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Bhiwani: एनजीटी ने क्रशर और माइनिंग कंपनियों को दिए इकाई बंद करने के आदेश
Sat, 23 Dec 2023 11:20 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी (हरियाणा)
Updated Sat, 23 Dec 2023 11:20 PM IST
सार
खानक के क्रशर पर राजस्थान व खरकड़ी सोहान के पत्थर से बनी भवन सामग्री फिलहाल 800 से 850 रुपये के बीच मिल रही थी। अब क्रशर बंद होने से इसके भाव एक हजार से 1100 प्रति टन के हिसाब से हो जाएंगे।
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खानक में बंद पड़ा क्रशर । संवाद
विस्तार
एनजीटी (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने एक बार फिर से जिले में क्रशर और माइनिंग कंपनियों को इकाई बंद करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद से क्रशर इकाई व खनन कार्य जिले में बंद हो गया है। भवन सामग्री के भाव एक बार फिर से बढ़ने की आशंका है।
हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने जिले में शुक्रवार को खनन कार्य, क्रशर व जिनसे प्रदूषण फैलता है उन इकाइयों पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। खानक पहाड़ में तो पिछले करीब तीन माह से खनन बंद पड़ा है। खरकड़ी सोहान पहाड़ में खनन कार्य की शुरुआत हुई थी। शुक्रवार को हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने फिर से रोक लगा दी है। खानक में खनन कार्य बंद होने के बाद से खरकड़ी सोहान के पहाड़ व राजस्थान से पत्थर लाकर क्रशर पीसा जा रहा था। अब बंद होने के कारण लोगों को फिर से महंगे भाव में भवन सामग्री खरीदनी पड़ेगी।
800 से 850 रुपये प्रति टन के बीच मिल रही थी भवन निर्माण सामग्री
खानक के क्रशर पर राजस्थान व खरकड़ी सोहान के पत्थर से बनी भवन सामग्री फिलहाल 800 से 850 रुपये के बीच मिल रही थी। अब क्रशर बंद होने से इसके भाव एक हजार से 1100 प्रति टन के हिसाब से हो जाएंगे।
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खानक में खनन बंद होने से प्रभावित हुआ रोजगार
खानक में खनन कार्य बंद होने से काफी लोग बेरोजगार हो गए हैं। वहीं गाड़ी मालिकों को भी बड़ी मुश्किल हो रही है। बंद में गाड़ियों की किश्त भरना मुश्किल हो रहा है। खनन चलने से हजारों लोगों को रोजगार मिलता है वहीं सैकड़ों गाड़ियां भी ढुलाई कार्य में इस्तेमाल होती हैं।
क्रशर एसोसिएशन प्रधान बोले
क्रशर एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मलिक ने बताया कि खानक में खनन कार्य होने के कारण ज्यादातर क्रशर तीन माह से बंद पड़े हैं। क्रशर मालिकों को हर रोज लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। वहीं मार्केट में मंदी का दौर आ गया है। विकास कार्य बंद पड़े। मजदूरों को घर चलाने के लाले पड़े हुए हैं।
खनन हुआ बंद
एचएसआईआईडीसी के मैनेजर अनिल सिंगल ने बताया कि प्रदूषण बढ़ने के कारण एनजीटी ने क्रशर व खनन कार्यों पर फिर से रोक लगा दी है। अब अगले आदेशों के बाद ही खनन का कार्य शुरू हो पाएगा।
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हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने जिले में शुक्रवार को खनन कार्य, क्रशर व जिनसे प्रदूषण फैलता है उन इकाइयों पर रोक लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं। खानक पहाड़ में तो पिछले करीब तीन माह से खनन बंद पड़ा है। खरकड़ी सोहान पहाड़ में खनन कार्य की शुरुआत हुई थी। शुक्रवार को हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने फिर से रोक लगा दी है। खानक में खनन कार्य बंद होने के बाद से खरकड़ी सोहान के पहाड़ व राजस्थान से पत्थर लाकर क्रशर पीसा जा रहा था। अब बंद होने के कारण लोगों को फिर से महंगे भाव में भवन सामग्री खरीदनी पड़ेगी।
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800 से 850 रुपये प्रति टन के बीच मिल रही थी भवन निर्माण सामग्री
खानक के क्रशर पर राजस्थान व खरकड़ी सोहान के पत्थर से बनी भवन सामग्री फिलहाल 800 से 850 रुपये के बीच मिल रही थी। अब क्रशर बंद होने से इसके भाव एक हजार से 1100 प्रति टन के हिसाब से हो जाएंगे।
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खानक में खनन बंद होने से प्रभावित हुआ रोजगार
खानक में खनन कार्य बंद होने से काफी लोग बेरोजगार हो गए हैं। वहीं गाड़ी मालिकों को भी बड़ी मुश्किल हो रही है। बंद में गाड़ियों की किश्त भरना मुश्किल हो रहा है। खनन चलने से हजारों लोगों को रोजगार मिलता है वहीं सैकड़ों गाड़ियां भी ढुलाई कार्य में इस्तेमाल होती हैं।
क्रशर एसोसिएशन प्रधान बोले
क्रशर एसोसिएशन के प्रधान कृष्ण मलिक ने बताया कि खानक में खनन कार्य होने के कारण ज्यादातर क्रशर तीन माह से बंद पड़े हैं। क्रशर मालिकों को हर रोज लाखों रुपये का नुकसान हो रहा है। वहीं मार्केट में मंदी का दौर आ गया है। विकास कार्य बंद पड़े। मजदूरों को घर चलाने के लाले पड़े हुए हैं।
खनन हुआ बंद
एचएसआईआईडीसी के मैनेजर अनिल सिंगल ने बताया कि प्रदूषण बढ़ने के कारण एनजीटी ने क्रशर व खनन कार्यों पर फिर से रोक लगा दी है। अब अगले आदेशों के बाद ही खनन का कार्य शुरू हो पाएगा।