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मेडिकल कॉलेज के निर्माण के लिए पुराने भवन को तोड़ने का कार्य शुरू
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जिला सामान्य अस्पताल परिसर के पिछले हिस्से में चिकित्सक क्वार्टर तोड़ते कर्मचारी और मौके पर मैप
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। मेडिकल कॉलेज की घोषणा के सात साल बाद सोमवार से धरातल पर कार्य शुरू हुआ। अस्पताल परिसर में पीछे की ओर बने चिकित्सक क्वार्टर को तोड़ने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जल्द ही यहां से सभी चिकित्सक क्वार्टर, स्टाफ क्वार्टर के अलावा नर्सिंग हॉस्टल को भी तोड़ा जाएगा।
अस्पताल परिसर में 320 बेड का नया छह मंजिला अस्पताल बनाने के अलावा तीन हॉस्टल बनाए जाएंगे। एक जूनियर महिला चिकित्सकों के लिए होगा तो दूसरा जूनियर पुरुष चिकित्सकों के लिए। एक हॉस्टल नर्सों के लिए रहेगा। वीटा मिल्क प्लांट के पास चयनित जगह में सात मंजिला मेडिकल कॉलेज रहेगा, जहां विद्यार्थियों की क्लास लगेंगी। वहीं पर प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए क्वार्टर होंगे। निर्माण कार्य का ठेका लेने वाली कंपनी का दावा है कि दो साल में प्रथम चरण के सभी प्रस्तावित भवन बना दिए जाएंगे। इनके निर्माण पर 450 करोड़ का अनुमानित बजट खर्च होगा।
अस्पताल परिसर रहेगा खास
अस्पताल परिसर खास रहेगा। यहां साथ लगती पशुपालन विभाग, पुरानी जेल, पुरानी तहसील की जमीन को भी शामिल किया जाएगा। यानी यहां अस्पताल परिसर का दायरा अब वैश्य कॉलेज के साथ वाले सड़क मार्ग तक होगा। स्टाफ क्वार्टर की जगह 320 बेड का नया हॉस्पिटल बनाया जाएगा। यह छह मंजिला होगा और इसके पास ही 204 कारें खड़ी करने के लिए कार पार्किंग भी होगी। अस्पताल के पीछे बने चिकित्सक क्वार्टर व स्टाफ क्वार्टर की जगह तीन हॉस्टल बनेंगे। पहला हॉस्टल छह मंजिला होगा। जिसमें 52 फ्लैट होंगे। यह जूनियर महिला चिकित्सकों के लिए होगा। दूसरा हॉस्टल पांच मंजिला होगा, जिसमें 44 फ्लैट होंगे। तीसरा हॉस्टल नर्सों के लिए होगा। यह चार मंजिला होगा और 75 नर्सों की क्षमता का होगा। अस्पताल परिसर में डीजी यार्ड, एसटीपी होगा।
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वीटा मिल्क प्लांट की जगह लगेंगी भावी शिक्षकों की क्लास
मेडिकल कॉलेज वीटा मिल्क प्लांट की जगह बनेगा। यह सात मंजिला होगा। जिसमें भावी शिक्षकों की क्लास लगेंगी। इसी परिसर में ब्वायज हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल के साथ-साथ प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए स्टाफ क्वार्टर भी बनाए जाएंगे। यहां एसटीपी भी बनेगा और एनिमल हाउस बनेगा।
पुनर्वास केंद्र की जगह होंगे स्टाफ क्वार्टर
पुनर्वास केंद्र की जगह पर प्रथम चरण में तीन बिल्डिंग बनेंगी। जिसमें पांच मंजिला भवन रेजिडेंट क्वार्टर होगा। जिसमें 12 फ्लैट होंगे। 24-24 क्वार्टर की पांच-पांच मंजिला दो भवन अलग होंगे। द्वितीय चरण में यहां सीनियर रेजिडेंट हॉस्टल, जूनियर रेजिडेंट क्वार्टर बनाए जाएंगे।
प्रेमनगर वासी कर रहे विरोध
प्रेमनगर गांव के ग्रामीण मिल्क प्लांट की जगह पर मेडिकल कॉलेज बनाने का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज के लिए प्रेमनगर गांव की जगह का चयन किया गया था और वहां चारदीवारी भी करवाई जा चुकी है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज वहीं बनाया जाए। ग्रामीण राजेश बूरा ने जगह शिफ्ट किए जाने पर हाईकोर्ट में जाने की भी चेतावनी दी है।
वर्जन-
मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य आगामी दो साल में पूरा कर लिया जाएगा। अस्पताल के पीछे बने चिकित्सक स्टाफ क्वार्टर को तोड़ने का काम शुरू कर दिया है और यहां हॉस्टल बनाए जाएंगे। हमारा प्रयास है कि निर्धारित समयावधि दो वर्ष में सारे प्रस्तावित भवन बनकर तैयार हो जाए।
