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Bhiwani News: सिंचाई अधिकारियों ने जूई नहर पर अवैध पुल निर्माण मामले में लिया कड़ा संज्ञान, एनओसी की रद्द
Mon, 24 Mar 2025 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Mon, 24 Mar 2025 12:31 AM IST
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अमर उजाला के 4 जनवरी के अंक में प्रकाशित समाचार।
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संजय वर्मा
भिवानी। तोशाम बाईपास से देवसर गांव की तरफ जाने वाले रास्ते पर जूई नहर के ऊपर घोड़ा पुलिया की एनओसी की आड़ में बड़ा पुल निर्माण का मामला अब खटाई में पड़ गया है। सिंचाई अधिकारियों ने घोड़ा पुलिया की एनओसी रद्द कर दी है। इतना ही नहीं तत्काल प्रभाव से निर्माण हटाने के आदेश भी दिए हैं। अमर उजाला ने चार और नौ जनवरी के अंक में इस मुद्दे पर प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थी, जिसके बाद सिंचाई अधिकारियों ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया।
कॉलोनाइजर ने देवसर गांव की हद में करीब 15 से 20 एकड़ कृषि भूमि पर काटी गई अवैध कॉलोनी तक रास्ता पहुंचाने के लिए जूई नहर पर रातोंरात बड़ा पुल तैयार कराने का काम शुरू कर दिया था। इसकी भनक लगते ही सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया था। अब एनओसी को भी रद्द कर दिया गया है। बता दें कि शहर में अवैध कॉलोनाइजरों की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। राजनीतिक संरक्षण की वजह से उनकी हिमाकत इतनी बढ़ गई है कि वे किसी भी हद तक जाने से नहीं हिचक रहे हैं।
तोशाम बाईपास से जूई नहर का पंपिंग स्टेशन बना है। इसके बेहद करीब दिसंबर के अंतिम सप्ताह में अवैध रूप से पुल निर्माण कार्य शुरू किया गया था। पुल बनाने वालों ने बाकायदा सिंचाई विभाग से एनओसी भी ले ली थी। यह बात दूसरी है कि ये एनओसी महज बाइक व छोटे वाहन के आवागमन के लिए घोड़ा पुलिया (जिसकी चौड़ाई महज चार से पांच फीट ही होती है) बनाने के लिए दी गई थी। इसी आधार पर कॉलोनाइजर यहां पर करीब 15 से 20 फीट चौड़ाई का रातोंरात बड़ा पुल तैयार कराने में जुटे थे। जब इसकी भनक सिंचाई अधिकारियों को लगी तो यमुना जल सेवाएं परिमंडल के अधीक्षक अभियंता व उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया था। अवैध कॉलोनाइजर ट्रैक्टर और जेसीबी छोड़कर मौके से भाग खड़े हुए थे। किसी भी नहर पर किसी निजी व्यक्ति द्वारा निजी लाभ के लिए पुल बनाने की अनुमति नहीं मिल सकती है। मगर रातोंरात ही बड़ा पुल तैयार कराने के लिए जूई नहर का काफी हिस्सा जेसीबी से कॉलोनाइजरों ने खोद डाला था। जिसकी वजह से नहर में पानी छोड़े जाने पर भी संकट बन गया था।
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रिंग रोड बनने से पहले ही काटी जा रही है शहरी हद के बाहर अवैध कॉलोनियां
शहर के चारों तरफ बाईपास निर्माण का काम चल रहा है। हांसी रोड से लोहारू रोड को जोड़ने के लिए करीब 11 किलोमीटर दायरे में नए बाईपास का निर्माण भी किया जाना है। ये नया बाईपास तोशाम रोड को क्रॉस कर गांव देवसर के समीप से होकर लोहारू रोड के धीराना मोड़ पर मिलेगा। इसके बाद शहर के चारों तरफ रिंग रोड का दायरा पूरा होगा। इसके बनने से पहले ही काॅलोनाइजर खेती की भूमि पर अवैध कॉलोनियों को तेजी से काट रहे हैं क्योंकि बाईपास बनने के बाद उन्हें प्लाटों के अच्छे दाम मिलेंगे। बापोड़ा और देवसर गांव की हद में कई अवैध कॉलोनी अस्तित्व में आई हैं।
