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Bhiwani News: क्षेत्रीय रूटों पर बसों की कमी, खतरे से भरा घर से कॉलेज तक का सफर
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हरियाणा शिक्षा बोर्ड कार्यालय के पास रोडवेज और प्रावइेट बस की खिड़की पर लटककर सफर करते विद्यार्?
- फोटो : Bhiwani
भिवानी। ग्रामीण रूटों पर बसों की कमी का खामियाजा शहर में पढ़ने के लिए आने वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। विद्यार्थी पायदान पर लटककर खतरे से भरा सफर कर घर से स्कूल-कॉलेज तक पहुंच रहे हैं। विद्यार्थियों का ये सफर कभी भी उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है, मगर मजबूरी में जिंदगी भी दाव पर लग रही है। हालांकि भिवानी में पांच पिंक बसें छात्राओं के लिए हैं, लेकिन इन पिंक बसों में भी सामान्य मुसाफिर सफर कर रहे हैं। जिले में फिलहाल रोडवेज विभाग के पास 147 बसें हैं। मगर विभाग के पास 175 बसें होनी चाहिए।
भिवानी जिले में करीब साढ़े 12 हजार से अधिक विद्यार्थियों के पास रोडवेज बस पास हैं। इससे कहीं अधिक छात्राएं कहने के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त सफर करती हैं, मगर उनका ये सफर कितना सुरक्षित है, इसी की एक बानगी सेक्टर 13 मोड़ पर रोजाना देखने को मिलती है। कॉलेज से निकलते ही उनका जोखिम का सफर शुरू हो जाता है। छात्राएं बसों में अन्य विद्यार्थियों के साथ पायदान पर लटककर घर तक पहुंचती हैं। सुबह भी वे इसी हालात में घर से कॉलेज तक आती हैं।
इन रूटों पर बनी सबसे अधिक परेशानी
क्षेत्रीय रूटों में सबसे अधिक परेशानी ढिगावा से वाया इंदीवाली, लालावास से भिवानी जाने वाले मार्ग पर, बहल से वाया कैरू से भिवानी जाने वाले मार्ग पर, द्वारका से वाया आसलवास से भिवानी मार्ग, सूई से वाया बलियाली से भिवानी मार्ग पर अधिक समस्या है। वहीं नंदगांव बाया नरसिंहवास से भिवानी मार्ग, झोझू से वाया छपार होकर भिवानी मार्ग पर, जींद से वाया मुंढाल, हांसी से वाया बवानीखेड़ा, भिवानी, कलानौर से वाया खरक से भिवानी मार्ग, दादरी से वाया कितलाना से भिवानी मार्ग पर सबसे अधिक समस्या रहती है।
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सेक्टर मोड़ पर बस नहीं रुकने भी बड़ी परेशानी
राजीव गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय, सीबीएलयू, महाराजा नीमपाल सिंह राजकीय महाविद्यालय, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में पढ़ाने वाले विद्यार्थियों को दोपहर की छुट्टी होने के बाद बस स्टैंड जाना होता है। यहां हांसी, हिसार, जींद की ओर से आने वाली बस आती है मगर अधिकतर बसें यहां रुकती नहीं है। काफी विद्यार्थी बसों के पीछे दूर तक भागते हैं। कई बार सेक्टर मोड़ पर विद्यार्थी जाम भी लगा चुके हैं मगर अब तक बस रुकना ठीक से शुरू नहीं हो पाया है।
कई रूटों पर बसों की कमी चल रही है। हालांकि इन रूटों पर बसों की व्यवस्था करने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले नौ नई बसें आई थी जिन्हें रूटों पर लगाया गया है। जब भी बसें आएंगी उन्हें क्षेत्रीय रूटों पर लगाकर इस समस्या से निजाद दिलाने का कार्य किया जाएगा।
- भरत सिंह परमार, यातायात प्रबंधक, रोडवेज डिपो भिवानी।
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भिवानी जिले में करीब साढ़े 12 हजार से अधिक विद्यार्थियों के पास रोडवेज बस पास हैं। इससे कहीं अधिक छात्राएं कहने के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त सफर करती हैं, मगर उनका ये सफर कितना सुरक्षित है, इसी की एक बानगी सेक्टर 13 मोड़ पर रोजाना देखने को मिलती है। कॉलेज से निकलते ही उनका जोखिम का सफर शुरू हो जाता है। छात्राएं बसों में अन्य विद्यार्थियों के साथ पायदान पर लटककर घर तक पहुंचती हैं। सुबह भी वे इसी हालात में घर से कॉलेज तक आती हैं।
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इन रूटों पर बनी सबसे अधिक परेशानी
क्षेत्रीय रूटों में सबसे अधिक परेशानी ढिगावा से वाया इंदीवाली, लालावास से भिवानी जाने वाले मार्ग पर, बहल से वाया कैरू से भिवानी जाने वाले मार्ग पर, द्वारका से वाया आसलवास से भिवानी मार्ग, सूई से वाया बलियाली से भिवानी मार्ग पर अधिक समस्या है। वहीं नंदगांव बाया नरसिंहवास से भिवानी मार्ग, झोझू से वाया छपार होकर भिवानी मार्ग पर, जींद से वाया मुंढाल, हांसी से वाया बवानीखेड़ा, भिवानी, कलानौर से वाया खरक से भिवानी मार्ग, दादरी से वाया कितलाना से भिवानी मार्ग पर सबसे अधिक समस्या रहती है।
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सेक्टर मोड़ पर बस नहीं रुकने भी बड़ी परेशानी
राजीव गांधी राजकीय महिला महाविद्यालय, सीबीएलयू, महाराजा नीमपाल सिंह राजकीय महाविद्यालय, राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में पढ़ाने वाले विद्यार्थियों को दोपहर की छुट्टी होने के बाद बस स्टैंड जाना होता है। यहां हांसी, हिसार, जींद की ओर से आने वाली बस आती है मगर अधिकतर बसें यहां रुकती नहीं है। काफी विद्यार्थी बसों के पीछे दूर तक भागते हैं। कई बार सेक्टर मोड़ पर विद्यार्थी जाम भी लगा चुके हैं मगर अब तक बस रुकना ठीक से शुरू नहीं हो पाया है।
कई रूटों पर बसों की कमी चल रही है। हालांकि इन रूटों पर बसों की व्यवस्था करने के लिए कार्य किए जा रहे हैं। कुछ दिन पहले नौ नई बसें आई थी जिन्हें रूटों पर लगाया गया है। जब भी बसें आएंगी उन्हें क्षेत्रीय रूटों पर लगाकर इस समस्या से निजाद दिलाने का कार्य किया जाएगा।
- भरत सिंह परमार, यातायात प्रबंधक, रोडवेज डिपो भिवानी।