{"_id":"65b804dbe8714cd9440367a6","slug":"maharishi-valmikis-statue-unveiled-in-education-board-bhiwani-news-c-125-1-bwn1003-112413-2024-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bhiwani News: शिक्षा बोर्ड में किया महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का अनावरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bhiwani News: शिक्षा बोर्ड में किया महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का अनावरण
Tue, 30 Jan 2024 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
Updated Tue, 30 Jan 2024 01:34 AM IST
विज्ञापन
ज्ञानानंद महाराज को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित करते शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष डॉ.वीपी यादव व स
भिवानी। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड परिसर में सोमवार को महर्षि वाल्मीकि की प्रतिमा का अनावरण मुख्य अतिथि गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द महाराज ने किया। इस अवसर पर बोर्ड अध्यक्ष डॉ. वीपी यादव, बोर्ड सचिव ज्योति मित्तल, मुख्य कार्याधिकारी (अध्यक्ष) विपिन कुमार एवं बोर्ड सचिव के पिता खजांची लाल मित्तल उपस्थित रहे।
बोर्ड अध्यक्ष ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका पुराना नाम रत्नाकरदाह था, लेकिन अपने महान कार्यों के कारण वो महर्षि वाल्मीकि नाम से चर्चित हुए। उन्होंने बताया कि संत वाल्मीकि को महर्षि और आदि कवि नामक उपाधियों से भी सम्मानित किया गया है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रांगण स्थित सर्वपल्ली राधाकृष्णन लैब स्कूल में गीता उपदेश कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
कार्यक्रम का शुभांरभ गीता के श्लोकों के उच्चारण से हुआ। कार्यक्रम में स्वामी ज्ञानानन्द महाराज द्वारा गीता का हमारे जीवन में महत्ता का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गीता उपदेश मनुष्य के मन को भटकाव से एकाग्रता की ओर लेकर जाता है, जिससे मनुष्य अपने दैनिक जीवन में भी सफलता प्राप्त कर पाता है। उन्होंने कहा कि गीता हमारे देश का गौरव है, विशेष रूप से हरियाणा की धरती पर इसका अवतरण होने के कारण हरियाणा का गौरव बढ़ा है। आज के समय में गीता की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। इस अवसर पर सर्वपल्ली राधाकृष्णन लैब स्कूल में कार्यरत डॉ. हनीफ भट्टी द्वारा लिखी गई पुस्तक और हरियाणा का लोक रंगमंच का विमोचन भी स्वामी ज्ञानानंद महाराज द्वारा किया गया। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन डॉ मुरलीधर शास्त्री ने किया। बोर्ड अध्यक्ष एवं सचिव ने गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द महाराज को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
बोर्ड अध्यक्ष ने महर्षि वाल्मीकि के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका पुराना नाम रत्नाकरदाह था, लेकिन अपने महान कार्यों के कारण वो महर्षि वाल्मीकि नाम से चर्चित हुए। उन्होंने बताया कि संत वाल्मीकि को महर्षि और आदि कवि नामक उपाधियों से भी सम्मानित किया गया है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड प्रांगण स्थित सर्वपल्ली राधाकृष्णन लैब स्कूल में गीता उपदेश कार्यक्रम का आयोजन हुआ।
विज्ञापन
कार्यक्रम का शुभांरभ गीता के श्लोकों के उच्चारण से हुआ। कार्यक्रम में स्वामी ज्ञानानन्द महाराज द्वारा गीता का हमारे जीवन में महत्ता का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि गीता उपदेश मनुष्य के मन को भटकाव से एकाग्रता की ओर लेकर जाता है, जिससे मनुष्य अपने दैनिक जीवन में भी सफलता प्राप्त कर पाता है। उन्होंने कहा कि गीता हमारे देश का गौरव है, विशेष रूप से हरियाणा की धरती पर इसका अवतरण होने के कारण हरियाणा का गौरव बढ़ा है। आज के समय में गीता की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। इस अवसर पर सर्वपल्ली राधाकृष्णन लैब स्कूल में कार्यरत डॉ. हनीफ भट्टी द्वारा लिखी गई पुस्तक और हरियाणा का लोक रंगमंच का विमोचन भी स्वामी ज्ञानानंद महाराज द्वारा किया गया। कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन डॉ मुरलीधर शास्त्री ने किया। बोर्ड अध्यक्ष एवं सचिव ने गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द महाराज को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। संवाद
विज्ञापन