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Bhiwani News: शाम होते ही भिवानी में छाई काली घटा, हल्की बूंदाबांदी से उमस गायब
Sun, 13 Sep 2026 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Sun, 13 Sep 2026 12:56 AM IST
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भिवानी में शाम के समय आसमान में छायी काली घटा।
भिवानी। शनिवार शाम शहर में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में काले घने बादल छा गए जिससे दिन ढलते ही अंधेरा सा नजर आने लगा। हल्की बारिश से उमस गायब हुई और तापमान में दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई।
शनिवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया था। शाम के समय बादलों की घनी परत के बीच सूर्य की सुनहरी रोशनी मनमोहक दिखाई दी। लोगों ने इस बदले मौसम को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। वहीं, जूई क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
पर्याप्त बरसात के अभाव में कपास, ग्वार, बाजरा और मूंग की फसलें चौपट होने के कगार पर हैं। खेतों में नमी खत्म होने से फसलों की बढ़वार रुक गई है और कई जगह फसलें मुरझाने लगी हैं। किसान भूप सिंह लाम्बा, राजेश, जगबीर, जयभगवान, विनोद और नरेंद्र ने खेती पर हजारों रुपये खर्च किए हैं।
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फसलों पर प्रभाव
किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। खरीफ की फसलों के लिए इस समय बारिश बेहद जरूरी है। आसमान में बादल देखकर बारिश की उम्मीद तो बंधती है, लेकिन घटाएं बिना बरसे ही निकल जाती हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग
किसानों ने जूई क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। उन्होंने सांसद धर्मबीर सिंह, कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी और पूर्व राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी से यह मांग की। किसानों ने प्रभावित खेतों में स्पेशल गिरदावरी करवाकर फसल नुकसान का आकलन करने को कहा। साथ ही, सरकार और प्रशासन से उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की गई है। किसानों के लिए आसमान में छाई घटाएं अब उम्मीद के बजाय चिंता का कारण बन गई हैं।
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शनिवार को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23.5 डिग्री रहा। शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37 डिग्री दर्ज किया गया था। शाम के समय बादलों की घनी परत के बीच सूर्य की सुनहरी रोशनी मनमोहक दिखाई दी। लोगों ने इस बदले मौसम को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया। वहीं, जूई क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बारिश न होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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पर्याप्त बरसात के अभाव में कपास, ग्वार, बाजरा और मूंग की फसलें चौपट होने के कगार पर हैं। खेतों में नमी खत्म होने से फसलों की बढ़वार रुक गई है और कई जगह फसलें मुरझाने लगी हैं। किसान भूप सिंह लाम्बा, राजेश, जगबीर, जयभगवान, विनोद और नरेंद्र ने खेती पर हजारों रुपये खर्च किए हैं।
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फसलों पर प्रभाव
किसानों को आर्थिक नुकसान की चिंता सता रही है। खरीफ की फसलों के लिए इस समय बारिश बेहद जरूरी है। आसमान में बादल देखकर बारिश की उम्मीद तो बंधती है, लेकिन घटाएं बिना बरसे ही निकल जाती हैं। किसानों का कहना है कि यदि जल्द बारिश नहीं हुई तो उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
सूखाग्रस्त क्षेत्र घोषित करने की मांग
किसानों ने जूई क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग की है। उन्होंने सांसद धर्मबीर सिंह, कैबिनेट मंत्री श्रुति चौधरी और पूर्व राज्यसभा सदस्य किरण चौधरी से यह मांग की। किसानों ने प्रभावित खेतों में स्पेशल गिरदावरी करवाकर फसल नुकसान का आकलन करने को कहा। साथ ही, सरकार और प्रशासन से उचित आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की गई है। किसानों के लिए आसमान में छाई घटाएं अब उम्मीद के बजाय चिंता का कारण बन गई हैं।