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कागजों में कमी मिलने पर लाइसेंस निलंबित पर फिर भी बेच रहे हैं दवा
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बिचला बाजार में लाइसेंस निलंबित होने के बावजूद खुला मेडिकल स्टोर।
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। प्रदेश में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग की ओर से कई दवा विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबित किए जाने का भी कोई असर नहीं है। कागजों में लाइसेंस निलंबित और धरातल पर धड़ल्ले से दवाइयों की बिक्री हो रही है। रिकार्ड में कमी व अन्य कारणों के चलते प्रदेश की 34 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
फूड एंड ड्रग विभाग की ओर से पिछले दिनों दवा दुकानों का निरीक्षण किया गया था, जिसके बाद विभिन्न जिलों में 34 ऐसी दुकानें थी, जिनके रिकॉर्ड व अन्य चीजों में खामियां मिलीं थीं। कुछ जगह जिसका लाइसेंस है, उसकी बजाय अन्य कोई दवा देता मिला था। ज्यादातर का रिकॉर्ड अधूरा मिला। कुछ जगह तो जिसके नाम लाइसेंस था, वो थे ही नहीं और कोई ही दवाइयां बेच रहे थे। प्रदेश में सबसे अधिक करनाल में नौ दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए। अंबाला में छह, भिवानी और फरीदाबाद में 5-5 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
आदेशों पर सक्रिय हुए स्थानीय अधिकारी
स्टेट हेड मनमोहन तनेजा को जब निलंबन के बावजूद दुकानें खुली होने और दवाइयां वितरित करने की सूचना मिली, तो उन्होंने संबंधित जिला औषधि नियंत्रक को ई-मेल और फोन कर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उच्चाधिकारी के आदेशों के बाद स्थानीय औषधि नियंत्रक भी सक्रिय हुए और दुकानों की जांच की तैयारी की। शनिवार दोपहर बाद तीन दुकानों को बंद कराया गया।
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किस जिले में कितनी दुकानों के लाइसेंस किए गए हैं निलंबित
जिला लाइसेंस निलंबन
भिवानी 05 दुकानें
यमुनानगर 01 दुकान
कैथल 02 दुकान
पंचकूला 03 दुकान
अंबाला 06 दुकान
फरीदाबाद 05 दुकान
करनाल 09 दुकान
जींद 01 दुकान
चरखी दादरी 01 दुकान
गुरुग्राम 01 दुकान
प्रदेशभर में 34 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इनमें अलग-अलग खामियां थी। किसी का रिकॉर्ड पूरा नहीं था तो किसी में कोई खामी थी। निलंबन अवधि में कोई दुकानदार दुकान खोलता है या दवाइयां बेचता है तो गलत है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में सभी औषधि नियंत्रक को सूचित कर दिया गया है। अगर इसमें किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-मनमोहन तनेजा, स्टेट हेड, खाद्य एवं औषधि एडमिनिस्ट्रेशन, पंचकूला
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फूड एंड ड्रग विभाग की ओर से पिछले दिनों दवा दुकानों का निरीक्षण किया गया था, जिसके बाद विभिन्न जिलों में 34 ऐसी दुकानें थी, जिनके रिकॉर्ड व अन्य चीजों में खामियां मिलीं थीं। कुछ जगह जिसका लाइसेंस है, उसकी बजाय अन्य कोई दवा देता मिला था। ज्यादातर का रिकॉर्ड अधूरा मिला। कुछ जगह तो जिसके नाम लाइसेंस था, वो थे ही नहीं और कोई ही दवाइयां बेच रहे थे। प्रदेश में सबसे अधिक करनाल में नौ दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए। अंबाला में छह, भिवानी और फरीदाबाद में 5-5 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
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आदेशों पर सक्रिय हुए स्थानीय अधिकारी
स्टेट हेड मनमोहन तनेजा को जब निलंबन के बावजूद दुकानें खुली होने और दवाइयां वितरित करने की सूचना मिली, तो उन्होंने संबंधित जिला औषधि नियंत्रक को ई-मेल और फोन कर तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उच्चाधिकारी के आदेशों के बाद स्थानीय औषधि नियंत्रक भी सक्रिय हुए और दुकानों की जांच की तैयारी की। शनिवार दोपहर बाद तीन दुकानों को बंद कराया गया।
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किस जिले में कितनी दुकानों के लाइसेंस किए गए हैं निलंबित
जिला लाइसेंस निलंबन
भिवानी 05 दुकानें
यमुनानगर 01 दुकान
कैथल 02 दुकान
पंचकूला 03 दुकान
अंबाला 06 दुकान
फरीदाबाद 05 दुकान
करनाल 09 दुकान
जींद 01 दुकान
चरखी दादरी 01 दुकान
गुरुग्राम 01 दुकान
प्रदेशभर में 34 दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इनमें अलग-अलग खामियां थी। किसी का रिकॉर्ड पूरा नहीं था तो किसी में कोई खामी थी। निलंबन अवधि में कोई दुकानदार दुकान खोलता है या दवाइयां बेचता है तो गलत है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में सभी औषधि नियंत्रक को सूचित कर दिया गया है। अगर इसमें किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
-मनमोहन तनेजा, स्टेट हेड, खाद्य एवं औषधि एडमिनिस्ट्रेशन, पंचकूला