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Bhiwani News: नगर परिषद की हद बढ़ी न मसौदे पर मोहर लगी, अधिकारी मुख्यालय की आपत्ति सुलझाने में हुए पसीना-पसीना
Wed, 22 Nov 2023 11:29 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Wed, 22 Nov 2023 11:29 PM IST
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भिवानी।
अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करवाकर शहर की हद बढ़ाना अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर बन गई है। अधिकारी मुख्यालय की आपत्ति सुलझाने में ही पसीना-पसीना हो गए हैं। कुछ अर्से पहले ही 52 में से 35 अनधिकृत कॉलोनियों के मापदंड पूरे कर उन्हें मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा था मगर फिर से उन पर मुख्यालय ने आपत्ति लगाकर वापस भेज दिया है।
अब फिर से नगर योजनाकार विभाग के साथ मिलकर नगर परिषद के अधिकारी मापदंड पूरे कराने में जुट गए हैं। इतना ही नहीं शहर के सफाई का मसौदा भी अभी सिरे नहीं चढ़ा है। जिसकी वजह से आधे से अधिक शहर में धूल उड़ रही है। वहीं घंटाघर से सराय चौपटा और रेलवे रोड के सुंदरीकरण के मसौदे पर भी अभी अधिकारियों को मुख्यालय की मंजूरी का इंतजार है।
भिवानी जिले में नगर योजनाकार की तीन अनधिकृत कॉलोनियों को मंजूरी मिल चुकी है, हालांकि इनके मसौदे काफी बाद में मुख्यालय को भेजे गए थे। नगर योजनाकार की छह कॉलोनियों के मसौदे मुख्यालय को भेजे गए थे। नगर परिषद ने इसी साल 52 अनधिकृत कॉलोनियों की पहचान कर उन्हें सरकार के समक्ष मंजूरी के लिए भेजा था, जिसे काफी आपत्तियां दर्ज कर वापस भेजा गया। इसके बाद इन 52 कॉलोनियों में से 35 ऐसी अनधिकृत कॉलोनी चिह्नित की जिनमें अधिकारियों के अनुसार सभी मापदंड पूरे थे, मगर इनमें भी मुख्यालय ने खामियां ढूंढकर फिर से इसे वापस नगर परिषद अधिकारियों के समक्ष भेज दिया।
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अब नगर परिषद के अधिकारी नगर योजनाकार विभाग के साथ एक-दूसरे की हद की पहचान कर फिर से इन कॉलोनियों में खामियां दूर कर मापदंड पूरा कराने में जुटे हैं। जिसके बाद ही इन्हें मुख्यालय भेजा जाएगा। हरियाणा सरकार दो बार प्रदेश में अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करने की घोषणा कर चुकी हैं, दोनों बार ही भिवानी में नगर परिषद हद की एक भी कॉलोनी का नाम अधिकृत दायरे में नहीं आया।
करीब 350 एकड़ के दायरे में हैं अनधिकृत कॉलोनियां
नगर परिषद की शहर में करीब 350 एकड़ के दायरे में अनधिकृत कॉलोनियां हैं। ये कॉलोनी करीब डेढ़ दशक पहले आबाद हो चुकी हैं, मगर अभी तक इनमें मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंची हैं। हालांकि डी प्लान के तहत इनके अंदर कुछ विकास के काम जरूर हुए हैं। ये कॉलोनियां पुराने शहर के चारों तरफ के दायरे में फैली हैं, जिन्हें हरसेक सेटेलाइट सर्वे के जरिए भी चिह्नित किया जा चुका है। इसके अलावा डीटीपी की हद से भी इनका मिलान हो चुका है। इसके बावजूद मसौदे में खामियां अभी तक दूर नहीं हो पाई हैं।
पार्कों के मरम्मत कार्य के वर्क ऑर्डर हुए जारी, काम शुरू
नगर परिषद ने पार्कों के मरम्मत कार्य के तीन अलग-अलग टेंडर हुए हैं। इन तीनों टेंडरों का बजट 75 लाख रुपये का है। इसी तरह पार्काें में बागवानी कार्य के लिए भी टेंडर हुए हैं। जिन पर काम भी शुरू कराया गया है। शहर के करीब 25 से अधिक पार्कों का रखरखाव नगर परिषद के जिम्मे है।
अनधिकृत कॉलोनियों की फाइल पर मुख्यालय से कुछ आपत्तियां लगकर वापस आई है। जिन्हें नगर योजनाकार विभाग के साथ मिलकर मापदंड पूरे कर रहे हैं। इसके बाद इन्हें मुख्यालय फिर से भेजा जाएगा। घंटाघर से सराय चौपटा और रेलवे रोड के सुंदरीकरण का मसौदा मुख्यालय भेजा जा चुका है। इसी तरह शहर के सुंदरीकरण को लेकर थर्ड पार्टी से ड्राइंग तैयार करा रहे हैं, इसके बाद इस पर आगे की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