चिन्मय दास, इंजीनियर, ब्रिज एंड रूफ कंस्ट्रक्शन कंपनी
मेडिकल कॉलेज के लिए स्टाफ क्वार्टर, चिकित्सक क्वार्टर खाली करवा लिए गए थे, जिन्हें अब तोड़ा जा रहा है। जल्द ही यहां नया ओपीडी भवन, हॉस्टल बनेंगे।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन
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अस्पताल परिसर में 320 बेड का नया छह मंजिला अस्पताल बनाने के अलावा तीन हॉस्टल बनाए जाएंगे। एक जूनियर महिला चिकित्सकों के लिए होगा तो दूसरा जूनियर पुरुष चिकित्सकों के लिए। एक हॉस्टल नर्सों के लिए रहेगा। वीटा मिल्क प्लांट के पास चयनित जगह में सात मंजिला मेडिकल कॉलेज रहेगा, जहां विद्यार्थियों की क्लास लगेंगी। वहीं पर प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए क्वार्टर होंगे। निर्माण कार्य का ठेका लेने वाली कंपनी का दावा है कि दो साल में प्रथम चरण के सभी प्रस्तावित भवन बना दिए जाएंगे। इनके निर्माण पर 450 करोड़ का अनुमानित बजट खर्च होगा।
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अस्पताल परिसर रहेगा खास
अस्पताल परिसर खास रहेगा। यहां साथ लगती पशुपालन विभाग, पुरानी जेल, पुरानी तहसील की जमीन को भी शामिल किया जाएगा। यानी यहां अस्पताल परिसर का दायरा अब वैश्य कॉलेज के साथ वाले सड़क मार्ग तक होगा। स्टाफ क्वार्टर की जगह 320 बेड का नया हॉस्पिटल बनाया जाएगा। यह छह मंजिला होगा और इसके पास ही 204 कारें खड़ी करने के लिए कार पार्किंग भी होगी। अस्पताल के पीछे बने चिकित्सक क्वार्टर व स्टाफ क्वार्टर की जगह तीन हॉस्टल बनेंगे। पहला हॉस्टल छह मंजिला होगा। जिसमें 52 फ्लैट होंगे। यह जूनियर महिला चिकित्सकों के लिए होगा। दूसरा हॉस्टल पांच मंजिला होगा, जिसमें 44 फ्लैट होंगे। तीसरा हॉस्टल नर्सों के लिए होगा। यह चार मंजिला होगा और 75 नर्सों की क्षमता का होगा। अस्पताल परिसर में डीजी यार्ड, एसटीपी होगा।
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वीटा मिल्क प्लांट की जगह लगेंगी भावी शिक्षकों की क्लास
मेडिकल कॉलेज वीटा मिल्क प्लांट की जगह बनेगा। यह सात मंजिला होगा। जिसमें भावी शिक्षकों की क्लास लगेंगी। इसी परिसर में ब्वायज हॉस्टल, गर्ल्स हॉस्टल के साथ-साथ प्रोफेसर, असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए स्टाफ क्वार्टर भी बनाए जाएंगे। यहां एसटीपी भी बनेगा और एनिमल हाउस बनेगा।
पुनर्वास केंद्र की जगह होंगे स्टाफ क्वार्टर
पुनर्वास केंद्र की जगह पर प्रथम चरण में तीन बिल्डिंग बनेंगी। जिसमें पांच मंजिला भवन रेजिडेंट क्वार्टर होगा। जिसमें 12 फ्लैट होंगे। 24-24 क्वार्टर की पांच-पांच मंजिला दो भवन अलग होंगे। द्वितीय चरण में यहां सीनियर रेजिडेंट हॉस्टल, जूनियर रेजिडेंट क्वार्टर बनाए जाएंगे।
प्रेमनगर वासी कर रहे विरोध
प्रेमनगर गांव के ग्रामीण मिल्क प्लांट की जगह पर मेडिकल कॉलेज बनाने का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मेडिकल कॉलेज के लिए प्रेमनगर गांव की जगह का चयन किया गया था और वहां चारदीवारी भी करवाई जा चुकी है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज वहीं बनाया जाए। ग्रामीण राजेश बूरा ने जगह शिफ्ट किए जाने पर हाईकोर्ट में जाने की भी चेतावनी दी है।
वर्जन-
मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य आगामी दो साल में पूरा कर लिया जाएगा। अस्पताल के पीछे बने चिकित्सक स्टाफ क्वार्टर को तोड़ने का काम शुरू कर दिया है और यहां हॉस्टल बनाए जाएंगे। हमारा प्रयास है कि निर्धारित समयावधि दो वर्ष में सारे प्रस्तावित भवन बनकर तैयार हो जाए।
चिन्मय दास, इंजीनियर, ब्रिज एंड रूफ कंस्ट्रक्शन कंपनी
मेडिकल कॉलेज के लिए स्टाफ क्वार्टर, चिकित्सक क्वार्टर खाली करवा लिए गए थे, जिन्हें अब तोड़ा जा रहा है। जल्द ही यहां नया ओपीडी भवन, हॉस्टल बनेंगे।
- डॉ. सपना गहलावत, सिविल सर्जन