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पीएम आवास योजना के तहत नक्शे नहीं हो रहे पास, खुद के घर तोड़ किराये पर रह रहे लाभार्थी

Mon, 11 Nov 2019 11:18 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 11 Nov 2019 11:18 PM IST
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10 फोटो नगर परिषद कार्यालय में सदन की बैठक में पीएम आवास योजना में अधिकारियों की मनमानी के चलते हं? - फोटो : Bhiwani
शहर की मिनी सरकार यानी नगर परिषद की सोमवार को 14वीं सदन की बैठक हंगामेदार रही। बैठक में पार्षदों ने आमजन की समस्याओं को उठाया तो नप अधिकारियों, सचिव, एमई, बीआई की गैर मौजूदगी पर भी नाराजगी जताई। जिस पर नप चेयरमैन ने स्पष्टीकरण मांगने की बात कही। बैठक में पार्षदों ने आरोप लगाया कि पीएम आवास योजना के तहत लोगों ने अपने मकान तोड़ लिये मगर अब उनके नक्शे बिल्डिंग इंस्पेक्टर की टेबल पर पड़े हैं। मजबूरी में उन्हें किराये के मकानों में रहना पड़ रहा है। पार्षदों ने सफाई और गली निर्माण ठेकेदारों पर मनमानी का आरोप लगाकर हंगामा किया। जिसके बाद नप चेयरमैन ने कहा कि पार्षदों की सहमति के बाद ही ठेकेदारों को राशि का भुगतान किया जाएगा।
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सोमवार को नप हाउस की बैठक प्रधान रण सिंह यादव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विभिन्न मुद्दों को लेकर खूब हंगामा हुआ। पार्षदों ने बताया कि पीएम आवास योजना का लाभ लेने वाले लोग पिछले छह महीनों से अपना खुद का मकान तोड़कर दूसरी जगह किराये के मकानों में रहने पर मजबूर हैं, जबकि नगर परिषद का बिल्डिंग इंस्पेक्टर नक्शे पास करने में मनमानी कर रहा है। पार्षदों ने भी बीआई की कार्यप्रणाली पर खासी नाराजगी जताते हुए लोगों से पैसे मांगने तक के आरोप लगा डाले। सभी पार्षदों ने बीआई के खिलाफ सर्वसम्मति से प्रस्ताव लाने की बात कही। पार्षदों ने बताया कि करीब 150 पीएम आवास मकानों के नक्शे आचार संहिता से पहले से ही लंबित पड़े हैं, जिन्हें पास नहीं किया जा रहा है।
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हंगामे की बीच बैठक में शहर के करीब तीन करोड़ के कार्यों पर स्वीकृति दी। इसमें करीबन दो करोड़ की लागत से करीब 30 से 25 नई गलियों के निर्माण कराए जाने व 50 लाख के बजट से शहर में नई लाइट सिस्टम लगाए जाने का प्रस्ताव रखा। शहर के 16 बिंदुओं पर हाई मास्क लाइटें भी लगवाई जाएंगी। इसी तरह 25 लाख के बजट से पार्कों के रखरखाव, साफ सफाई व साधारण कार्यों के लिए निर्धारित किया गया। शहर के सभी बड़े पार्कों के अंदर ओपन जिम लगाए जाने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। शहर के सरकुलर रोड के डिवाइडर पर लगी स्ट्रीट लाइटों के टूटे पोल बदलने व सोडियम स्ट्रीट लाइटों की जगह एलईडी लाइटें लगाए जाने का प्रस्ताव भी पास किया गया।
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अनाधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत कराने के लिए भेजेंगे पत्र : शहर की अनाधिकृत कॉलोनियों को अधिकृत किए जाने के लिए सभी पार्षदों की तरफ से शहरी निकाय विभाग के डॉयरेक्टर को पत्र लिखकर इन्हें शहरी दायरे में शामिल किए जाने की मांग उठाई गई। शहर की हांसी रोड की देवनगर कॉलोनी, महम रोड की न्यू विद्यानगर कॉलोनी, तोशाम बाईपास की डाबर कॉलोनी, उत्तम नगर, बालाजी कॉलोनी को शहरी दायरे में शामिल किए जाने का प्रस्ताव रखा गया। इन कॉलोनियों में 80 फीसदी से अधिक आबादी आवासीय क्षेत्र में बदल चुकी है। जिन्हें शहरी निकाय विभाग से अधिकृत कराने के लिए डॉयरेक्टर के समक्ष पत्र भेजा जाएगा।
15 दिन के अंदर छोड़ा जाएगा बंदर व आवास कुत्ते पकड़ने का टेंडर : नगर परिषद की बैठक में सभी पार्षदों ने पुरजोर मांग उठाई कि पूरा शहर इन दिनों बंदरों के आतंक से भयभीत है। बंदरों को पकड़ने के लिए जल्द से जल्द इंतजाम किए जाएं। बैठक में प्रस्ताव पास किया गया कि नप बंदर पकड़ने के लिए वन्य प्राणी विभाग से अनुमति लेगा। पहले बंदर पकड़ने का अभियान बजट के अभाव में नहीं चल सका था।
नंदीशालाएं पहले से फुल, अब बेसहारा पशुओं को कहां छोड़े : नप बैठक में शहर को बेसहारा पशुओं से निजात दिलाने की बात चली तो नप चेयरमैन के माथे पर शिकन आ गई। नप चेयरमैन बोले पहले से ही नंदीशाला भरी पड़ी हैं, अब शहर से बेसहारा पशुओं को पकड़कर कहां छोड़े। नगर परिषद शहरवासियों को बेसहारा पशुओं की समस्या से तो निजात दिलाना चाहता हैं, मगर बेसहारा पशुओं के प्रबंधन को लेकर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं हैं।
31 में से 19 पार्षद रहे उपस्थित : बैठक में शहर के 31 वार्ड पार्षदों में से चेयरमैन रणसिंह यादव, उपाध्यक्ष मामनचंद सहित 19 पार्षद विजय, मुकेश, सुशीला देवी, ईश्वर मान, हर्षदीप, प्रवीण, दलबीर छोटू, ललित सैनी, ज्योति, सचिन जूसवाला, राजकुमार, गोविंदराम बिल्लू बादशाह, नरेंद्र सर्राफ, आकाशदीप, विजय, संदीप भारद्वाज, बलवान सिंह उपस्थित थे।
सिर्फ स्वीकृति की मोहर लगी, नहीं हुए काम
नगर परिषद की पिछली बैठक 10 सितंबर को हुई थी। जिसमें शहर के लिए अनेक प्रस्तावों पर स्वीकृति की मोहर लगी मगर काम नहीं हुए। इनमें मुख्य रूप से शहर की 10 गलियों का सवा करोड़ की राशि से निर्माण, शहर में 25 हाई मास्क लाइटें लगाना प्रमुख था। इसके अलावा पुरानी खराब लाइटों को बदले जाने का निर्णय लिया गया था।

नगर परिषद द्वारा शहर के अनाधिकृत दायरे को अधिकृत दायरे में लाने और विकास कार्यों के प्रस्तावित बजट पर चर्चा की गई। बैठक में बंदर पकड़ने के टेंडर छोड़े जाने व नई गलियों के निर्माण और स्ट्रीट लाइट का बजट भी निर्धारित किया गया है। बीआई की कार्यशैली से पार्षद नाराज हैं, जिस पर कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
- रणसिंह यादव, चेयरमैन नगर परिषद भिवानी।
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