किसी महिला के नाम से ली गई एनओसी, मकसद तक नहीं दर्शाया : बृजपाल सिंह परमार
आरटीआई एक्टिविस्ट एवं स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने बताया कि जब उनके संज्ञान में ये मामला आया तो उन्होंने सिंचाई विभाग से आरटीआई मांगी थी। जवाब में सिंचाई अधिकारियों ने यह बताया है कि इस पुलिस की एनओसी रद्द कर दी गई है। एनओसी अंजू नामक महिला के नाम से ली गई थी। एनओसी में नहर पर घोड़ा पुलिया निर्माण का मकसद नहीं दर्शाया गया है। इसमें संदेहास्पद यह भी है कि नहर के पास जहां घोड़ा पुलिया निर्माण की अनुमति ली जा रही थी, वहां कृषि भूमि है। जिसमें अवैध रूप से कॉलोनी काटकर प्लाट बेचे जा रहे हैं, ऐसे में विभाग इस तरह की गतिविधियों के लिए घोड़ा पुलिया की अनुमति भी नहीं दे सकता है। घोड़ा पुलिया के लिए वहां भूमि का मालिक होना अनिवार्य है। इसमें संदेह यह भी है कि किसी महिला के नाम से फर्जी एनओसी का भी प्रयास किया गया है।
हमने जूई नहर पर घोड़ा पुलिया की एनओसी को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यहां पहले घोड़ा पुलिया निर्माण की एनओसी ली गई थी, लेकिन सरकार द्वारा तय मानकों को पूरा किए बिना ही यहां पर निर्माण शुरू किया गया था, जिसे बंद कराया गया था। अब इसकी एनओसी रद्द करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। यहां पर कोई पुलिया या पुल का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। -रघुवीर शर्मा एसडीओ, जूई वाटर डिविजन, सिंचाई विभाग।
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भिवानी। तोशाम बाईपास से देवसर गांव की तरफ जाने वाले रास्ते पर जूई नहर के ऊपर घोड़ा पुलिया की एनओसी की आड़ में बड़ा पुल निर्माण का मामला अब खटाई में पड़ गया है। सिंचाई अधिकारियों ने घोड़ा पुलिया की एनओसी रद्द कर दी है। इतना ही नहीं तत्काल प्रभाव से निर्माण हटाने के आदेश भी दिए हैं। अमर उजाला ने चार और नौ जनवरी के अंक में इस मुद्दे पर प्रमुखता से खबरें प्रकाशित की थी, जिसके बाद सिंचाई अधिकारियों ने इस पर कड़ा संज्ञान लिया।
कॉलोनाइजर ने देवसर गांव की हद में करीब 15 से 20 एकड़ कृषि भूमि पर काटी गई अवैध कॉलोनी तक रास्ता पहुंचाने के लिए जूई नहर पर रातोंरात बड़ा पुल तैयार कराने का काम शुरू कर दिया था। इसकी भनक लगते ही सिंचाई विभाग के उच्चाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया था। अब एनओसी को भी रद्द कर दिया गया है। बता दें कि शहर में अवैध कॉलोनाइजरों की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। राजनीतिक संरक्षण की वजह से उनकी हिमाकत इतनी बढ़ गई है कि वे किसी भी हद तक जाने से नहीं हिचक रहे हैं।