-सतेंद्र मोर, उप प्रधान, नगर परिषद भिवानी।
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अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करवाकर शहर की हद बढ़ाना अधिकारियों के लिए टेढ़ी खीर बन गई है। अधिकारी मुख्यालय की आपत्ति सुलझाने में ही पसीना-पसीना हो गए हैं। कुछ अर्से पहले ही 52 में से 35 अनधिकृत कॉलोनियों के मापदंड पूरे कर उन्हें मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा था मगर फिर से उन पर मुख्यालय ने आपत्ति लगाकर वापस भेज दिया है।
अब फिर से नगर योजनाकार विभाग के साथ मिलकर नगर परिषद के अधिकारी मापदंड पूरे कराने में जुट गए हैं। इतना ही नहीं शहर के सफाई का मसौदा भी अभी सिरे नहीं चढ़ा है। जिसकी वजह से आधे से अधिक शहर में धूल उड़ रही है। वहीं घंटाघर से सराय चौपटा और रेलवे रोड के सुंदरीकरण के मसौदे पर भी अभी अधिकारियों को मुख्यालय की मंजूरी का इंतजार है।
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भिवानी जिले में नगर योजनाकार की तीन अनधिकृत कॉलोनियों को मंजूरी मिल चुकी है, हालांकि इनके मसौदे काफी बाद में मुख्यालय को भेजे गए थे। नगर योजनाकार की छह कॉलोनियों के मसौदे मुख्यालय को भेजे गए थे। नगर परिषद ने इसी साल 52 अनधिकृत कॉलोनियों की पहचान कर उन्हें सरकार के समक्ष मंजूरी के लिए भेजा था, जिसे काफी आपत्तियां दर्ज कर वापस भेजा गया। इसके बाद इन 52 कॉलोनियों में से 35 ऐसी अनधिकृत कॉलोनी चिह्नित की जिनमें अधिकारियों के अनुसार सभी मापदंड पूरे थे, मगर इनमें भी मुख्यालय ने खामियां ढूंढकर फिर से इसे वापस नगर परिषद अधिकारियों के समक्ष भेज दिया।
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अब नगर परिषद के अधिकारी नगर योजनाकार विभाग के साथ एक-दूसरे की हद की पहचान कर फिर से इन कॉलोनियों में खामियां दूर कर मापदंड पूरा कराने में जुटे हैं। जिसके बाद ही इन्हें मुख्यालय भेजा जाएगा। हरियाणा सरकार दो बार प्रदेश में अनधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत करने की घोषणा कर चुकी हैं, दोनों बार ही भिवानी में नगर परिषद हद की एक भी कॉलोनी का नाम अधिकृत दायरे में नहीं आया।
करीब 350 एकड़ के दायरे में हैं अनधिकृत कॉलोनियां
नगर परिषद की शहर में करीब 350 एकड़ के दायरे में अनधिकृत कॉलोनियां हैं। ये कॉलोनी करीब डेढ़ दशक पहले आबाद हो चुकी हैं, मगर अभी तक इनमें मूलभूत सुविधाएं नहीं पहुंची हैं। हालांकि डी प्लान के तहत इनके अंदर कुछ विकास के काम जरूर हुए हैं। ये कॉलोनियां पुराने शहर के चारों तरफ के दायरे में फैली हैं, जिन्हें हरसेक सेटेलाइट सर्वे के जरिए भी चिह्नित किया जा चुका है। इसके अलावा डीटीपी की हद से भी इनका मिलान हो चुका है। इसके बावजूद मसौदे में खामियां अभी तक दूर नहीं हो पाई हैं।
पार्कों के मरम्मत कार्य के वर्क ऑर्डर हुए जारी, काम शुरू
नगर परिषद ने पार्कों के मरम्मत कार्य के तीन अलग-अलग टेंडर हुए हैं। इन तीनों टेंडरों का बजट 75 लाख रुपये का है। इसी तरह पार्काें में बागवानी कार्य के लिए भी टेंडर हुए हैं। जिन पर काम भी शुरू कराया गया है। शहर के करीब 25 से अधिक पार्कों का रखरखाव नगर परिषद के जिम्मे है।
अनधिकृत कॉलोनियों की फाइल पर मुख्यालय से कुछ आपत्तियां लगकर वापस आई है। जिन्हें नगर योजनाकार विभाग के साथ मिलकर मापदंड पूरे कर रहे हैं। इसके बाद इन्हें मुख्यालय फिर से भेजा जाएगा। घंटाघर से सराय चौपटा और रेलवे रोड के सुंदरीकरण का मसौदा मुख्यालय भेजा जा चुका है। इसी तरह शहर के सुंदरीकरण को लेकर थर्ड पार्टी से ड्राइंग तैयार करा रहे हैं, इसके बाद इस पर आगे की प्रक्रिया शुरू कराई जाएगी।
-सतेंद्र मोर, उप प्रधान, नगर परिषद भिवानी।