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Bhiwani News: बैंक लॉकर से फर्जी हस्ताक्षर कर आभूषण चोरी, प्राथमिकी दर्ज
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भिवानी। शहर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की विकास नगर शाखा के लॉकर से जुड़ा धोखाधड़ी मामले में औद्योगिक पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज हुई है। भारत नगर निवासी प्राथमिक लॉकर धारक पूजा गौड़ की शिकायत पर लॉकर में कथित तौर पर जालसाजी, फर्जी हस्ताक्षर और आपराधिक षड्यंत्र रचकर लॉकर में रखी गई ज्वैलरी व मूल्यवान वस्तुएं निकाल लेने का मामला दर्ज किया गया है।
यह मामला जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री के समक्ष भी गूंजा था। जिस पर मंत्री ने संबंधित पर एफआईआर के आदेश दिए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार उनके पति चिराग गौड़ का कोविड-19 महामारी के दौरान निधन हो गया था।
भारतीय रिजर्व बैंक के नियमानुसार पुराने लॉकर एग्रीमेंट को संशोधित किया जाना था। आरोप है कि इसी पृष्ठ भूमि का फायदा उठाते हुए 15 नवंबर 2022 को बैंक रिकॉर्ड में संशोधित लॉकर एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिसमें उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए।
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जबकि शिकायतकर्ता का कहना है कि उस दिन वह केंद्रीय विद्यालय हिसार कैंट में अपनी राजकीय ड्यूटी पर थीं और उन्होंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए। पीड़िता का आरोप है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक गोपाल कृष्ण और तत्कालीन बैंक अधिकारी संजय सुनारिया की मिलीभगत से लॉकर की सह-धारक कमलकांता और समंदर सिंह के साथ मिलकर यह पूरा फर्जीवाड़ा किया गया।
बैंक रिकॉर्ड में वास्तविक हस्ताक्षर के स्थान पर जाली हस्ताक्षर स्वीकार करवाए गए। इसके अलावा, बैंक लॉकर ऑपरेशन रजिस्टर में पहचान बदलने के लिए अनधिकृत व्यक्ति समंदर सिंह की फोटो लगाकर हेराफेरी की गई, ताकि लॉकर ऑपरेट किया जा सके और शिकायतकर्ता की ज्वैलरी निकाली जा सके। संवाद
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यह मामला जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री के समक्ष भी गूंजा था। जिस पर मंत्री ने संबंधित पर एफआईआर के आदेश दिए थे। शिकायतकर्ता के अनुसार उनके पति चिराग गौड़ का कोविड-19 महामारी के दौरान निधन हो गया था।
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भारतीय रिजर्व बैंक के नियमानुसार पुराने लॉकर एग्रीमेंट को संशोधित किया जाना था। आरोप है कि इसी पृष्ठ भूमि का फायदा उठाते हुए 15 नवंबर 2022 को बैंक रिकॉर्ड में संशोधित लॉकर एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिसमें उनके फर्जी हस्ताक्षर किए गए।
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जबकि शिकायतकर्ता का कहना है कि उस दिन वह केंद्रीय विद्यालय हिसार कैंट में अपनी राजकीय ड्यूटी पर थीं और उन्होंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं किए। पीड़िता का आरोप है कि तत्कालीन शाखा प्रबंधक गोपाल कृष्ण और तत्कालीन बैंक अधिकारी संजय सुनारिया की मिलीभगत से लॉकर की सह-धारक कमलकांता और समंदर सिंह के साथ मिलकर यह पूरा फर्जीवाड़ा किया गया।
बैंक रिकॉर्ड में वास्तविक हस्ताक्षर के स्थान पर जाली हस्ताक्षर स्वीकार करवाए गए। इसके अलावा, बैंक लॉकर ऑपरेशन रजिस्टर में पहचान बदलने के लिए अनधिकृत व्यक्ति समंदर सिंह की फोटो लगाकर हेराफेरी की गई, ताकि लॉकर ऑपरेट किया जा सके और शिकायतकर्ता की ज्वैलरी निकाली जा सके। संवाद