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तोशाम बाईपास से जूई नहर का पंपिंग स्टेशन बना है। इसके बेहद करीब दिसंबर के अंतिम सप्ताह में अवैध रूप से पुल निर्माण कार्य शुरू किया गया था। पुल बनाने वालों ने बाकायदा सिंचाई विभाग से एनओसी भी ले ली थी। यह बात दूसरी है कि ये एनओसी महज बाइक व छोटे वाहन के आवागमन के लिए घोड़ा पुलिया (जिसकी चौड़ाई महज चार से पांच फीट ही होती है) बनाने के लिए दी गई थी। इसी आधार पर कॉलोनाइजर यहां पर करीब 15 से 20 फीट चौड़ाई का रातोंरात बड़ा पुल तैयार कराने में जुटे थे। जब इसकी भनक सिंचाई अधिकारियों को लगी तो यमुना जल सेवाएं परिमंडल के अधीक्षक अभियंता व उनकी टीम ने मौके पर पहुंचकर काम रुकवा दिया था। अवैध कॉलोनाइजर ट्रैक्टर और जेसीबी छोड़कर मौके से भाग खड़े हुए थे। किसी भी नहर पर किसी निजी व्यक्ति द्वारा निजी लाभ के लिए पुल बनाने की अनुमति नहीं मिल सकती है। मगर रातोंरात ही बड़ा पुल तैयार कराने के लिए जूई नहर का काफी हिस्सा जेसीबी से कॉलोनाइजरों ने खोद डाला था। जिसकी वजह से नहर में पानी छोड़े जाने पर भी संकट बन गया था।
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रिंग रोड बनने से पहले ही काटी जा रही है शहरी हद के बाहर अवैध कॉलोनियां
शहर के चारों तरफ बाईपास निर्माण का काम चल रहा है। हांसी रोड से लोहारू रोड को जोड़ने के लिए करीब 11 किलोमीटर दायरे में नए बाईपास का निर्माण भी किया जाना है। ये नया बाईपास तोशाम रोड को क्रॉस कर गांव देवसर के समीप से होकर लोहारू रोड के धीराना मोड़ पर मिलेगा। इसके बाद शहर के चारों तरफ रिंग रोड का दायरा पूरा होगा। इसके बनने से पहले ही काॅलोनाइजर खेती की भूमि पर अवैध कॉलोनियों को तेजी से काट रहे हैं क्योंकि बाईपास बनने के बाद उन्हें प्लाटों के अच्छे दाम मिलेंगे। बापोड़ा और देवसर गांव की हद में कई अवैध कॉलोनी अस्तित्व में आई हैं।
किसी महिला के नाम से ली गई एनओसी, मकसद तक नहीं दर्शाया : बृजपाल सिंह परमार
आरटीआई एक्टिविस्ट एवं स्वास्थ्य शिक्षा सहयोग संगठन के अध्यक्ष बृजपाल सिंह परमार ने बताया कि जब उनके संज्ञान में ये मामला आया तो उन्होंने सिंचाई विभाग से आरटीआई मांगी थी। जवाब में सिंचाई अधिकारियों ने यह बताया है कि इस पुलिस की एनओसी रद्द कर दी गई है। एनओसी अंजू नामक महिला के नाम से ली गई थी। एनओसी में नहर पर घोड़ा पुलिया निर्माण का मकसद नहीं दर्शाया गया है। इसमें संदेहास्पद यह भी है कि नहर के पास जहां घोड़ा पुलिया निर्माण की अनुमति ली जा रही थी, वहां कृषि भूमि है। जिसमें अवैध रूप से कॉलोनी काटकर प्लाट बेचे जा रहे हैं, ऐसे में विभाग इस तरह की गतिविधियों के लिए घोड़ा पुलिया की अनुमति भी नहीं दे सकता है। घोड़ा पुलिया के लिए वहां भूमि का मालिक होना अनिवार्य है। इसमें संदेह यह भी है कि किसी महिला के नाम से फर्जी एनओसी का भी प्रयास किया गया है।
हमने जूई नहर पर घोड़ा पुलिया की एनओसी को तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है। यहां पहले घोड़ा पुलिया निर्माण की एनओसी ली गई थी, लेकिन सरकार द्वारा तय मानकों को पूरा किए बिना ही यहां पर निर्माण शुरू किया गया था, जिसे बंद कराया गया था। अब इसकी एनओसी रद्द करने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली गई है। यहां पर कोई पुलिया या पुल का निर्माण नहीं होने दिया जाएगा। -रघुवीर शर्मा एसडीओ, जूई वाटर डिविजन, सिंचाई विभाग।