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Bhiwani News: पानी की कमी से बढ़ रहा यूरिन संक्रमण, पेशाब में जलन व पेट दर्द से जूझ रहे मरीज
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मेडिकल कॉलेज में दवा वितरण केंद्र पर मौजूद मरीज।
भिवानी। पानी की कमी के कारण लोगों में यूरिन संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं जिससे पेशाब में जलन, पेट दर्द और अन्य समस्याएं सामने आ रही हैं। शहर के पंडित नेकीराम शर्मा राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में रोजाना ऐसे मरीजों की संख्या में इजाफा दर्ज किया जा रहा है।
सामान्य रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 350 मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं जिनमें से औसतन 45 से 50 मरीज यूरिन संक्रमण और पत्थरी दर्द से पीड़ित होते हैं। यूरिन संक्रमण पूरे मूत्र तंत्र को प्रभावित करता है जिसमें किडनी (गुर्दे), मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्र मार्ग शामिल हैं।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. यतिन गुप्ता के अनुसार पानी कम पीने की आदत इस समस्या का प्रमुख कारण बन रही है। उन्होंने बताया कि पर्याप्त पानी न पीने से पेशाब कम आता है जिससे शरीर में विषैले तत्व बाहर नहीं निकल पाते और गुर्दों में पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है। यही पथरी आगे चलकर संक्रमण का कारण बनती है।
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उन्होंने कहा कि संक्रमण के कारण मरीजों को पेशाब करते समय जलन, दर्द और असहजता महसूस होती है। ऐसे में समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। चिकित्सकों ने लोगों को दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, पेशाब न रोकने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है ताकि मूत्र मार्ग में किसी प्रकार की रुकावट न हो और संक्रमण से बचाव किया जा सके।
यूरिन संक्रमण के लक्षण
पेशाब करते समय जलन।
पेट के निचले हिस्से में दर्द।
कमर दर्द।
बदबूदार पेशाब आना।
ठंड लगना।
बुखार आना।
संक्रमण होने के कारण
पानी कम पीना।
पेशाब रोक कर रखना।
कमजोर इम्युन सिस्टम।
सर्जरी या लंबे समय तक बिस्तर पर आराम करना।
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सामान्य रोग विशेषज्ञ की ओपीडी में प्रतिदिन करीब 350 मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं जिनमें से औसतन 45 से 50 मरीज यूरिन संक्रमण और पत्थरी दर्द से पीड़ित होते हैं। यूरिन संक्रमण पूरे मूत्र तंत्र को प्रभावित करता है जिसमें किडनी (गुर्दे), मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्र मार्ग शामिल हैं।
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वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. यतिन गुप्ता के अनुसार पानी कम पीने की आदत इस समस्या का प्रमुख कारण बन रही है। उन्होंने बताया कि पर्याप्त पानी न पीने से पेशाब कम आता है जिससे शरीर में विषैले तत्व बाहर नहीं निकल पाते और गुर्दों में पथरी बनने की संभावना बढ़ जाती है। यही पथरी आगे चलकर संक्रमण का कारण बनती है।
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उन्होंने कहा कि संक्रमण के कारण मरीजों को पेशाब करते समय जलन, दर्द और असहजता महसूस होती है। ऐसे में समय रहते सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। चिकित्सकों ने लोगों को दिनभर में पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, पेशाब न रोकने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है ताकि मूत्र मार्ग में किसी प्रकार की रुकावट न हो और संक्रमण से बचाव किया जा सके।
यूरिन संक्रमण के लक्षण
पेशाब करते समय जलन।
पेट के निचले हिस्से में दर्द।
कमर दर्द।
बदबूदार पेशाब आना।
ठंड लगना।
बुखार आना।
संक्रमण होने के कारण
पानी कम पीना।
पेशाब रोक कर रखना।
कमजोर इम्युन सिस्टम।
सर्जरी या लंबे समय तक बिस्तर पर आराम करना।