ड के आधार पर ही बुजुर्ग, दिव्यांग व विधवा पेंशन बनाई जाएगी। इस आईडी में परिवार के सदस्यों की आय की भी जानकारी देनी होगी। जुलाई से ये व्यवस्था बनाई गई है। इससे पेंशन के कार्य में पारदर्शिता आएगी और कोई भी गलत तथ्यों के आधार पर पेंशन नहीं बनवा पाएगा। इसके अलावा पेंशन बनवाने के लिए भी बुजुर्ग को कई तरह के दस्तावेजों को जमा कराने से भी छुटकारा मिलेगा।
- कृष्णलाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी भिवानी।